छपार Muzaffarnagar टोल प्लाजा से सड़क सुरक्षा का संदेश: दिल्ली–देहरादून हाईवे पर जीवन रक्षा अभियान, बाइक रैली से जागरूकता की पहल
News-Desk
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Bike Rally, Chhapar Toll Plaza, Delhi Dehradun Highway, Muzaffarnagar News, nhai, public safety, road safety, Traffic awarenessMuzaffarnagar छपार टोल प्लाजा पर एनएचआई साउदर्न प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” अभियान के अंतर्गत यह आयोजन किया गया, जिसमें बाइक रैली के माध्यम से सुरक्षित यातायात और जिम्मेदार ड्राइविंग की अपील की गई।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक रैली निकालना नहीं था, बल्कि हर दोपहिया और चारपहिया चालक के मन में यह बात बैठाना था कि सड़क पर सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। तेज रफ्तार और लापरवाही के बीच यह पहल एक सकारात्मक संदेश बनकर उभरी।
🔴 हरी झंडी के साथ रवाना हुई बाइक रैली
छपार टोल प्लाजा पर आयोजित कार्यक्रम में उपनिरीक्षक सत्यप्रकाश यादव ने बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। टोल अधिकारी जलजीत सिंह, नितिन शर्मा और मुकेश चौहान भी इस दौरान मौजूद रहे। जैसे ही बाइक सवारों का काफिला हाईवे पर आगे बढ़ा, वहां मौजूद लोगों ने तालियों और नारों के साथ इस पहल का स्वागत किया।
रैली के दौरान बाइक सवारों ने हेलमेट पहनकर, नियमों का पालन करते हुए और “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” जैसे संदेशों के पोस्टर के साथ यात्रा की, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों का ध्यान आकर्षित हुआ।
🔴 टोल मैनेजर का संदेश: हेलमेट से लेकर लाइसेंस तक
एनएचआई के टोल मैनेजर जलजीत सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दोपहिया वाहन चालकों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि—
दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें।
एक बाइक पर दो से अधिक सवारी न बैठाएं।
नशे की हालत में वाहन न चलाएं।
विपरीत दिशा में वाहन चलाकर दुर्घटना को न्योता न दें।
गलत पार्किंग से बचें, इससे न केवल ट्रैफिक बाधित होता है बल्कि हादसों की आशंका भी बढ़ती है।
रात में वाहन चलाते समय लाइट का सही इस्तेमाल करें।
बिना वैध लाइसेंस के वाहन न चलाएं।
ज्वलनशील पदार्थों को वाहन में न रखें।
उनका कहना था कि सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति केवल अपनी नहीं, बल्कि दूसरों की सुरक्षा का भी जिम्मेदार है।
🔴 वीकेएम कंपनी और एनएचआई की संयुक्त पहल
वीकेएम कंपनी के छपार टोल मैनेजर मुकेश चौहान ने बताया कि यह बाइक रैली एक व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हाईवे पर दुर्घटनाओं की संख्या कम करना और लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
एचआर नितिन शर्मा ने भी दोपहिया चालकों से हेलमेट पहनने और सुरक्षित ड्राइविंग को अपनी आदत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने की एक संस्कृति है।
🔴 हाईवे पर बढ़ती दुर्घटनाएं और जागरूकता की जरूरत
दिल्ली–देहरादून नेशनल हाईवे-58 एक व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और नियमों की अनदेखी के कारण यहां दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा अभियानों से लोगों में व्यवहारिक बदलाव आता है। हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक सिग्नल जैसे छोटे-छोटे नियमों का पालन बड़े हादसों को रोक सकता है।
🔴 कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में मुजफ्फरनगर–हरिद्वार प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार, एनएचआई टोल मैनेजर जलजीत सिंह, एचआर नितिन शर्मा, वीकेएम कंपनी टोल मैनेजर मुकेश चौहान, प्रियांशु, अभिषेक कुमार, एनएचआईटी रघुवीर सिंह, उपनिरीक्षक सत्यप्रकाश यादव, कांस्टेबल पवन कुमार सहित करीब दो दर्जन टोल अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझी जिम्मेदारी है।
🔴 स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: सराहना और समर्थन
हाईवे पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय निवासियों ने इस पहल की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं के लिए खास तौर पर प्रेरणादायक होते हैं, क्योंकि यही वर्ग सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चलाता है।
कुछ बाइक चालकों ने भी कहा कि इस तरह की रैलियां उन्हें अपनी आदतों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर करती हैं।
🔴 जीवन रक्षा अभियान का व्यापक उद्देश्य
“सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” अभियान का लक्ष्य केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाला जागरूकता आंदोलन बनाना है। इसके तहत आने वाले दिनों में स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
एनएचआई और टोल प्रबंधन का मानना है कि जब तक लोग खुद जिम्मेदारी नहीं लेंगे, तब तक सड़क हादसों पर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल है।
🔴 सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित भविष्य
यह बाइक रैली एक प्रतीक बनकर उभरी कि छोटी-छोटी सावधानियां बड़े बदलाव ला सकती हैं। हेलमेट पहनना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना और दूसरों के प्रति संवेदनशील रहना—ये सब मिलकर एक सुरक्षित समाज की नींव रखते हैं।

