Agra: न्यूड वीडियो कॉल में परेशान, 50 वर्षीय महिला ने उठाई आवाज: पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
Agra: बीस साल की महिला को न्यूड वीडियो कॉल कर परेशान करने वाला अद्भुत पुरुष दिखा, जिसने उसे गालीगलौज से भी नहीं बख्शा। उसने नहीं किया तो फिर व्हाट्सएप पर भी अश्लील वीडियो भेज दिए। इस मामले में थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज किया गया है, जहां पुलिस आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
शिकायतकर्ता महिला, जो शादियों में पूड़ी बेलने का काम करती हैं, ने बताया कि 26 नवंबर को शाम 5:30 बजे एक वीडियो कॉल ने उसे परेशान किया। घर में उसकी 12 वर्षीय बेटी और धेवती भी मौजूद थीं। धेवती को ध्यान में रखते हुए उसने कॉल रिसीव किया, लेकिन उसका दिल तोड़ने वाला दृश्य देखकर वह तत्पर हो गईं।
एक युवक बिना कपड़ों के खड़ा था और उसने बेहूदा व्यवहार किया। धेवती ने तत्काल मोबाइल बेटी को दे दिया, परंतु अश्लील वीडियो ने उसे घबरा दिया। कॉल को काटा, नंबर ब्लॉक किया, फिर भी युवक ने वायस कॉल किया और गालीगलौज किया।
घटना की जानकारी मिलते ही महिला ने पुलिस को सूचित किया, और वह आरोपी की पहचान के लिए पुलिस के साथ मिली। आरोपी का पता व्हाट्सएप डीपी से लगा, जिसमें पता चला कि वह नगला पाटम का निवासी है। इससे पहले भी उसने शादी समारोह में मुलाकात की थी, जिसमें विवाद हुआ था।
इस घटना ने महिला को बहुत शर्मिंदा कर दिया है और वह अब डर के बजाय अपने अधिकार की रक्षा के लिए सख्ती से उतरी हैं। पुलिस जल्दी ही आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है ताकि ऐसे अभद्र कृत्यों को रोका जा सके।
समाज में इस मुद्दे का विवेचन करते हुए यह स्पष्ट होता है कि ऐसे अभद्र और अवैध कृत्यों के कारण महिलाएं अधिकारहीन महसूस कर रही हैं। न्यूड वीडियो कॉल के माध्यम से यहाँ तक कि गालीगलौज और धमकियों तक, इस महिला ने इस मुद्दे की भारी शिकायत की है, जिससे उसकी ज़िन्दगी में भीषण परिवर्तन हो रहा है।
इस घटना ने समाज में बेहद चिंता और उत्तेजना पैदा की है, जो इस प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ सशक्त और सुरक्षित समाज की मांग को मजबूत कर रहा है। ऐसे कृत्यों के खिलाफ खड़ा होकर समाज को जागरूक करना और इस प्रकार के अपराधों का समर्थन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस मामले में पुलिस की तत्परता से आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है ताकि ऐसे अधिकार उल्लंघनों को रोका जा सके और ज़िम्मेदार व्यक्तियों को सजा मिल सके।
इस घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि समाज में सुरक्षित और सहमत वातावरण की ज़रूरत है ताकि महिलाएं और लड़कियां अपने अधिकारों का समृद्धि से उपयोग कर सकें और इस तरह के अत्याचारों के खिलाफ सजग रह सकें।

