Maharajganj के नौतनवां में दिल दहला देने वाली वारदात: दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद पिता ने फांसी लगाकर दी जान
Maharajganj महराजगंज जिले के नौतनवां कस्बे में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई जिसने हर किसी को झकझोर दिया। यहां एक युवक ने अपने ही दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी और इसके बाद सुसाइड नोट लिखकर खुद फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
गांधी नगर वार्ड के किराए के कमरे में हुई घटना
बताया जा रहा है कि यह घटना नौतनवां कस्बे के गांधी नगर वार्ड स्थित एक किराए के कमरे में रविवार सुबह घटी। यहां रहने वाले अमरीश ठाकुर ने पहले अपनी चार वर्षीय बेटी कंचन और तीन वर्षीय बेटे अमरेंद्र की हत्या कर दी।
इसके बाद अमरीश ठाकुर ने कमरे में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब तक आसपास के लोगों को इस घटना की जानकारी हुई और पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया और स्थानीय लोग लंबे समय तक सदमे में रहे।
पत्नी ड्यूटी पर थीं, घर में थे पिता और बच्चे
घटना के समय अमरीश ठाकुर की पत्नी बंदना ड्यूटी पर गई हुई थीं। बंदना एसएसबी की 66वीं वाहिनी मुख्यालय में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत बताई जा रही हैं।
जब उन्हें घटना की सूचना मिली तो वे तुरंत घर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घर का दृश्य देखकर परिवार और आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए।
पुलिस के अनुसार कमरे में तीनों के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
सुसाइड नोट और वीडियो में लगाए गए आरोप
जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट और वीडियो मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें अमरीश ठाकुर ने अपने परिवार के टूटने की वजह एक कथित व्यक्ति सोनू गौतम को बताया है।
बताया जा रहा है कि सोनू गौतम गाजीपुर जिले का रहने वाला है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बंदना और सोनू की पहचान पढ़ाई के दौरान हुई थी और समय के साथ दोनों के बीच दोस्ती गहरी हो गई।
हालांकि पुलिस अभी इन सभी दावों की पुष्टि करने में जुटी हुई है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
पुरानी पहचान से बढ़ी नजदीकियां
सूत्रों के अनुसार बंदना और सोनू गौतम की पहचान काफी पुरानी बताई जा रही है। पढ़ाई के दौरान हुई मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और समय के साथ यह संबंध गहरा होता गया।
बताया जा रहा है कि जब अमरीश ठाकुर को इस संबंध के बारे में पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। कुछ समय के लिए बातचीत बंद भी रही, लेकिन बाद में दोनों के बीच फिर संपर्क शुरू हो गया।
सुसाइड वीडियो के मुताबिक दोनों के बीच फोन और वीडियो कॉल के जरिए बातचीत जारी रहती थी।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए
घटना के बाद पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार देर रात शव अमरीश ठाकुर के भाई अश्वनी कुमार शास्त्री को सौंप दिए गए।
परिजन रात में ही तीनों शवों को लेकर गाजीपुर जिले के पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए।
गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
सोमवार सुबह जब तीनों शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार और गांव के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
इसके बाद गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट और वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
इसके अलावा कथित तौर पर जिन लोगों का नाम सामने आया है, उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

