Muzaffarnagar News: रोटरी एवं इनरव्हील क्लब मुजफ्फरनगर चैम्बर पारिवारिक सभा हुई आयोजित
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) रोटरी एवं इनरव्हील क्लब मुजफ्फरनगर चैम्बर की एक पारिवारिक सभा भोपा रोड स्थित मंगलम गोल्ड बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुई। जिसका दो विषय रहे जल संचय तथा मानसिक स्वास्थ्य। कार्यक्रम का सञ्चालन राजेंदर सिंघल द्वार किया गया। मंच सज्जा के पश्चात् आस्थाओं का पाठ सुमन अग्रवाल द्वारा किया गया। मंचासीन विभूतियों प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ ईश्वर चंद्रा, सुविख्यात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ ताराचंद का सम्मान अध्यक्ष विशाल कालरा, कोषाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, महेश जिंदल व् अजय गुप्ता द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि एवं वक्ता मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ अमन गुप्ता रहे। सचिव मनोज सेठी ने बताया कि क्लब को समय समय पर रोटरी मंडल ३१०० के मंडलाध्यक्ष अशोक गुप्ता जी की और से विभिन्न सेवा कार्यों के प्रोजेक्ट करने के लिए दिशा निर्देश मिलते रहते है।
इसी शृंखला में माह अक्टूबर के लिए प्रोजेक्ट जल संचय व् मानसिक स्वास्थ्य जांच निर्धारित किये गए है। जल संचय के भाग में फिंगर जीनियस अबेकस के विधार्थियों के द्वारा बनाई गयी सुन्दर चित्रकला की प्रदर्शनी की गयी। तत्पश्चात इनरव्हील सचिव शिप्रा गुप्ता व् नन्हे बच्चे अव्यान सोबती द्वारा इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये गए। उन्होंने कहा कि विश्व एक गंभीर जल संकट की और बढ़ रहा है, यदि समय से स्थिति सुधरने के उपाय नहीं किये गए तो स्थिति काबू से बाहर हो जाएँगी। यह केवल सरकार का ही दायित्व नहीं है इसके लिए हम सभी को संयुक्त प्रयास करने होंगे। नीरा शर्मा ने कविता के माध्यम से विचारों को रखा। कार्यक्रम चौयरमेन डॉ ईश्वर चंद्रा व् कार्यक्रम कोर्डिनेटर डॉ ताराचंद रहे।
मुख्य अतिथि का परिचय सदन से डॉ ताराचंद ने कराया। डॉ ईश्वर चंद्रा ने अपने सम्बोधन में कहा कि बाहर पढ़ने या नौकरी करने वाले बच्चों के कारण बुजुर्ग अकेले मानसिक अवसाद में घिरते जा रहे है। कार्यक्रम के अगले चरण में डॉ अमन गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य के अपने सम्बोधन में कहा हम लोग मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सामान्यतया गंभीर नहीं होते। इसे बीमारी ही नहीं समझा जाता। हालत इतने विकट है कि प्रतिवर्ष भारत जैसे देश में वर्षभर में १३००० बच्चे , प्रतिदिन ४० बच्चे आत्महत्या का शिकार बन रहे है। प्रथम बीमारी चिंता (श्वठ्ठ3द्बह्ल4) का कारण बच्चों में मोबाइल गेम, बड़ो में बॉस की मिस काल भी हो सकता है। इसका शारीरिक लक्षण दिल की तेज धड़कन व् पसीना आना होता है।
दूसरी बीमारी डिप्रेशन (अवसाद) होती है जिसके कारण शारीरिक ऊर्जा कम होना अथवा याददाश्त कम हो जाती है। अलकोहल या सिगरेट का सेवन तात्कालिक लाभ पहुंचा सकता है परन्तु लम्बे समय में इसका नुक्सान ही है। सूर्य की रौशनी इस बीमारी में बाहर लाभ प्रद होती है यही कारण है कि सर्दियों में अवसाद के केस बढ़ जाते है। तीसरी बीमारी शक करना होती है रोगी स्वयं में बुदबुदाता रहता है। चौथी बीमारी ह््रष्टष्ठ होती है जैसे कुछ भी वहम दिमाग में आ जाये और बार बार आता रहता है ।
जैसे बार हाथ धोना आदि। पांचवी बीमारी मीनिया होती है जैसे कोई खरीदारी सामान्य या आवश्यकता से अधिक लगातार खरीदते जाना। छटी बीमारी हिस्टिरया होती है जोकि अधिकतर युवतियों में पायी जाती है इसमें रोगी चीखते हुए बेहोश हो जाता है। इसका कारण पारिवारिक परेशानिया हो सकती है। कुछ भ्रम भी होते है जैसे कोई आपको कहे आप कमजोर लग रहे है आदि। मानसिक बीमारी किसी प्रसिद्ध व्यक्ति को भी हो सकती है। जैसे अपने करियर के उच्च पर होते हुए भी दीपिका पादुकोण, सुशांत सिंह राजपूत, हैरी पॉटर की प्रसिद्ध लेखिका जे के राउलिंग , ओलम्पिक के ३६ मैडल विजेता अमरीकी तैराक माइक फेलप्स अवसाद के शिकार हो चुके है।
इसका निदान सेवा कार्य करने से होता है जैसे रक्त दान करना, कोई भंडारा लगाना आदि। मुख्य अतिथि डॉ अमन गुप्ता को अध्यक्ष विशाल कालरा व् सचिव मनोज सेठी, राजेंदर सिंघल तथा त्वचा रोग विशेष्ज्ञ डॉ इना जैन को इनरव्हील अध्यक्ष चेतना सेठी, सचिव शिप्रा गुप्ता कोषाध्यक्ष अंजलि गुप्ता, एडिटर निशा संगल द्वारा सम्मानित किया गया। समयबद्धता पुरूस्कार के विजेता रहे संयुक्त सचिव गौरव गुप्ता व संगीता ताराचंद। इस अवसर पर उपस्थित रहे अजय अग्रवाल, अजय भार्गव, सुभाष साहनी, अशोक शर्मा, संदीप कुच्छल, मनोज गुप्ता, श्याम मल्होत्रा, सुनीता मल्होत्रा, प्रमोद संगल, मनोज गोयल, तेजराज गुप्ता, सुनील गिरधर, सुनील गोयल, विनोद जलोत्रा, डॉ प्रवेश कुमार, मंजू गुप्ता, ऋचा गुप्ता, नीलम गोयल, मञ्जूषा चंद्रा अनीता जिंदल, आयुषी गुप्ता, राखी कुच्छल आदि।

