Miami एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ Amazon कार्गो प्लेन, रनवे पार कर गाड़ियों से टकराया; 5 की मौत, 3 गंभीर
News-Desk
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हादसे में 5 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 5 अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों में 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर धुएं का घना गुबार दिखाई दिया और एयरपोर्ट पर आपातकालीन सेवाओं को बड़े पैमाने पर सक्रिय करना पड़ा।
यह विमान Amazon के Prime Air नेटवर्क के लिए संचालित किया जा रहा था और इसे 21 Air ऑपरेट कर रही थी। विमान ने प्यूर्टो रिको के सैन जुआन स्थित लुइस मुनोज मारिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और मियामी में लैंडिंग के दौरान यह दुर्घटना हुई।
फिलहाल हादसे की सटीक वजह आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। अमेरिका की विमानन सुरक्षा एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं।
लैंडिंग के बाद अचानक बिगड़ा हालात का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के मुताबिक हादसा स्थानीय समयानुसार रविवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ। कार्गो विमान मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रनवे 30 पर उतर रहा था।
लैंडिंग के बाद विमान को रनवे पर रुकना था, लेकिन वह इस्तेमाल योग्य रनवे क्षेत्र से आगे निकल गया। इसके बाद विमान एयरपोर्ट के आसपास मौजूद वाहनों की दिशा में चला गया और कई गाड़ियों से टकरा गया।
टक्कर के बाद विमान में आग लग गई। कुछ ही देर में आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा।
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर आगे की तरफ झुक गया था। वहीं, उसकी चपेट में आई कुछ गाड़ियों में लोग फंस गए थे।
विमान में पायलट और को-पायलट भी फंसे
हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। विमान के कॉकपिट में पायलट और को-पायलट के फंसे होने की जानकारी सामने आई।
दूसरी ओर, विमान की चपेट में आने वाली कुछ गाड़ियों में भी लोग फंस गए थे। ऐसे में बचाव दल के सामने एक साथ कई स्थानों पर लोगों को निकालने की चुनौती थी।
मियामी-डेड फायर रेस्क्यू की 60 से अधिक यूनिट घटनास्थल पर पहुंचीं। करीब 200 से ज्यादा आपातकालीन कर्मियों को बचाव अभियान में लगाया गया।
दमकलकर्मियों ने विमान में लगी आग पर काबू पाने के लिए विशेष फोम का इस्तेमाल किया। इसके बाद विमान और दुर्घटनास्थल के आसपास फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम किया गया।
घंटों तक बना रहा ईंधन रिसाव का खतरा
आग पर काबू पाने के बाद भी राहत दल की चुनौती खत्म नहीं हुई थी। हादसे के कई घंटे बाद तक विमान से ईंधन रिसाव की समस्या बनी रहने की जानकारी सामने आई।
ऐसी स्थिति में किसी भी छोटी चिंगारी या आग के दोबारा भड़कने का खतरा रहता है। इसलिए घटनास्थल पर दमकल और आपातकालीन दलों को लंबे समय तक तैनात रखा गया।
अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि मृतकों में कितने लोग विमान में सवार थे और कितने लोग जमीन पर मौजूद थे। इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ज्यादा स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
रनवे से बाहर निकलते समय करीब 208 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
हादसे से जुड़ी शुरुआती जानकारी में विमान की गति को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है।
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान जब रनवे के इस्तेमाल योग्य हिस्से से बाहर निकला, उस समय उसकी गति करीब 112 नॉट, यानी लगभग 129 मील प्रति घंटे या 208 किलोमीटर प्रति घंटे थी।
इतनी तेज गति से चल रहे भारी-भरकम कार्गो विमान का समय पर रुक न पाना दुर्घटना की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।
हालांकि, केवल गति के आंकड़े से दुर्घटना का कारण तय नहीं किया जा सकता। यह पता लगाना जरूरी होगा कि लैंडिंग के समय विमान की स्थिति क्या थी, ब्रेकिंग सिस्टम ने कैसे काम किया, रनवे की परिस्थितियां कैसी थीं और चालक दल के पास विमान को रोकने के लिए पर्याप्त दूरी उपलब्ध थी या नहीं।
इसलिए जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना महत्वपूर्ण होगा।
ATC रिकॉर्डिंग में सुनाई दी रनवे पार करने की सूचना
हादसे के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल की रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा बन गई है।
रिकॉर्डिंग में एक ग्राउंड व्हीकल से एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर को यह सूचना देते हुए सुना गया कि विमान रनवे 30 के आगे निकल गया है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, लैंडिंग से पहले पायलटों की ओर से किसी आपात स्थिति की घोषणा नहीं की गई थी।
