Muzaffarnagar में ATM ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग का पर्दाफाश, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल; 10 चोरी के ATM कार्ड और नकदी बरामद
Muzaffarnagar में लोगों की मेहनत की कमाई को निशाना बनाने वाले एक कथित अंतरजनपदीय ATM ठगी गैंग का थाना सिविल लाइन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक यह गैंग ATM कार्ड बदलने के साथ-साथ मशीन के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक या गोंद लगाकर ग्राहकों को फंसाता था और फिर उनके PIN की जानकारी हासिल कर बैंक खाते से रकम निकाल लेता था।
गैंग के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी फैजान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुआ, जबकि उसके साथी प्रशांत उर्फ पुच्ची उर्फ पटवारी को पुलिस ने घेराबंदी और कॉम्बिंग के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध 315 बोर तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की स्पलेंडर प्लस मोटरसाइकिल, अलग-अलग बैंकों के 10 चोरी के ATM कार्ड और 10 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुरुषोत्तम कुमार की शिकायत से खुला मामला
पुलिस के अनुसार इस मामले की शुरुआत 4 अक्टूबर 2026 को इंदिरा कॉलोनी निवासी पुरुषोत्तम कुमार की शिकायत से हुई।
पुरुषोत्तम कुमार ने थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर बताया था कि किसी अज्ञात ठग ने उनका ATM कार्ड चोरी कर लिया और धोखे से उनके खाते से 19,500 रुपये निकाल लिए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मु०अ०सं० 256/2026 के तहत धारा 303(2)/318(4) में मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को ऐसे गिरोह के बारे में सुराग मिले जो ATM बूथों को निशाना बनाकर ग्राहकों के कार्ड और PIN की जानकारी हासिल करता था।
बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास पुलिस से मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक 4 और 5 अक्टूबर की मध्यरात्रि को सिविल लाइन पुलिस की टीम बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध स्पलेंडर मोटरसाइकिल आती दिखाई दी।
पुलिस ने टॉर्च की रोशनी से बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया। आरोपियों ने रुकने के बजाय बाइक मोड़कर जंगल की ओर भगाने की कोशिश की।
पुलिस का आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने पीछा किया तो चकरोड पर बाइक फिसल गई। इसके बाद आरोपियों ने पेड़ की आड़ लेकर कथित तौर पर फिर गोलियां चलाईं।
पुलिस के अनुसार आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। दूसरे आरोपी को पुलिस टीम ने कॉम्बिंग करते हुए पकड़ लिया।
फैजान और प्रशांत गिरफ्तार
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैजान, उम्र 24 वर्ष, पुत्र शाहिद, निवासी ग्राम बारीपुर, संभल, हाल निवासी नोएडा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसके दाहिने पैर में गोली लगी है।
दूसरे आरोपी की पहचान प्रशांत उर्फ पुच्ची उर्फ पटवारी, उम्र 23 वर्ष, पुत्र सुनील तोमर, निवासी ग्राम रहरूआ, हापुड़, हाल निवासी नोएडा के रूप में हुई है।
घायल फैजान को उपचार के लिए भेजा गया, जबकि उसके साथी प्रशांत को पुलिस ने गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
फैजान पर 11 और प्रशांत पर 8 मुकदमे
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।
आरोपी फैजान के खिलाफ नोएडा, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, हापुड़, मुरादाबाद और अमरोहा में धोखाधड़ी, चोरी और आम्र्स एक्ट से जुड़े 11 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं, आरोपी प्रशांत के खिलाफ भी अलग-अलग जिलों में 8 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इस आपराधिक पृष्ठभूमि के सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी किन-किन मामलों में शामिल रहे हैं और उनके साथ इस गिरोह में और कौन लोग जुड़े हुए हैं।
फेवीक्विक लगाकर ATM कार्ड फंसाता था गैंग
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर ATM ठगी का तरीका बताया। पुलिस के अनुसार गैंग ऐसे ATM बूथ तलाशता था जहां कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होता था।
