उत्तर प्रदेश

सनातन संस्कृति अमर है: Acharya Pramod Krishnam बोले – “जो मिटाने निकले, वे खुद मिट गए, सनातन आज भी लहरा रहा है परचम”🌸

मुजफ्फरनगर में आध्यात्मिक वातावरण उस समय और प्रखर हो उठा जब श्री कल्कि पीठाधीश्वर धाम के आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने सनातन संस्कृति की महानता पर अपने विचार व्यक्त किए। गांधीनगर स्थित आवास पर स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल से भेंट के बाद पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और इसे नष्ट करने के असंख्य प्रयास हुए, परंतु यह संस्कृति हर युग में और अधिक सशक्त होकर पुनर्जीवित होती रही है।

उन्होंने कहा — “यह भूमि हिंदू भूमि है, और सबसे पहले यहां जन्म लेने वाला हिंदू ही होता है। सनातन धर्म सिर्फ धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और शाश्वत पद्धति है, जो आज भी विश्व को दिशा दे रही है।”


🌺राम मंदिर बना सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापना का प्रतीक – आचार्य ने कहा, ‘अब कांशी-मथुरा की बारी’

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक विजय नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा की पुनर्स्थापना है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने भी सनातन संस्कृति की अस्मिता को मान्यता दी, और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण इसका प्रमाण है।

उन्होंने कहा, “हिंदू समाज अब न्यायालय के अगले निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है। हमारी आशा है कि शीघ्र ही कांशी और मथुरा के विषय में भी न्यायालय से सकारात्मक फैसला आए और वहां भी राम मंदिर की तरह भव्य मंदिरों का निर्माण हो सके।”


🕉️सनातन संस्कृति – समय की कसौटी पर हमेशा खरी उतरी

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि सनातन संस्कृति इतनी प्राचीन है कि किसी भी सत्ता, विचारधारा या कालखंड ने इसे कमजोर नहीं किया। उन्होंने कहा, “यह संस्कृति मिटाने वालों को भी जीवन का पाठ पढ़ाती है। चाहे मुगलकाल हो, ब्रिटिश शासन या आधुनिक राजनीति – सनातन हमेशा अडिग रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि सनातन संस्कृति अहिंसा, प्रेम, धर्म, कर्म और करुणा के सिद्धांतों पर आधारित है। यह केवल हिंदुओं की नहीं बल्कि मानवता की संस्कृति है। इसी कारण विश्व के अनेक देश आज भारत की आध्यात्मिक परंपरा की ओर लौट रहे हैं।


⚖️न्यायालय ने भी दिया सनातन पर विश्वास – अयोध्या निर्णय ऐतिहासिक कदम

आचार्य ने कहा कि जब उच्चतम न्यायालय ने राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला सुनाया, तो यह केवल एक कानूनी निर्णय नहीं था बल्कि सनातन संस्कृति के प्रति एक ऐतिहासिक न्याय था। उन्होंने कहा कि अब जब अयोध्या में रामलला विराजमान हैं, तो हिंदू समाज की श्रद्धा और भी दृढ़ हो गई है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कांशी और मथुरा के संबंध में भी शीघ्र ही निर्णय आने की अपेक्षा है। “जैसे अयोध्या में न्याय हुआ, वैसे ही अब कृष्ण जन्मभूमि और विश्वनाथ धाम में भी सनातन की ज्योति प्रज्ज्वलित होगी,” उन्होंने कहा।


🗣️राजनीति पर तीखा प्रहार – “सपा अराजकतावादी, कांग्रेस ने देश की संपत्ति लूटी”

वार्ता के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा (समाजवादी पार्टी) के शासनकाल में अराजकता अपने चरम पर थी, जबकि कांग्रेस पार्टी ने देश में परिवारवाद को बढ़ावा दिया और जनता के संसाधनों का दुरुपयोग किया।

उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी भाजपा को वोट चोर बताते हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि उनके परिवार ने सत्ता और संपत्ति का निजीकरण किया।”

आचार्य ने कहा कि वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारें भ्रष्टाचार और परिवारवाद से मुक्त शासन दे रही हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में अब अराजकता नहीं रही, और भ्रष्टाचार पर कड़ा अंकुश लगा है।


🪔“देश की जनता विपक्षी दलों की मंशा समझ चुकी है” – आचार्य प्रमोद कृष्णम

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का लक्ष्य केवल भाजपा को सत्ता से बाहर करना है, लेकिन देश की जनता अब जागरूक और राष्ट्रवादी भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह भाजपा फिर से जनादेश प्राप्त करेगी

आचार्य ने कहा कि जब तक सनातन संस्कृति जिंदा है, तब तक भारत को कोई कमजोर नहीं कर सकता। “यह राष्ट्र धर्म से चलता है, और धर्म वही है जो सबको जोड़ता है, तोड़ता नहीं।”


🕍संभल में होगा कल्कि अवतार – मंदिर निर्माण आरंभ, प्रधानमंत्री ने किया शिलान्यास

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि संभल में शास्त्रों के अनुसार कल्कि अवतार होगा, और उसी के अनुरूप कल्कि मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ हो चुका है।

उन्होंने बताया कि बीते वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मंदिर का शिलान्यास किया था। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी भारत की नई पहचान बनेगा।

उन्होंने कहा, “कल्कि अवतार वह समय है जब अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना होगी। यह भारत का सौभाग्य है कि यह दिव्य युग फिर से इसी भूमि पर प्रारंभ होगा।”


🌼कार्यक्रम में उपस्थित रहे अनेक गणमान्य – आध्यात्मिक और राजनीतिक एकता का संगम

इस अवसर पर राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, सीए अजय अग्रवाल, विशाल गर्ग सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने आचार्य प्रमोद कृष्णम के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि सनातन धर्म भारत की पहचान है, और इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।


🇮🇳“सनातन धर्म – भारत की आत्मा, विश्व की आशा”

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अंत में कहा कि “भारत का उत्थान तभी संभव है जब हर नागरिक अपने धर्म, संस्कृति और मूल्यों पर गर्व करे। सनातन संस्कृति ने हमें सत्य, संयम, सेवा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया है। यह संस्कृति केवल अतीत नहीं, बल्कि हमारे भविष्य की दिशा है।”


आचार्य प्रमोद कृष्णम का यह बयान केवल धार्मिक भावनाओं का प्रतिबिंब नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की पुकार है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सनातन धर्म अमर है, और जो इसे मिटाने निकले, इतिहास ने उन्हें भुला दिया।” इस मौके पर मुजफ्फरनगर में सनातन संस्कृति के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

 

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