इसका मतलब यह नहीं है कि विमान में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या नहीं थी। विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांचकर्ताओं को कॉकपिट डेटा, विमान के रखरखाव रिकॉर्ड, मौसम की स्थिति, रनवे की स्थिति, लैंडिंग की गति और चालक दल की बातचीत समेत कई पहलुओं की जांच करनी होगी।
प्यूर्टो रिको से मियामी पहुंचा था विमान
FAA के मुताबिक विमान ने लुइस मुनोज मारिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सैन जुआन, प्यूर्टो रिको से उड़ान भरी थी।
फ्लाइट-ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार यह उड़ान करीब दो घंटे की थी। विमान मियामी में लगभग दोपहर 2 बजे पहुंचा।
यह एक कार्गो फ्लाइट थी और Amazon Air के लिए संचालित की जा रही थी। विमान के संचालन की जिम्मेदारी 21 Air के पास थी।
हादसे के बाद विमान और ऑपरेटर से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
32 साल पुराना था Boeing 767 कार्गो विमान
दुर्घटनाग्रस्त विमान करीब 32 साल पुराना Boeing 767 बताया गया है।
Boeing 767 लंबे समय से यात्री और कार्गो दोनों तरह के परिचालन में इस्तेमाल किया जाने वाला विमान है। पुराने विमान का मतलब अपने आप असुरक्षित विमान नहीं होता। किसी विमान की सुरक्षा उसकी उम्र के साथ-साथ उसके रखरखाव, निरीक्षण, तकनीकी स्थिति और नियामकीय मानकों के पालन पर निर्भर करती है।
इसलिए विमान की उम्र को दुर्घटना का कारण मानना अभी उचित नहीं होगा।
जांच में यह देखा जाएगा कि विमान का रखरखाव कब और कैसे किया गया था, हाल में उसकी कौन-कौन सी तकनीकी जांच हुई थी और क्या किसी प्रकार की खराबी की जानकारी पहले से मौजूद थी।
रनवे 30 पर हुई थी लैंडिंग
FAA के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विमान ने रनवे 30 पर लैंडिंग की थी।
यह रनवे 9,000 फीट से ज्यादा लंबा है। इसके बावजूद विमान रनवे के इस्तेमाल योग्य हिस्से से आगे निकल गया।
यही पहलू जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। किसी बड़े कार्गो विमान को लैंडिंग के बाद सुरक्षित रूप से रोकने के लिए रनवे की लंबाई के साथ-साथ विमान की गति, वजन, मौसम, हवा की दिशा, ब्रेकिंग क्षमता और रनवे की सतह जैसी कई परिस्थितियां मायने रखती हैं।
जांचकर्ता इन्हीं सभी कारकों को जोड़कर यह समझने की कोशिश करेंगे कि विमान रनवे से बाहर क्यों गया।
Amazon ने घटना पर क्या कहा?
Amazon की प्रवक्ता केली नेंटेल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए पुष्टि की कि 21 Air द्वारा संचालित Amazon Air का विमान मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एक घटना का शिकार हुआ।
कंपनी की ओर से यह भी कहा गया कि घटना के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और यह समझने की कोशिश की जा रही है कि वास्तव में क्या हुआ।
कंपनी और विमान संचालक की ओर से हादसे के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
हादसे के बाद मियामी एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित
Miami Airport Plane Crash का असर केवल दुर्घटनास्थल तक सीमित नहीं रहा। हादसे के बाद एयरपोर्ट के संचालन पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा।
कुछ समय के लिए मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सभी रनवे और टैक्सीवे बंद कर दिए गए थे। ग्राउंड स्टॉप लागू होने से कई उड़ानों को रोकना पड़ा।
इसका असर यात्रियों पर भी पड़ा और एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार रविवार को 160 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, जबकि करीब 325 उड़ानों में देरी हुई।
शाम तक एयरपोर्ट के कुछ रनवे फिर से खोल दिए गए, लेकिन दुर्घटनाग्रस्त विमान के कारण सामान्य परिचालन पूरी तरह सामान्य होने में समय लगा।
एयरपोर्ट के पास खड़ी गाड़ियों से टकराया विमान
हादसे की सबसे भयावह तस्वीरें विमान और वाहनों के बीच हुई टक्कर से सामने आईं।
रनवे से बाहर निकलने के बाद भारी विमान कई वाहनों की ओर बढ़ा और उनसे टकरा गया। इसके बाद विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वह आगे की तरफ झुका हुआ दिखाई दिया।
टक्कर के बाद लगी आग और उससे निकलते काले धुएं ने हादसे की गंभीरता को और बढ़ा दिया।
मौके पर मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद डरावना था। एक तरफ विमान में आग लगी थी, दूसरी तरफ क्षतिग्रस्त वाहनों में लोगों के फंसे होने की सूचना थी।
इसी वजह से दमकल और बचाव टीमों को तुरंत बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करना पड़ा।
क्या विमान में तकनीकी खराबी थी? अभी कोई पुष्टि नहीं
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर विमान समय पर क्यों नहीं रुक पाया।
क्या ब्रेकिंग सिस्टम में समस्या आई?
