Macron- ब्रिजित रिश्ते पर नई किताब से फ्रांस में हलचल, ‘थप्पड़’ विवाद के पीछे एक्ट्रेस से चैट का दावा
News-Desk
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Brigitte Macron, Emmanuel Macron, France news, international news, macron, Political controversy, इमैनुएल मैक्रों, गोलशिफ्ते फराहानी, फ्रांस राजनीति, फ्रांस राष्ट्रपति, ब्रिजित मैक्रों, वायरल वीडियोEmmanuel Macron और उनकी पत्नी Brigitte Macron एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का केंद्र बन गए हैं। इस बार वजह बनी है एक नई किताब, जिसमें दावा किया गया है कि पिछले साल वायरल हुए “थप्पड़ वीडियो” के पीछे एक निजी विवाद था।
फ्रांसीसी पत्रकार Florian Tardif की नई किताब “एन (ऑलमोस्ट) परफेक्ट कपल” में दावा किया गया है कि फ्रांस के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी के बीच तनाव की वजह ईरानी मूल की अभिनेत्री Golshifteh Farahani से जुड़ी कथित बातचीत थी।
यह किताब प्रकाशित होते ही फ्रांस की राजनीति और मीडिया जगत में नई बहस शुरू हो गई है।
वियतनाम दौरे का पुराना वीडियो फिर हुआ वायरल
दरअसल, पिछले साल मई में जब France के राष्ट्रपति मैक्रों वियतनाम दौरे पर पहुंचे थे, तब हनोई एयरपोर्ट पर कैमरों में एक ऐसा दृश्य कैद हुआ था जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया था।
वीडियो में ब्रिजित मैक्रों अपने पति के चेहरे को धकेलती या थप्पड़ मारती हुई दिखाई दी थीं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया था और इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं।
उस समय राष्ट्रपति भवन की ओर से पहले वीडियो को संदिग्ध बताया गया था, लेकिन बाद में कहा गया कि यह पति-पत्नी के बीच मजाकिया पल था।
अब नई किताब में इस घटना को एक निजी विवाद से जोड़कर पेश किया गया है।
एक्ट्रेस गोलशिफ्ते फराहानी से चैट का दावा
किताब में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति Emmanuel Macron और अभिनेत्री Golshifteh Farahani के बीच लंबे समय तक निजी बातचीत होती रही थी।
रिपोर्ट के अनुसार दोनों के बीच “प्लेटोनिक रिलेशनशिप” यानी भावनात्मक और दोस्ताना संबंध थे। किताब में दावा किया गया कि राष्ट्रपति मैक्रों अभिनेत्री को निजी संदेश भेजते थे और एक संदेश में उन्होंने कथित तौर पर लिखा था, “मुझे तुम बहुत खूबसूरत लगती हो।”
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें लेकर आधिकारिक तौर पर कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ब्रिजित मैक्रों की टीम ने दावों को बताया झूठा
इन सभी आरोपों पर Brigitte Macron की टीम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनके प्रतिनिधियों ने कहा कि किताब में कही गई बातें गलत और निराधार हैं।
टीम ने साफ किया कि ब्रिजित मैक्रों कभी अपने पति का मोबाइल फोन चेक नहीं करतीं और इस तरह की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है।
दूसरी ओर अभिनेत्री Golshifteh Farahani भी पहले ही ऐसी खबरों को खारिज कर चुकी हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि कुछ लोग प्यार और ध्यान की कमी के कारण इस तरह की कहानियां बना लेते हैं।
पत्रकार फ्लोरियन तारदिफ की किताब ने बढ़ाई हलचल
Florian Tardif फ्रांस के चर्चित पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे राजनीति और सत्ता से जुड़े संवेदनशील मामलों पर रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने कई वर्षों तक फ्रांसीसी पत्रिका Paris Match के साथ काम किया है और टीवी चैनल CNews पर भी राजनीतिक विश्लेषक के रूप में नजर आ चुके हैं।
उनकी नई किताब में दावा किया गया है कि वियतनाम दौरे के दौरान विमान से उतरने से पहले ब्रिजित मैक्रों ने कथित तौर पर राष्ट्रपति के फोन में अभिनेत्री का मैसेज देखा, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
हालांकि इन दावों को लेकर अभी तक फ्रांस के राष्ट्रपति भवन एलिसी पैलेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ट्रम्प ने भी उड़ाया था मजाक
यह वीडियो वायरल होने के बाद Donald Trump ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प ने निजी बातचीत के दौरान मजाकिया अंदाज में कहा था कि मैक्रों अब भी “जबड़े पर पड़े थप्पड़” से उबर रहे हैं।
बाद में मैक्रों ने जवाब देते हुए कहा था कि लोगों को हर बात को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखना चाहिए और गंभीर वैश्विक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
मैक्रों और ब्रिजित की लव स्टोरी हमेशा रही चर्चा में
Emmanuel Macron और Brigitte Macron का रिश्ता शुरू से ही दुनिया भर में चर्चा का विषय रहा है।
दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी जब मैक्रों स्कूल में पढ़ते थे और ब्रिजित उनकी टीचर थीं। उस समय मैक्रों की उम्र 15 साल थी जबकि ब्रिजित उनसे 24 साल बड़ी थीं।
समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में उन्होंने शादी कर ली। फ्रांस की राजनीति में यह रिश्ता हमेशा चर्चा और विवाद दोनों का कारण बना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति पद पर होने के कारण मैक्रों की निजी जिंदगी भी लगातार सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनी रहती है।
सोशल मीडिया और निजी जिंदगी के बीच बढ़ती बहस
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं की निजी जिंदगी को किस हद तक सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया के दौर में निजी पलों के वीडियो और तस्वीरें कुछ ही मिनटों में वैश्विक बहस बन जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में अफवाह और वास्तविकता के बीच फर्क करना बेहद जरूरी होता है।

