Pulwama Attack से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान में हत्या, मुजफ्फराबाद से आरोपी गिरफ्तार
News-Desk
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हमजा बुरहान की हत्या के बाद पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र में हलचल मच गई है। CTD ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या में इस्तेमाल हथियार वही है या नहीं, जो आरोपी के पास से बरामद हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के दौरान मौजूद दो अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
AIMS कॉलेज के बाहर हुई थी हमजा बुरहान की हत्या
न्यूज एजेंसी के अनुसार गुरुवार को मुजफ्फराबाद स्थित AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने हमजा बुरहान पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में तीन गोलियां उसके सिर में लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
बताया जा रहा है कि हमजा भारी सुरक्षा घेरे में रहता था। उसके पास कमांडो सुरक्षा, बुलेटप्रूफ वाहन और एस्कॉर्ट गाड़ियां भी मौजूद थीं। इसके बावजूद हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
पुलवामा हमले से जुड़ा था हमजा बुरहान
हमजा बुरहान का नाम 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले से जोड़ा जाता रहा है। इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे।
उस समय श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर लेथपोरा इलाके में विस्फोटकों से भरी SUV को CRPF के काफिले से टकरा दिया गया था। धमाका इतना भीषण था कि कई बसों के परखच्चे उड़ गए थे।
बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में जैश-ए-मोहम्मद और उसके नेटवर्क का नाम सामने आया था।
भारत ने 2022 में घोषित किया था आतंकी
भारत सरकार ने 2022 में हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था। उसका असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार बताया गया था और वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वह पहले आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा था और बाद में दूसरे आतंकी नेटवर्क के लिए काम करने लगा।
जांच एजेंसियों के मुताबिक वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने, भर्ती कराने और आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों में भी सक्रिय था।
पाकिस्तान जाकर बना सक्रिय आतंकी कमांडर
जानकारी के अनुसार हमजा कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था, जहां जाकर वह आतंकी संगठन अल बद्र में शामिल हो गया। बाद में वह संगठन का सक्रिय कमांडर बन गया और पाकिस्तान से ही आतंकी गतिविधियों को संचालित करने लगा।
भारतीय एजेंसियों के अनुसार वह सोशल मीडिया और नेटवर्किंग के जरिए युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाता था।
उस पर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों और ग्रेनेड हमलों में शामिल होने के आरोप भी लगे थे।
बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी माना जाता था
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा बुरहान का संबंध घाटी के कई कुख्यात आतंकियों से रहा था। उसे Burhan Wani, अबू दुजाना, अबू कासिम और Zakir Musa का करीबी सहयोगी माना जाता था।
बुरहान वानी की 2016 में हुई मौत के बाद घाटी में लंबे समय तक हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए थे। वहीं जाकिर मूसा भी बाद में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया था।
हमजा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से करीबी संबंध रखने वाला भी बताया जाता रहा है।
इस्लामाबाद में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा बुरहान को इस्लामाबाद के बर्मा टाउन स्थित फातिमा स्कूल परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
उसकी मौत के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस मामले में सीमित आधिकारिक जानकारी ही सामने आई है।
पिछले चार महीनों में पाकिस्तान में कई आतंकियों की संदिग्ध मौतें
हमजा बुरहान की हत्या ऐसे समय में हुई है जब पिछले चार महीनों में पाकिस्तान में कई बड़े आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है।
इनमें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े मोहम्मद कासिम गुज्जर, जैश-ए-मोहम्मद कमांडर सलमान अजहर, लश्कर कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी और हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर सज्जाद अहमद जैसे नाम शामिल हैं।
ज्यादातर मामलों में अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारने या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबरें सामने आईं, हालांकि कई मामलों में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
आतंकवाद और सीमा पार नेटवर्क पर फिर बढ़ी चर्चा
हमजा बुरहान की हत्या के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और सीमा पार आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय चर्चा तेज हो गई है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और PoK में लंबे समय से सक्रिय आतंकी ढांचे पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। कई आतंकी संगठनों के प्रमुख सदस्यों की मौत और गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ा दी है।

