Baghpat Sugar Mill Gas Leak: बड़ौत की मलकपुर शुगर मिल के ईटीपी प्लांट में जहरीली गैस से सिक्योरिटी गार्ड की मौत, पांच मजदूर बेहोश











उत्तर प्रदेश के Baghpat/Baraut क्षेत्र स्थित मलकपुर शुगर मिल के ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में मंगलवार शाम गैस रिसाव की घटना से बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने पहुंचे पांच मजदूर बेहोश हो गए। घटना के बाद मिल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अन्य मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय मिल परिसर में करीब 30 से अधिक मजदूर मौजूद थे, जो किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
लाइट जलाते ही गिर पड़े सिक्योरिटी गार्ड, प्लांट में फैल गई घातक गैस
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरेश शर्मा मंगलवार शाम ईटीपी प्लांट में ड्यूटी के दौरान लाइट जलाने पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने स्विच ऑन किया, अचानक उन्हें घुटन महसूस हुई और वह कुछ कदम चलने के बाद प्लांट के भीतर ही गिर पड़े।
उनकी चीख सुनकर पास में काम कर रहे मजदूर मदद के लिए दौड़े, लेकिन जहरीली गैस के प्रभाव से वे भी एक-एक कर बेहोश होते चले गए।
बचाने पहुंचे मजदूर भी हुए बेहोश, साथियों ने जोखिम उठाकर निकाला बाहर
सुरेश शर्मा को उठाने के लिए पहुंचे प्रदीप, हामिद, साकिब, अमरनाथ और दीपक भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अन्य मजदूरों ने अपने चेहरों पर कपड़ा बांधकर अंदर प्रवेश किया और बेहोश साथियों को किसी तरह बाहर खींचकर निकाला।
इसके बाद सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुरेश शर्मा को मृत घोषित कर दिया।
दो मजदूरों की हालत गंभीर, मेरठ मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
हादसे में घायल हामिद और साकिब की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जबकि अन्य मजदूरों का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार गैस के प्रभाव से सांस लेने में गंभीर दिक्कत उत्पन्न हुई थी, जिसके कारण स्थिति अधिक गंभीर हो गई।
परिजनों ने मिल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही मृतक सुरेश शर्मा के परिजन अस्पताल पहुंच गए और मिल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। उनका कहना था कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह हादसा हुआ है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा और परिजनों को समझाकर शांत कराया गया।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शुरू कराई जांच
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय, तहसीलदार श्वेताभ सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि ईटीपी प्लांट में मौजूद मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों की अधिकता जानलेवा साबित हो सकती है।
पुलिस के अनुसार पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साथी मजदूरों ने दिखाई साहसिक कोशिश, बचाने में लगाते रहे जान की बाजी
घटना के दौरान साथी मजदूरों ने सुरेश शर्मा की जान बचाने के लिए लगातार प्रयास किए। कई मजदूर जोखिम उठाकर प्लांट के अंदर जाते रहे और बेहोश होकर गिरते रहे।
आखिरकार अन्य मजदूरों ने हिम्मत जुटाकर चेहरे पर कपड़े बांधकर अंदर प्रवेश किया और सभी घायलों को बाहर निकालने में सफलता हासिल की, जिससे कई लोगों की जान बच सकी।
पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी चल रहा था मिल का कार्य
बताया गया कि मलकपुर शुगर मिल का पेराई सत्र एक अप्रैल को समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद प्लांट परिसर में तकनीकी कार्य जारी था। इसी दौरान यह हादसा सामने आया।
शाम के समय अंधेरा होने पर लाइट जलाने के लिए प्लांट में प्रवेश करते ही गैस का प्रभाव सामने आया और कुछ ही मिनटों में स्थिति गंभीर हो गई।
औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईटीपी प्लांट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में गैस मॉनिटरिंग और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक होती है।
स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।










