दो माह के बाद भी पूरी नहीं हुई जांच, पुलिस बेपरवाह: धोखे से अधिक जमीन लिखवाने के मामले एसपी ने दिया था जांच के आदेश
रामनगर बाराबंकी। धोखे से अधिक जमीन लिखवाने को लेकर पीड़ित ने पुलिस की शरण का सहारा लिया। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ अरविन्द चतुर्वेदी ने जांच पड़ताल करने के बाद मुकदमा दर्ज करने के लिये आदेश दे दिया।
लेकिन इस 2मामले के प्रथम विवेचक एसएसआई करीब दो माह तक कोई जाच नही कर सके इसके बाद दूसरे जाच अधिकारी ने चंद दिनो मे ही एफ आर लगा दी।
अब जानकारो के मुताबिक सवाल तो इस बात का है कि इस दौरान वादी ने पुलिस कप्तान से लेकर सूबे के मुखिया तक विवेचना किसी दूसरे थाने के विवेचना अधिकारी से कराये जाने और पुलिस क्षेत्राधिकारी के ऊपर नाजायज दबाव बनाने का आरोप भी लगाया मगर जाच आख्या न्यायालय पहुच गयी।
मालूम हो कि तहसील रामनगर के अन्तर्गत ग्राम बसन्त पुर परगना भिटौली थाना तहसील रामनगर के निवासी प्रमोद कुमार पुत्र बाबूराम ने अपनी भूमि गाटा संख्या 125 मि. रक्बा 2.2020 हेक्टेयर भूमि मे करीब दो एकड लगी बाग को छोडकर शेष 1.336 हेक्टेयर भूमि संजय शुक्ला पुत्र विशम्भर दयाल निवासी कुडवा मजरे बल्लोपुर के हाथ बेच दी।
गांव मे उठ रही आवाजो के मद्देनजर विक्रेता के पुत्र ने तहसील जाकर जब बैनामे की नकल निकलवायी तो उसके पैरौ के तले की जमीन खिसक गयी।
जिसके बाद बैनामा गवाहो के नोटरी शपथ पत्र के साथ पुलिस अधीक्षक से न्याय की मांग की।पुलिस कप्तान डा. अरविन्द चतुर्वेदी के आदेश पर सितम्बर माह मे स्थानीय कोतवाली रामनगर मे 16 बीघे के स्थान पर 26 बीघे का बैनामा करवा लिये जाने का मामला भा.द.स. 417/2020 धारा 419. 420।467.468.471 के तहत पंजीकृत हुआ।
पीडित के मुताविक प्रथम विवेचक एस एस आई रघुबीर सिह दो माह बीत जाने के बावजूद कोई जाच पडताल नही कर पाये हांलाकि इस मामले मे अहम बात तो यह कि बैनामे मे बाग का कोई जिक्र नही है पूरे नम्बर का बैनामा होने के बाद चौहद्दी मे विक्रेता का नम्बर भी नही है।पीडित के मुताविक बैंक का कर्ज जमा करवाने मे करीब तीन लाख रुपये कलेक्शन चार्ज के नाम पर लिये गये
जो बहुत सरकार की ओर से बंद किया जा चुका है।पुलिस क्षेत्राधिकारी दिनेश कुमार दुबे के बुलावे पर वादी ने दो बार हुई पंचायत मे भी गया नतीजा सिफर रहा।
विक्रेता ने जिसके बाद उच्च अधिकारियो के साथ मुख्यमंत्री के यहा मामले मे राजनीतिक और प्रशासनिक दखलदांजी का आरोप लगाकर विवेचना किसी दूसरे थाने से कराये जाने की माग की।
बताते चले मुख्यमंत्री के यहा हुई शिकायत मे पुलिस क्षेत्राधिकारी की ओर से लगाई गयी जाच आख्या तहसील के दो वरिष्ठ पत्रकारो रामशंकर वर्मा और डा. पंकज चतुर्वेदी की मौजूदगी मे हुये फैसले का हवाला भी दे दिया गया।
जो ऐसै किसी फैसले से अनभिज्ञता जता रहे थे।वही कोतवाली रामनगर के अन्तर्गत महादेवी चौकी के इंचार्ज वेद प्रकाश शर्मा ने एक पखवारे मे मामले की जाच कर एफ आर लगा दी।

