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Muzaffarnagar में महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा को लेकर सोनार समाज का बड़ा ऐलान, मांग पूरी न होने पर 2027 चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

Muzaffarnagar में सोनार समाज ने एक बार फिर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया है। श्री मैढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति के बैनर तले आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा एवं स्मारक निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखने का संकल्प लिया।

बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि महाराजा अजमीढ़ जी केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं बल्कि समाज के गौरव, प्रेरणा और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक हैं। ऐसे में उनकी प्रतिमा किसी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर स्थापित किया जाना समाज की लंबे समय से चली आ रही भावनात्मक और सामाजिक मांग है।


पवन वर्मा सर्राफ के आवास पर हुई बैठक, सैकड़ों लोगों ने की सहभागिता

श्री मैढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित यह बैठक समिति के अध्यक्ष पवन वर्मा सर्राफ के आवास पर आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता भगत सिंह रोड स्थित अलकनंदा ज्वेलर्स के स्वामी सुनील वर्मा ने की, जबकि संचालन समिति के कोषाध्यक्ष सतीश वर्मा ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना तथा वर्षों से लंबित मांगों को लेकर सामूहिक रणनीति तैयार करना रहा।

वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसके महापुरुषों, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से होती है। इसलिए समाज के अग्रज और प्रेरणास्रोत महाराजा अजमीढ़ जी को उचित सम्मान दिलाना सभी समाजजनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।


प्रतिमा और स्मारक की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप

बैठक के दौरान सबसे अधिक चर्चा महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा और स्मारक निर्माण के मुद्दे पर हुई। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से मांग उठाए जाने के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।

वक्ताओं ने कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर में विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं तथा अनेक मार्गों और सार्वजनिक स्थलों को महापुरुषों के नाम से विकसित किया गया है, लेकिन सोनार समाज के गौरव महाराजा अजमीढ़ जी को अब तक वह सम्मान नहीं मिल सका जिसकी समाज लंबे समय से अपेक्षा कर रहा है।

समाज के वरिष्ठ लोगों ने कहा कि यह मांग किसी राजनीतिक लाभ या व्यक्तिगत हित से जुड़ी नहीं है, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा विषय है।


नगर पालिका परिषद के प्रस्ताव का भी किया गया उल्लेख

बैठक में समाज के महासचिव सुनील वर्मा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कुछ माह पूर्व नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की बोर्ड बैठक में महाराजा अजमीढ़ जी महाराज की प्रतिमा स्थापना के लिए शामली रोड स्थित एक खाली स्थान को प्रस्ताव के माध्यम से स्वीकृति प्रदान की गई थी।

उन्होंने बताया कि नगर पालिका परिषद की विभागीय प्रक्रिया के अंतर्गत उक्त प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया और इसे सहारनपुर कमिश्नरी स्तर से भी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी थी। इसके बाद सोनार समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नगर विधायक एवं राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल से भी मुलाकात कर प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दिलाने की मांग उठाई थी।

हालांकि समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से यह मामला लंबित पड़ा हुआ है और अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। इसी कारण समाज में निराशा और असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है।


पवन वर्मा ने दी 2027 चुनाव बहिष्कार पर विचार की चेतावनी

बैठक के दौरान समिति अध्यक्ष पवन वर्मा सर्राफ ने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा स्थापना को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो समाज आगामी वर्ष 2027 के चुनावों के बहिष्कार पर विचार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि समाज वर्षों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठा रहा है, लेकिन यदि लगातार अनदेखी जारी रहती है तो समाज को अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए नए विकल्पों पर विचार करना पड़ेगा।

पवन वर्मा ने कहा कि यह मुद्दा केवल एक प्रतिमा का नहीं बल्कि पूरे समाज की अस्मिता, सम्मान और पहचान का है। इसलिए समाज अब इस विषय पर निर्णायक कदम उठाने के लिए तैयार है।


बैठक में समाजजनों ने किया समर्थन, सम्मान से जोड़ा मुद्दा

बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने पवन वर्मा के वक्तव्य का समर्थन करते हुए कहा कि यह मांग केवल एक स्मारक या मूर्ति तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार यह समाज की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने और आने वाली पीढ़ियों को अपने महापुरुषों के बारे में जागरूक करने का विषय है।

कई वक्ताओं ने कहा कि जब अन्य समाजों के महापुरुषों को सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया जा सकता है तो सोनार समाज के अग्रज महाराजा अजमीढ़ जी को भी उचित स्थान और सम्मान मिलना चाहिए।

समाज के लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि प्रतिमा स्थापना के लिए जल्द स्थान चिन्हित कर आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाए।


मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को व्यापक बनाने की चेतावनी

बैठक में मौजूद लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि समाज की मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से समाज अपनी बात को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाता रहेगा।

उन्होंने कहा कि समाज किसी प्रकार के टकराव में विश्वास नहीं रखता, लेकिन अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष करने से पीछे भी नहीं हटेगा।

समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर अन्य जिलों के समाजजनों को भी इस अभियान से जोड़ने की योजना बनाई जा सकती है।


राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा, जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया पर टिकी नजरें

सोनार समाज की ओर से दिए गए इस सार्वजनिक संदेश और चुनाव बहिष्कार जैसे संकेतों के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। समाज के नेताओं द्वारा रखे गए विचारों ने इस मुद्दे को सामाजिक मांग से आगे बढ़ाकर राजनीतिक महत्व का विषय बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संगठित समाज की भावनाओं और मांगों को गंभीरता से लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।


बैठक में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग रहे उपस्थित

बैठक में समन्वय समिति के उपाध्यक्ष शिवकुमार वर्मा, समिति के प्रवक्ता महेश वर्मा, प्रवीण वर्मा, रामकुमार वर्मा, नरेश कुमार वर्मा, रोहताश वर्मा, हिमांशु वर्मा, हीरालाल वर्मा, प्रवीण कुमार, सुनील कुमार वर्मा, सचिन वर्मा, कोकील वर्मा, त्रष कुमार मास्टर जी, सुरेश चंद्र वर्मा, नरेंद्र वर्मा एडवोकेट, संजय वर्मा सर्राफ कटरा मोचियांन, शिवम वर्मा, भोला सर्राफ, रवींद्र वर्मा बिरालसी वाले, योगेश वर्मा, सुशील वर्मा शामली वाले, मास्टर अनिल कुमार, सुनील कुमार, रूपचंद वर्मा, गौरव वर्मा, आशु वर्मा, राहुल वर्मा, शुभम वर्मा, बृजमोहन वर्मा तहसील वाले, विजय वर्मा, मनोज वर्मा, शशांक वर्मा, संजीव वर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।


 

मुजफ्फरनगर में महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा और स्मारक की मांग को लेकर सोनार समाज का यह अभियान अब एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी मांग सम्मान, इतिहास और पहचान से जुड़ी हुई है। बैठक में उठी आवाजों और आगामी रणनीति को देखते हुए यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक चर्चा का केंद्र बन सकता है। अब सभी की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के अगले कदम पर टिकी हुई है कि समाज की इस लंबे समय से लंबित मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।

 

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