इसके बाद आरोपी ATM बूथ की दीवार या मशीन पर फर्जी हेल्पलाइन नंबर लिख देते थे। कई बार अपना मोबाइल नंबर ही हेल्पलाइन नंबर के रूप में चिपका देते थे।
इसके बाद ATM के उस स्लॉट में, जहां ग्राहक अपना कार्ड डालता है, फेवीक्विक या गोंद लगा दिया जाता था।
ग्राहक जब मशीन में अपना कार्ड डालता तो वह अंदर फंस जाता। यहीं से ठगी का अगला चरण शुरू होता था।
मदद के बहाने PIN देखता था साथी
पुलिस के मुताबिक कार्ड ATM में फंसने के बाद गैंग का एक सदस्य मदद करने के बहाने ग्राहक के पास पहुंचता था।
वह ग्राहक को यह भरोसा दिलाता था कि कार्ड निकालने में मदद की जा सकती है। इसी दौरान ट्रांजैक्शन कैंसिल कराने या किसी अन्य बहाने से ग्राहक का PIN चुपके से देख लिया जाता था।
ग्राहक को लगता था कि सामने खड़ा व्यक्ति उसकी समस्या हल करने में मदद कर रहा है, लेकिन कथित तौर पर गैंग का मकसद ATM कार्ड के साथ PIN हासिल करना होता था।
फर्जी हेल्पलाइन से ग्राहक को घर भेज देते थे
गैंग का सबसे अहम हिस्सा फर्जी हेल्पलाइन नंबर बताया गया है।
जब परेशान ग्राहक ATM बूथ की दीवार या मशीन पर लिखे नंबर पर फोन करता था, तो बाहर मौजूद गैंग का दूसरा सदस्य फोन उठाता था।
पुलिस के अनुसार वह ग्राहक से कहता था कि उसका कार्ड लॉक हो गया है और दो घंटे बाद अनलॉक होगा, इसलिए वह घर चला जाए।
ग्राहक के वहां से चले जाने के बाद गैंग के सदस्य पेचकस आदि की मदद से ATM मशीन से कार्ड निकाल लेते थे।
इसके बाद कथित तौर पर उसी कार्ड और पहले से देखे गए PIN की मदद से किसी दूसरे ATM से खाते में मौजूद रकम निकालकर फरार हो जाते थे।
10 चोरी के ATM कार्ड और 10 हजार रुपये बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 10 चोरी किए गए ATM कार्ड बरामद किए हैं।
इसके अलावा 10,000 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार यह रकम चोरी किए गए कार्ड से निकाली गई थी।
बरामद सामान में 01 अवैध तमंचा 315 बोर, 01 जिंदा कारतूस और 02 खोखा कारतूस भी शामिल हैं।
इसके साथ ही बिना नंबर प्लेट की 01 स्पलेंडर प्लस मोटरसाइकिल भी पुलिस ने बरामद की है।
इन बरामदगियों के आधार पर पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पुराने मामलों से इनके कनेक्शन की जांच कर रही है।
ATM बूथ चुनने का भी था खास तरीका
पूछताछ में सामने आए कथित तरीके से पता चलता है कि गैंग बेतरतीब तरीके से ATM नहीं चुनता था। पुलिस के अनुसार ऐसे बूथों को निशाना बनाया जाता था जहां सुरक्षा गार्ड नहीं होता था।
गार्ड की गैरमौजूदगी में मशीन के साथ छेड़छाड़ करना और फर्जी हेल्पलाइन नंबर लगाना आसान होता था। इसके बाद ग्राहक के कार्ड फंसने पर उसे मदद के नाम पर बातचीत में उलझाया जाता और PIN हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
यानी ठगी की पूरी प्रक्रिया में ATM मशीन, ग्राहक की परेशानी और फर्जी हेल्पलाइन—तीनों का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस अब खंगाल रही गैंग की पूरी कड़ी
दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 10 ATM कार्ड की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने अब इस गिरोह की पूरी गतिविधियों को खंगालने की चुनौती है।
जांच में यह पता लगाया जाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद कार्ड किन लोगों के हैं, उनके खातों से कितनी रकम निकाली गई और आरोपियों ने किन-किन ATM बूथों को निशाना बनाया।
साथ ही पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि आरोपियों के साथ और कितने लोग काम करते थे और अलग-अलग जिलों में दर्ज मुकदमों में इनकी क्या भूमिका रही है।
पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रूप सिंह, मोहित कुमार, अंकित, सुधीर, कांस्टेबल मोहित यादव, ब्रह्मदेव और सैनी सिंह शामिल रहे।
चेकिंग के दौरान संदिग्ध बाइक को रोकने से शुरू हुई कार्रवाई मुठभेड़ तक पहुंची और इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हथियार, वाहन, ATM कार्ड और नकदी बरामद की।
मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ATM ठगी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित साथियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

