कोहरे की चादर ढका जनपद, लंबी दूरी के वाहन कोहरे के चलते घंटों की देरी से चले
मुजफ्फरनगर। ठंड के साथ कोहरे की मार से नागरिक हल्का रहे। बृहस्पतिवार को सुबह ११ बजे तक कोहरा छाया रहा। कोहरे की दृश्यता बहुत कम थी।
कोहरे ने वाहनों की रफ्तार को मंद कर दिया। दोपहर में धूप निकली, लेकिन तीन बजते ही धूप गायब हो गई और स्मॉग सा छा गया। एक सप्ताह से अधिक समय से जिला ठंड की चपेट में हैं।
कभी शीतलहर तो कभी पाला, कभी धुंध-कोहरा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। ठंड के चलते लोगों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को जब लोग सोकर उठे तो घना कोहरा छाया हुआ था।
कोहरे की दृश्यता इतनी कम थी कि हेडलाइट जलाने के बाद भी सामने ५० मीटर की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। कोहरे ने वाहनों की रफ्तार को मंद कर दिया।
वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। लंबी दूरी के वाहन कोहरे के चलते घंटों की देरी से चले। सुबह होते-होते कोहरा पेड़ पौधों से बूंदों के रूप में टपकने लगा।
मौसम विभाग ने अभी ओर पाला पड़ने, कोहरा छाने व शीतलहर चलने की संभावना भी व्यक्त की। कड़ाके की ठंड के चलते बाजारों में गर्म व ऊनी कपड़ों की बिक्री बढ़ रही है।
दुकानों पर जरकीन, स्वेटर, जर्सी, कार्डिगन, कोट, ओवरकोट, जैकेट, मफलर, टोपी व इनर आदि की जमकर खरीद हो रही है। इनके सामान की दुकानों पर भीड़ नजर आ रही है।
बढ़ती सर्दी से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक सामानों में हीटर, वार्मर आदि की मांग बढ़ रही है। बाजार में अलग-अलग तरह के हीटर आ रहे हैं। गर्म पानी व जैली की बोतलें भी ठिठुरन से बचाव के लिए लोग इस्तेमाल कर रहे हैं।
इन वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। शहर हो या देहात, हर गली-मोहल्ले में लोग जगह-जगह लकड़ियां जलाकर सर्दी से बचाव कर रहे हैं। किसान-मजदूर भी खेतों में जाकर पहले पत्ती आदि जलाकर शरीर को गर्म करता है, इसके बाद वह कार्य शुरू करता है।

