हज यात्रा स्थगित होने से जिले के सैंकडों हज यात्रियों में मायूसी
मुजफ्फरनगर। कांवड यात्रा स्थगित होने के बाद अब कोरोना काल में हज यात्रा भी स्थगित हो गई है। मुजफ्फरनगर से करीब 624 लोगों को इस बार हज यात्रा पर रवाना होना था। उनमें से सभी अपनी पहली किश्त की धनराशि करीब 80 हजार रुपए और लगभग 80 प्रतिशत लोग अपनी दूसरी किश्त की धनराशि समेत 2.01 लाख रुपए जमा करा चुके हैं।
अब सरकार ने निर्णय लिया है कि जमा की गई धनराशि को वापस किया जाएगा। कोरोना वायरस ने धार्मिक आयोजनों पर बहुत विपरीत प्रभाव डाला है।हालांकि लोग घरों में रहकर पूजा और इबादत कर रहे हैं लेकिन पहले वासंतिक नवरात्र के पहले दिन से ही लॉक डाउन वन शुरू हुआ था।
इसके बाद राम नवमी के आयोजनों पर रोक लगी तो अक्षय तृतीया के दिन असूझ मुर्हुत में होने वाली जिले भर की करीब 800 शादियों समेत हजारों शादी स्थगित हुई। इसके अलावा शनि जयंती के कार्यक्रम नही हुए। उधर रमजान माह में भी घरों पर ही नमाज व तराबीह पढ़ी गई।
गुरु के शहीद पर्व पर भी कार्यक्रम नही हो पाएं। ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर मेले का स्नान मेले का आयोजन नही हुआ।
अब कांवड यात्रा स्थगित होने के बाद हज यात्रा भी रद्द हो गई। जिले के करीब 624 लोगों के जमा धन को सरकार वापस करेगी। उत्तर प्रदेश हज कमेटी के ट्रेनर हाजी मोहम्मद साजिद व हाजी तुफैल ने बताया कि हज यात्रा स्थगित हो गई है।
अब सभी लोगों के जमा धन को सरकार ने वापस करने का निर्णय लिया है।
