कोरोना से लडने का फैसला: घर रहकर ही दी जायेगी बीमारी को मातः बाजार हुए बंद
मुजफ्फरनगर। जनपद की आबो हवा में देश के साथ-साथ कोरोना की दहशत पसर रही है लेकिन लोग इसके लिए तैयार भी दिख रहे है और लोगो में एक जज्बा भी बन रहा है कि किस तरह से इसका मुकाबला कर इस बीमारी को मात दी जाये।
पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिक संकट की इस घडी में मिलकर साथ चलना चाह रहा है लेकिन कुछ नागरिक अभी भी इस स्थिति को बहुत हल्के में ले रहे है उनके लिए कोरोना को लेकर जानकारी का अभाव तो है ही साथ ही वो इसको कोई बड़ा संकट भी नहीं मान रहे है। जबकि स्थिति इससे कहीं जुदा है।
जैसे ही आज शामली के कैराना में कोरोना पाजिटीव एक मरीज के मिलने की सूचना सोशल मीडिया पर आई इसके बाद तो मुजफ्फरनगर जिले में भी हड़कम्प की स्थिति बन गयी। खासकर उन लोगों में बेचैनी देखी गयी जो यह कह रहे थे कि कोरोना का मुजफ्फरनगर, शामली व आसपास के इलाकों में कोई असर नही है यह मुजफ्फरनगर से दूर की बीमारी है।
शामली का केस सामने आते ही ऐसा माहौल बदला कि लोग घरों को भागने लगे। बाजार बंद हो गये पुलिस की गाडियां के माइक लोगों से घर जाने की अपील करने लगे। दोपहर होते होते बाजारों में सन्नाटा छा गया सरकारी कार्यालयों में पहले से ही बंदी का माहौल है।
दोपहर होते होते पूरे प्रदेश में लाकडाउन की घोषणा हुई तो लोग ओर गम्भीर होने लगे कि मामला अब शायद उनकी पकड से बाहर है जो लोग कल तक कोरोना को लेकर मामूली रूप से इसको ले रहे थे। आज वो तैयारी करते दिखाई दिये। मैडिकल स्टोर से लेकर किरयाना की दुकानों पर भीड है। जनप्रतिनिधि भी अब आगे आने शुरू हो गये है।
राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने भी आपदा की इस स्थिति में अपने एक माह का वेतन और 25 लाख रूपये कोरोना से लडने के लिए देने का फैसला किया है। पुलिस प्रशासन भी तैयारियों में लग गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में भी दिनरात गहमा गहमी है और हर सूचना के अपडेट कर निगरानी रखी जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में डा. प्रवीन चौपडा ने सभी अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिये है कि वो उचित दूरी के साथ अपनी कुर्सियों पर बैठेंगे साथ ही हर तरह से सावधानी बरतेंगे।
वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, एसएसपी अभिषेक यादव निगरानी बनाये हुए है। सभी कस्बे देहात, गांवों से लेकर शहर के गली मौहल्लों में पुलिस प्रशासन अपनी तैयारियों में लग गया है कि अगर स्थिति इसको लेकर तेजी से बिगडी तो किस तरह से हालातों पर काबू पाया जायेगा। कल ही जिला प्रशासन ने शहर के होटल, स्कूलों की लिस्ट बनाकर उनको भविष्य के लिए अस्पताल बनाने की तैयारी भी अंदरखाने कर ली है।
दूसरी तरफ लाकडाउन होते ही पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है पुलिस ने जिले की सीमाएं सील कर दी है लोगों के लिए आना जाना अब मुश्किल हो गया है जिन लोगों को आवश्यक कार्य के लिए जाना है उन्हे पुलिस प्रशासन को अवगत कराना होगा कि वो किन जरूरी कारणों से जा रहे है।
ऐसी स्थिति में परेशान लोग और बीमार लोगों के लिए परिवारजन चितिंत है। वहीं बाजार में किरयानों की दुकानों पर महंगाई के साथ सामान मिल रहा है मैडिकल स्टोरो पर आवश्यक दवाईयां भी गायब होने लगी है। सैनेटाइजर और मास्क तो पहले से ही बाजार में रोने है और जहां मिल रहा है वहां बहुत महंगे दामों पर मिल रहा है।
