BSA द्वारा निजी स्कूलों के पक्ष में आदेश दिये जाने पर आक्रोश- फीस माफी को लेकर दिया ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन के दौरान फीस माफी की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे अभिभावकों ने आज कचहरी में डीएम कार्यालय पर पहुंचकर एक ज्ञापन दिया और शासनादेश की अनदेखी कर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा निजी स्कूलों के पक्ष में लिखित आदेश दिये जाने पर आक्रोश व्यक्त किया है।
ऑल स्कूल पेरेंटस एसोसिएशन के बैनर तले कचहरी पहुंचकर अभिभावकों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर बताया कि प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला द्वारा कोरोना वायरस लॉकडाउन की अवधि में शुल्क न लिये जाने के सम्बंध में शासनादेश जारी किया था
जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत लॉकडाउन के कारण अनेको छात्रों के अभिभावको के रोजगार भी प्रभावित हुए है। ऐसी स्थिति में उनके द्वारा शुल्क जमा किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है
यदि आपदा की अवधि में शुल्क को स्थगित किये जाने का अनुरोध अभिभावकों द्वारा किया जाये, तो विद्यालय प्रबंधक व प्रधानाचार्य द्वारा आपदा को दृष्टिगत रखते हुए शुल्क को स्थगित करने पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाये।
एसोसिएशन के अध्यक्ष उमंग वत्स व सचिव पंकज त्यागी ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि वर्तमान समय में व्यापार ठप होने के कारण अभिभावकों द्वारा फीस जमा कराया जाना संभव नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में फीस माफी के आदेश जारी किये जाये। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा लगातार फीस जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है और छात्र छात्राओं व अभिभावकों को परेशान किया जा रहा है
जबकि अभिभावक फीस जमा कराने की स्थिति में नहीं है। अभिभावकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव मंडलायुक्त व संयुक्त शिक्षा निदेशक को भी ज्ञापन की प्रति भेजी है।
