Muzaffarnagar के ब्राह्मण सम्मेलन में उमडी कम भीड़, ब्राह्मण नेता के रूप में उभरे राकेश शर्मा जुटा पाए मात्र ढाई हजार लोग
मुजफ्फरनगर। Muzaffarnagar आज जीआईसी मैदान पर आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में समाज के लोगों की भीड़ उमड़ी लेकिन दिन दोपहर आते आते भीड़ कम होती गयी। सड़कों पर आज भी वाहनों और पैदल आने वाले लोगों की लम्बी कतारों ने जाम की स्थिति पैदा की। इस सम्मेलन में राजनीतिक स्तर पर ब्राह्मण समाज की उपेक्षा को लेकर एकजुटता के साथ संघर्ष करने का आह्नान किया गया। साथ ही राजनीतिक हिस्सेदार भी मांगी गयी।
आज राकेश शर्मा द्वारा जीआईसी मैदान पर ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन किया गया।। आर्य समाज रोड और महावीर चौक पर भगवान परशुराम की पीले रंग की ध्वजा लहरा रही थी। अपने अपने वाहनों और ट्रैक्टर ट्रालियों से ब्राह्मण समाज के हजारों लोग इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए मैदान पर पहुंचे थे।लेकिन दिन दोपहर आते आते भीड़ कम होती गयी
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री माता प्रसाद पाण्डेय, पूर्व मंत्री और सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता अभिषेक मिश्रा उपस्थित रहे। राकेश शर्मा और समाज के अन्य गणमान्य लोगों ने अतिथियों को पगड़ी और अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान राकेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तौर पर ब्राह्मण समाज को हमेशा ही छला गया है। हिस्सेदारी की बात तो सभी दलों के लोग करते हैं
लेकिन वोट बैंक के तौर पर ही समाज को प्रयोग कर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर मण्डल की १६ सीटों में ब्राह्मण समाज बहुतायत में है और राजनीतिक दृष्टिकोण से जीत-हार में बड़ी भूमिका निभाने की स्थिति में है, लेकिन यहां से जब भी समाज को विधानसभा और लोकसभा में पहुंचाने की आवाज उठाई जाती है तो केवल समाज को धोखा ही मिलता है। सहारनपुर मण्डल की इन १६ सीटों पर ब्राह्मण समाज की ३.५० लाख वोट हैं
और यदि समाज की उपजातियों की हिस्सेदारी को इसमें जोड़ दिया जाये तो यह १६ लाख से ज्यादा होती है।उन्होंने कहा कि इतनी संख्या दूसरी जाति की नहीं है। राकेश शर्मा ने कहा कि इस मंच के माध्यम से मैं जातिवादी की बात नहीं कर रहा, लेकिन समाज की पीड़ा को रखने का प्रयास कर रहा हूं। ब्राह्मण कभी भी जातिवादी व्यवस्था का पक्षधर नहीं रहा है, क्योंकि यदि ब्राह्मण जातिवादी वाला होता तो रावण का पुतला दहन नहीं करता और रावण वध करने वाले श्रीराम की पूजा नहीं करता।
हम आज राजनीतिक स्तर पर अपनी हिस्सेदारी के अनुरूप सम्मान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज की सरकार में हर वर्ग दुखी और परेशान है। किसानों की आवाज १० महीनों के आंदोलन के बाद भी नहीं सुनी जा रही है। ब्राह्मण समाज से एकजुटता का आह्नान करते हुए उन्होंने कहा कि आज समाज को वेस्ट यूपी में प्रमुख राजनीतिक भागीदारी के लिए आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि जो लोग यहां पर ब्राह्मण समाज को संख्याबल के आधार पर कमजोर बताते हैं
वह आज यहां उमड़े जनसैलाब को देख लें। मुख्य अतिथि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डे ने कहा कि पूर्व में राजवंशीय व्यवस्था राजनीति में कायम रही। प्रधानमंत्री का बेटा प्रधानमंत्री और मंत्री का बेटा मंत्री बनता था, लेकिन वोट की ताकत ने इस व्यवस्था को बदला है। आज इसी ताकत को ब्राह्मण समाज को भी समझना होगा। ईवीएम के एक बटन के सहारे मिली वोट की ताकत का प्रयोग करने के लिए हमें एकजुट होना होगा। ईवीएम की शक्ति के बूते ही समाज अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी को हासिल कर पायेगा।
हमें इसी उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ना होगा। समाज को समझना होगा कि हम बिना राजनीतिक ताकत हासिल किये, तरक्की के मार्ग पर नहीं बढ़ पायेंगे। इस अवसर पर राकेश शर्मा ने लखनऊ में भगवान परशुराम की १०८ फुट ऊंची प्रतिमा लगाने वाले समाज के लोगों को सम्मानित किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी और संचालन राकेश शर्मा व मनमोहन शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के खाप चौधरी और थाम्बेदार भी शामिल हुए। शंख ध्वनि और मंत्रोच्चार से शुभारम्भ हुआ। शुक्रताल से आये विद्यार्थियों और पंडितों ने स्वास्तिवाचन किया।
प्रमुख रूप से राजकिशोर शर्मा, दीनदयाल शर्मा, उमादत्त शर्मा, खाप चौधरियों में इन्द्रपाल शर्मा, कुलदीप शर्मा, रामपाल शर्मा, रामकुमार शर्मा, रामेश्वर शर्मा, सोमदत्त शर्मा, सन्नी शर्मा, कालूराम शर्मा, आदेश त्यागी, रामनाथ शर्मा, ब्रिजेश शर्मा, महेन्द्र गौड, लीलू शर्मा, ओमपाल शर्मा के अलावा अलका शर्मा, मनमोहन शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, रमेश चन्द्र शर्मा सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।

