जीत के लिए की जी तोड मेहनत
मुजफ्फरनगर। भावना स्वरूप मैमो. इंटरनेशनल आईटीएफ महिला टेनिस टूर्नामेंट के आज सर्विस क्लब में दूसरे दिन भी क्वालीफाइंग मुकाबले हुए। जिसमे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। सर्विस क्लब में शुरू हुए भावना स्वरूप मैमो. महिला टेनिस टूर्नामेंट में आज कोर्ट नमबर एक उजकेबिस्तान की अल्बीना खाबीबुलीना ने कड़े मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी लीरा राजू को 6-4, 6-3 से हराया। इसी कोर्ट पर दोपहर बाद हुए मुकाबले में यूएसए की एलक्जेन्ड्रारेली ने इंडिया की दीपेया वेडूला को 6-1, 6-2 से हराया। इसी कोर्ट पर दोपहर बाद हुए मुकाबले में रूस की अन्ना मखोरीकना ने भारतीय खिलाड़ी रिसीका सुनकारा को 6-0, 6-4 से हराया। कोर्ट नम्बर 2 पर इंडिया की जेलीफर लुकीखाम ने भारत की ही श्रीविली रश्मिका को 6-2, 6-3 से हराया। केर्ट 2 पर हुए मुकाबले में निधि चिलिमुला ने रिचापुड़ी को 6-4, 3-6 से हराया। कोर्ट नम्बर 3 पर हुए मुकाबले में इंडिया की ही अस्मिता ऐश्वरामूर्ति ने कल की विजेता सोहा सादिक को कडे मुकाबले में 6-3, 5-7, 6-3 से हराया। इसी कोर्ट पर नताशा पलाहा ने आरती मुनियान को 6-2, 6-0 से हराया। चाइना की डेननीवंग ने भारत की दीक्षामंजू को 6-0, 6-2से हरा दिया। आयोजन समिति के सचिव रविंद्र चौधरी ने बताया कि 12 नवम्बर से मुख्य ड्रा खेला जायेगा जिसमें 18 खिलाड़ियों की सूची आईटीएफ लंदन ने भेजी है तथा 10 खिलाडी क्वालीफाइंग ड्रा से चयनित किये गये है तथा 4 खिलाडियों को वाइल्ड कार्ड के जरिये सीधे एन्ट्री दी गयी है। 32 खिलाड़ियों का मुख्य ड्रा बनाया गया है जिसके मुकाबले 12 नवम्बर से प्रारम्भ होंगे।
अन्तर्राष्ट्रीय टेनिस बना मुजफ्फरनगर की नई पहचान
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की जहां अब तक पहचान गुड, गन्ना और लोहा इंडस्ट्रीज के रूप में होती रही है वहीं अब इसकी नई पहचान खेल आयोजन को लेकर भी होनी शुरू हो गयी है। मुजफ्फरनगर में चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय महिला टेनिस भावना स्वरूप मैमो. टूर्नामेंट में मुजफ्फरनगर को नई पहचान दी है और यहां आ रहे लगभग बीस देशों के खिलाड़ी इस पहचान के अपने देशों तक ले जा रहे है। वहीं, अब मुजफ्फरनगर देश में भी टेनिस की पहचान के साथ खेल के क्षेत्र में पहचान का मोहताज नहीं रहा है। मुजफ्फरनगर में इस समय सर्विस क्लब में 25 हजार इनामी डालर राशि का भावना स्वरूप मैमो. महिला टेनिस टूर्नामेंट चल रहा है हालांकि यह आयेजन जिले में पांच साल बाद हुआ है लेकिन यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि यह आयोजन देशभर के टेनिस खेल प्र्रेमियों का ध्यान आकृषण मुजफ्फरनगर की तरफ ला रहा है। मुजफ्फरनगर जैसे छोटे शहर में अब तक जहां खेती, गुड गन्ना, लोहा उत्पादन और अपराध और अपराधिक घटनाओं से पहचान होती थी वहीं अब खेल के क्षेत्र में भी टेनिस के सितारे मुजफ्फरनगर आकर इस जिले को गौरवान्वित कर रहे है और आयोजक भी विदेशी और देशी खिलाड़ियों की मेहमाननवाजी में चार चांद लगा रहे है। टैनिस जैसे महंगे और बेहद थका देने वाले खेल में जहां बीस से भी अधिक देशों की महिला खिलाड़ियों के उम्दा खेल प्रदर्शन को देखने का मौका यहां लोगों को मिल रहा है वहीं मुजफ्फरनगर के वातावरण में भी इस खेल के साथ अजीब सी खुशबू महसूस हो रही है कि आखिर टेनिस किस तरह से मुजफ्फरनगर की एक नई और वास्तविकत पहचान बना रहा है इसके आयोजन को लेकर जहां आयोजन समिति करोड़ों रूपये खर्च करती है वहीं, महिला खेलों को बढ़ावा देने के लिए महिला सशक्तिकरण की भी मिसाल पेश करती है। मुजफ्फरनगर यूं तो कई मायनों में अपनी पहचान का मोहताज नहीं है लेकिन इस जिले की यह बदकिस्मती भी रही है कि नकारात्मक छवियो ंको लेकर इसकी नकारात्मक छवि अधिक रही है जबकि सकारात्मक छवि उसकी तुलना में लोगों के दिलो जहन में अभी भी कम ही है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस समय मुजफ्फरनगर को लक्ष्मीनगर बनाने की मांग की जाती रही हो और उसके लिए जनप्रतिनिधि से लेकर पक्ष विपक्ष आमने सामने हो लेकिन टेनिस का यह जुनून इन सब मामलों से इत्तेफाक नहीं रखता क्योंकि इस टेनिस को जो मुजफ्फरनगर में देना है वह उसको दे चुका। सन 2002 से शुरू हुए इस टेनिस के महाकुम्भ में अब कारवां बढ़ता जा रहा है और देश विदेश की सीमाओं तोड़कर आईटीएफ लंदन के आफिस से निकलकर इस मुजफ्फरनगर का नाम टेनिस जगत में केवल इसलिए धूम मचा रहा है कि मुजफ्फरनगर में भावना स्वरूप मैमो. महिला टेनिस का लगातार सफलता के साथ यहां आयेजन होना अपने आप में एक हैरत भरा संदेश भी है कि आखिर मुजफ्फरनगर की यह नई छवि किसने और कैसे बदल दी क्योंकि जिस नकारात्मक छवि से पिंड छुडाने के लिए मुजफ्फरनगर के लोग काफी अरसे से बेताब है वहीं मुजफ्फरनगर के सर्विस क्लब में इस अर्न्तराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में इस छवि को हर टेनिस की बोल के साथ धो डाला।