क्या लैंडिंग के समय विमान की गति अपेक्षा से अधिक थी?
क्या मौसम या रनवे की स्थिति का कोई प्रभाव था?
क्या विमान के किसी सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी थी?
या फिर हादसे के पीछे कोई अन्य मानवीय या परिचालन संबंधी कारण था?
फिलहाल इन सवालों के जवाब नहीं हैं।
FAA और NTSB जांच के जरिए दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होती, किसी एक कारण को हादसे की वजह बताना उचित नहीं होगा।
FAA और NTSB की जांच पर टिकी नजर
अमेरिका में विमान दुर्घटनाओं की जांच में Federal Aviation Administration (FAA) और National Transportation Safety Board (NTSB) की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
FAA ने घटना की जांच किए जाने की जानकारी दी है, जबकि NTSB भी मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है।
जांच के दौरान विमान के फ्लाइट डेटा, कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग, रखरखाव संबंधी रिकॉर्ड, मौसम, रनवे की स्थिति और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत जैसे पहलुओं की समीक्षा की जा सकती है।
इसके अलावा विमान के मलबे और तकनीकी हिस्सों की जांच से भी महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं।
कार्गो विमान और यात्री विमान में क्या अंतर होता है?
इस घटना ने एक बार फिर कार्गो विमान की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं।
कार्गो विमान मुख्य रूप से माल ढोने के लिए डिजाइन या परिवर्तित किए जाते हैं। इनमें यात्रियों की जगह माल लादा जाता है और विमान का वजन वितरण भी कार्गो के हिसाब से तय किया जाता है।
लेकिन कार्गो विमान भी यात्री विमानों की तरह ही कड़े विमानन सुरक्षा नियमों और निरीक्षण प्रक्रियाओं के अधीन होते हैं।
इसलिए किसी दुर्घटना को केवल इस आधार पर कार्गो विमान से जोड़ना सही नहीं होगा।
इस मामले में असली कारण जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक हादसा, कई सवाल और अभी बाकी है पूरी जांच
मियामी एयरपोर्ट पर हुआ यह हादसा कई स्तरों पर गंभीर है। पांच लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के साथ-साथ एयरपोर्ट का परिचालन प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द या विलंबित हुईं।
लेकिन दुर्घटना के बाद सबसे जरूरी सवालों के जवाब अभी बाकी हैं।
विमान रनवे से बाहर क्यों गया? क्या पायलटों को किसी समस्या का सामना करना पड़ा था? क्या विमान की गति सामान्य सीमा में थी? ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी प्रणालियों ने कैसा प्रदर्शन किया? रनवे और मौसम की स्थिति कैसी थी?
इन सभी सवालों का जवाब आधिकारिक जांच से ही सामने आएगा।
फिलहाल राहत और बचाव टीमों की कार्रवाई के बाद दुर्घटनास्थल को सुरक्षित करने और जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाने पर ध्यान दिया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान और विमान में तथा जमीन पर मौजूद लोगों से जुड़ी पूरी जानकारी भी अधिकारियों की जांच के साथ स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मियामी एयरपोर्ट का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि विमान की लैंडिंग के अंतिम कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण होते हैं। फिलहाल दुर्घटना की वजह को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। FAA और NTSB की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 32 साल पुराने Boeing 767 को रनवे पर रोकने में आखिर क्या चूक हुई और हादसे की जिम्मेदारी किन परिस्थितियों से जुड़ी थी।

