Canada ना ‘ड्रग्स हब’! ट्रूडो सरकार के बाद खुला बड़ा राज, 50 हजार मौतों का चौंकाने वाला खुलासा
ओटावा/नई दिल्ली: Canada में जस्टिन ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रॉयल कैनेडियन पुलिस ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि देश में ड्रग्स का संकट भयावह स्तर पर पहुंच चुका है। बीते 9 वर्षों में ड्रग्स के ओवरडोज के चलते 50,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इससे न सिर्फ कनाडा बल्कि अमेरिका और अन्य देशों की सुरक्षा एजेंसियां भी चिंता में पड़ गई हैं।
कैसे बना कनाडा ड्रग्स तस्करी का अंतरराष्ट्रीय हब?
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रूडो सरकार की नीतियों ने इस स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। पूर्ववर्ती सरकार ने नशीले पदार्थों से जुड़े कानूनों में ढील दी, जिससे संगठित अपराधियों को खुली छूट मिल गई। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आज कनाडा में करीब 4000 से अधिक संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जिनमें से अधिकांश ड्रग्स तस्करी में लिप्त हैं।
चीन से जुड़े हैं कनाडा के ड्रग्स नेटवर्क के तार
रॉयल कैनेडियन पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कनाडा के ड्रग्स सिंडिकेट का सीधा संबंध चीन से है। बताया जा रहा है कि कनाडा में ड्रग्स की सप्लाई में एशियाई मूल के तस्करों का दबदबा है। अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने इस मामले में ‘सैम गोर’ नामक बड़े तस्कर नेटवर्क की जानकारी इकट्ठा की है, जिसका सीधा संबंध चीनी एजेंसियों और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों से बताया जा रहा है।
फेंटेनाइल बना ‘मौत का सामान’, 200% बढ़ीं ओवरडोज मौतें
विशेषज्ञों के अनुसार, फेंटेनाइल नामक घातक ड्रग्स की तस्करी कनाडा में सबसे ज्यादा हो रही है। यह एक सिंथेटिक ओपिओइड है जो हेरोइन से 50 गुना अधिक शक्तिशाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 के बाद से ड्रग्स ओवरडोज से मौतों की संख्या में 200% की बढ़ोतरी हुई है।
कैसे मिली ड्रग्स तस्करों को खुली छूट?
कनाडा में ड्रग्स माफिया को इतनी ताकत इसलिए मिली क्योंकि ट्रूडो सरकार ने नशा तस्करों के लिए अनिवार्य जेल की सजा को समाप्त कर दिया था। अब अपराधी मामूली जमानत पर बाहर आ जाते हैं और बिना किसी डर के तस्करी जारी रखते हैं।
अमेरिका भी परेशान, खुफिया रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
कनाडा में ड्रग्स का संकट अब अमेरिका तक फैलने लगा है। अमेरिकी एजेंसियों ने कनाडा से गोपनीय जानकारी मांगी थी जिसमें यह साफ हुआ कि कनाडा का ड्रग्स नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहा है।
- अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा में सक्रिय कई गिरोह अमेरिका तक ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं।
- ‘सैम गोर’ नेटवर्क दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन, अमेरिका और यूरोप में ड्रग्स सप्लाई कर रहा है।
- इसमें चीन से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग शामिल हैं, जो इसे ग्लोबल ड्रग ट्रेड बना रहे हैं।
चुनावों में भी बना मुद्दा, ट्रूडो सरकार की भूमिका संदिग्ध
कनाडा में होने वाले आगामी चुनावों में यह मामला बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। वर्तमान सरकार ट्रूडो सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है और उन फैसलों की जांच की मांग कर रही है जिनकी वजह से कनाडा में ड्रग्स तस्करी इस हद तक बढ़ गई।
भारत ने पहले ही जताई थी चिंता, अब अमेरिका भी हुआ सतर्क
भारत लंबे समय से इस बात को उठाता आ रहा था कि कनाडा में नशीली दवाओं का कारोबार फल-फूल रहा है। भारत को पहले ही आशंका थी कि कनाडा में ड्रग्स नेटवर्क मजबूत हो रहा है और इसका असर भारतीय युवाओं पर भी पड़ सकता है। अब अमेरिका भी इस संकट को लेकर सतर्क हो गया है।
क्या कनाडा में ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी?
कनाडा में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार ड्रग्स माफिया के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाएगी? हालिया खुलासे के बाद उम्मीद की जा रही है कि कनाडा की नई सरकार संगठित अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त कानून बनाएगी और पुरानी सरकार की गलतियों को सुधारेगी।
निष्कर्ष नहीं, लेकिन बड़ा सवाल!
कनाडा का ड्रग्स संकट सिर्फ वहां तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय समस्या बन चुका है। अब सवाल यह है कि क्या कनाडा की सरकार इस खतरे को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी या फिर ड्रग्स माफिया का यह साम्राज्य और मजबूत होता रहेगा?

