Kanpur Ganja Racket Bust: सचेंडी में 3.30 किलो गांजे के साथ सात महिलाएं गिरफ्तार, ड्रोन सर्च ऑपरेशन में खुला बड़ा नेटवर्क
News-Desk
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kanpur, Kanpur Sachendi ganja racket, एसओजी कार्रवाई कानपुर, कानपुर ड्रग्स बरामदगी, मध्य प्रदेश गांजा सप्लाई, यूपी पुलिस एंटी ड्रग्स ऑपरेशन, सचेंडी गांजा तस्करी, सात महिलाएं गिरफ्तारKanpur के सचेंडी क्षेत्र में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गांजा तस्करी से जुड़े एक सक्रिय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने देर रात छापेमारी कर सात महिलाओं को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 3.30 किलो गांजा बरामद किया।
पुलिस के अनुसार यह महिलाएं गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर स्थानीय स्तर पर बेच रही थीं और लंबे समय से यह अवैध कारोबार चल रहा था।
तीन ग्राम की पुड़िया बनाकर की जा रही थी बिक्री
जांच में सामने आया कि आरोपी महिलाएं करीब तीन ग्राम की छोटी पुड़िया तैयार कर उन्हें लगभग 50 रुपये प्रति पुड़िया के हिसाब से बेचती थीं। प्रतिदिन हजारों पुड़िया बाजार में खपाई जा रही थीं।
पुलिस के अनुसार एक दिन में चार हजार से साढ़े चार हजार पुड़िया तक बेची जा रही थीं, जिससे बड़े पैमाने पर अवैध कमाई हो रही थी।
कार्रवाई में 92 हजार रुपये नकद भी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 92 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह रकम अवैध बिक्री से अर्जित की गई थी।
बरामदगी को देखते हुए पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
थाने के पास गुमटियों से चल रहा था अवैध कारोबार
एडीसीपी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप Sumit Sudhakar Ramteke के अनुसार सचेंडी थाना क्षेत्र के आसपास लंबे समय से गांजा बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना के आधार पर बुधवार देर रात गुमटियों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान मौके से गांजा बरामद हुआ और सात महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
ड्रोन की मदद से चलाया गया सर्च ऑपरेशन
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इलाके में ड्रोन की सहायता से निगरानी और सर्च अभियान भी चलाया। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मदद मिली और छिपाए गए स्थानों तक पहुंच आसान हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह की तकनीकी सहायता से भविष्य में भी अभियान तेज किया जाएगा।
बिधनू और मध्य प्रदेश से हो रही थी गांजे की सप्लाई
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजे की सप्लाई बिधनू क्षेत्र और मध्य प्रदेश से कुछ युवक उपलब्ध कराते थे। इसके बाद महिलाएं उसे छोटे पैकेटों में तैयार कर स्थानीय स्तर पर बेचती थीं।
पुलिस अब सप्लाई चेन से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
निर्धारित समय पर खुलती थीं गुमटियां, छिपाकर चल रहा था धंधा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गुमटियां सुबह 9 से 11 बजे और शाम 4 से 7 बजे तक संचालित होती थीं। बाहर से देखने पर यह सामान्य चाय, पान और मसाले की दुकानें प्रतीत होती थीं, लेकिन अंदर अवैध नशे का कारोबार चल रहा था।
इस तरीके से आरोपियों ने लंबे समय तक पुलिस की नजर से बचकर नेटवर्क संचालित किया।
अवैध कारोबार से रोजाना लाखों रुपये के मुनाफे का अनुमान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस नेटवर्क से प्रतिदिन लाखों रुपये का अवैध कारोबार हो रहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का दायरा किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार महिलाओं को कोर्ट में किया जाएगा पेश
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान करिश्मा गिहार, अनीता, दीपा, सावित्री और संगीता सहित अन्य आरोपियों के रूप में हुई है। सभी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

