मछुआरा समाज मे प्रमाण पत्र जारी ना होने से रोषः डा.संजय निषाद
मुजफ्फरनगर। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.संजय कुमार निषाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनाने का आदेश जो 24 जून को जारी किया गया। जिसमे 14 प्रतिशत आबादी अति पिछडी जातियो,अनूसूचित जातियो के जो हकदार हैं। जिनके लिए हाईकोर्ट के आदेश 29 मार्च 2017 को मानकर भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो फैसला लिया है वो निचले स्तर पर माना नही जा रहा है।
तीन सप्ताह होने को आए हैं लेकिन अधिकारी टालमटोली कर रहे हैं।
मेरठ रोड पर पीडब्लूडी डाक बंगले पर पत्रकारो से बातचीत करते हुए संजय कुमार निषाद ने बताया कि 24 जून के शासनादेश के अनुसार प्रमाण पत्र निर्गत करने का प्रदेश के सभी जिलाधिकारियो को आदेश दिया गया है। जिसे जिलो मे लागू कराने केेेेे लिए पार्टी तहसील स्तर पर भी प्रयास कर रही है। उन्होने आरोप लगाते हुए बताया कि सतीश मिश्रा ने सदन को गुमराह करने का प्रयास किया है।जिसका सामान्य अवधी मे पार्टी के सांसदो ने भरपूर विरोध किया है।
बाद मे रालोद ने भी इस प्रकरण से पल्ला झाड लिया। उन्होने बताया कि वे अपनी 17 जाति के लोगो को जागरूक करने आए हैं। ताकि सभी को प्रमाण पत्र जारी हो सकें। उन्होने भाजपा की नियत को साफ बताते हुए कहा कि यद्यपि विधानसभा चुनावो मे अभी समय है। अपफसरशाही इसमे अडंगा लगा रही है।
उन्होने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मछुआ विरोधी मानसिकता वाले अधिकारियो को पदमुक्त किया जाए। उन्होने सारे मामले के लिए पिछली सरकारो पर आरोप लगाए। प्रेसवार्ता मे प्रान्तीय अध्यक्ष देवेन्द्र कश्यप, राष्ट्रीय सचिव नरेश कश्यप, राकेश कश्यप, राजपाल कश्यप, ओमपाल कश्यप, अमित कश्यप, कृष्णपाल, दीपक, नीरज, मनोज कश्यप आदि मौजूद रहे।
