Muzaffarnagar शुकतीर्थ में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, स्वच्छता अभियान चलाकर दूर की गई जलभराव की समस्या
News-Desk
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Muzaffarnagar News, एसडीएम रश्मि लांबा, जलभराव, तीर्थ नगरी, नाली सफाई, मुजफ्फरनगर समाचार, मोरना, शुकतीर्थ, साधु संत, स्वच्छता अभियान, हनुमंत धामShukteerth Waterlogging की समस्या को लेकर साधु-संतों और तीर्थवासियों द्वारा उठाई गई आवाज के बाद Muzaffarnagar प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के दौरान नालियों और नालों की व्यापक सफाई कर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की गई, जिससे लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या से लोगों को राहत मिली।
पौराणिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाली तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में हाल के दिनों में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और आश्रमों में रहने वाले साधु-संतों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा तत्काल कदम उठाए जाने पर लोगों ने राहत महसूस की।
हनुमंत धाम और मानव चेतना केंद्र के सामने बनी थी गंभीर स्थिति
जानकारी के अनुसार शुकतीर्थ स्थित हनुमंत धाम आश्रम, मानव चेतना केंद्र तथा आसपास के मार्गों पर नालियों का पानी जमा होने से लंबे समय से जलभराव की स्थिति बनी हुई थी।
सड़क पर गंदा पानी जमा होने से दुर्गंध फैल रही थी, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। धार्मिक स्थल होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
साधु-संतों और तीर्थवासियों ने किया था प्रदर्शन
जलभराव की समस्या से परेशान साधु-संतों और तीर्थवासियों ने हाल ही में मां पूर्णागिरि आश्रम के महंत महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज के नेतृत्व में प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था।
प्रदर्शन के दौरान साधु-संतों ने बताया कि लंबे समय से नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण पानी सड़क पर फैल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे धार्मिक स्थल की स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा दोनों प्रभावित हो रही हैं।
एसडीएम रश्मि लांबा ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम रश्मि लांबा मौके पर पहुंचीं और साधु-संतों एवं स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
साधु-संतों ने उन्हें बताया कि नालियां चोक होने के कारण जल निकासी बाधित हो रही है। साथ ही उन्होंने यह भी शिकायत की कि गौशाला से निकलने वाला गोबर और गंदा पानी नालियों में छोड़े जाने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
उनके अनुसार बरसात के दिनों में हालात ऐसे हो जाते हैं कि पैदल चलना भी कठिन हो जाता है।
जल निकासी की व्यवस्था सुधारने के दिए गए थे निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने आसपास के क्षेत्र का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल नालियों एवं नालों की सफाई कर जल निकासी सुचारु करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर की गई नालियों की सफाई
एसडीएम के निर्देशों के बाद शनिवार को प्रशासन द्वारा शुकतीर्थ में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया।
अभियान के अंतर्गत—
- नालियों की सफाई की गई।
- नालों से गाद और अवरोध हटाए गए।
- जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाया गया।
- जलभराव वाले स्थानों से जमा पानी हटाया गया।
इन कार्यों के बाद मार्गों पर जमा पानी काफी हद तक समाप्त हो गया और लोगों को राहत मिली।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को मिली राहत
स्वच्छता अभियान के बाद हनुमंत धाम आश्रम, मानव चेतना केंद्र और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या कम होने से साधु-संतों, तीर्थवासियों और स्थानीय नागरिकों ने राहत महसूस की।
धार्मिक स्थल होने के कारण यहां प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर लगातार ध्यान दिया जाए तो भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होने की संभावना कम होगी।
स्वच्छ तीर्थ और बेहतर व्यवस्थाओं पर प्रशासन का जोर
शुकतीर्थ उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। ऐसे में स्वच्छता, जल निकासी और आधारभूत सुविधाओं का बेहतर होना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
हालिया कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए समस्या के समाधान का प्रयास किया। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी नियमित सफाई और रखरखाव जारी रहेगा, जिससे तीर्थ क्षेत्र स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहेगा।

