अखिलेश्वर महादेव मंदिर Aligarh में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में आएंगे महंत नृत्य गोपालदास (Mahant Nritya Gopal Das)
अयोध्या, भारतीय संस्कृति का अनमोल रत्न, सनातन धर्म की धरती, वहाँ की धरोहरों में श्रीरामलला का विशेष स्थान है। अत्यंत पुण्यभूमि अयोध्या में प्रतिवर्ष अनगिनत श्रद्धालुओं की भक्ति और आस्था का प्रकटीकरण होता है। इसी धरती पर आज एक और महत्वपूर्ण घटना की ध्वनि है, जिसमें अलीगढ़ शहर के लोगों को भी गर्व का अनुभव हो रहा है।
10 फरवरी को, रघुवीरपुरी स्थित अखिलेश्वर महादेव मंदिर में प्रेसवार्ता के माध्यम से सारे देश को सूचित किया गया कि अलीगढ़ के विद्वान महंत नृत्य गोपालदास जी अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए आ रहे हैं। इस महोत्सव में नेपाल पीठ के शंकराचार्य कृष्णदास महाराज भी उपस्थित होंगे। यह समारोह सन्तों और भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सनातन संस्कृति और धर्म की महिमा का अभिनय होगा।
मंदिर प्रांगण में 12 फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत होगी। इसके बाद, 13 फरवरी को श्री विग्रहों की शोभायात्रा होगी। यह यात्रा मसूदाबाद चौराहा से शुरू होकर होली चौक, गूलर रोड, मोरनी वाला पेच, महावीरगंज तक जाएगी, और अंत में मंदिर पर समाप्त होगी।
14 फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद, दोपहर 2 बजे से रूद्राभिषेक का आयोजन होगा। इसके बाद, 15 फरवरी को संत प्रवर अवधेशदास महाराज श्रीराम कथा का आयोजन करेंगे, जो अनेक श्रद्धालुओं को रामायण के अनमोल संदेशों से परिचित कराएगा।
आखिरकार, 16 फरवरी को महंत नृत्य गोपालदास (Mahant Nritya Gopal Das) जी का सानिध्य प्राप्त होगा। इस महोत्सव में अलीगढ़ शहर के साधकों और श्रद्धालुओं का विशेष उत्साह दिखाई देता है।
इस अद्वितीय उत्सव में ट्रस्ट के सचिव मनोज अग्रवाल, उपाध्यक्ष सतेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष ब्रजमोहन शर्मा, नवीन शर्मा, मुकेश सिंघल, प्रवीन अग्रवाल, विनोद गुप्ता, सुभाष गौतम, ज्ञानेन्द्र गुप्ता जैसे विभिन्न व्यक्तियों का साथ होगा।
यह अनुष्ठान सनातन धर्म की सभी महानताओं का समाहार करता है। यहाँ पर स्थानीय और देशवासियों को सम्मानित किया जा रहा है जो अपने धार्मिक और सामाजिक कर्तव्यों के प्रति समर्पित हैं। इस अवसर पर अयोध्या की सुंदरता, धरोहरों का गर्व, और सनातन धर्म की महिमा का विशेष महसूस होता है।
इस प्राचीन नगरी का एक और योगदान और अद्वितीयता महंत नृत्य गोपालदास जी द्वारा जोड़ा गया है, जिससे यहाँ का धार्मिक विरासत और भव्यता में और भी नवीनता और ऊर्जा आएगी। इस अनूठे समारोह से सनातन धर्म की सुंदरता और भक्ति की आवाज फिर से प्रतिष्ठित होगी।

