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Muzaffarnagar-टीबी को जड़ से खत्म करने की मुहिम तेज़, इंडोगल्फ फार्मा ने बढ़ाया मदद का हाथ!

मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) भारत को टीबी (Tuberculosis) मुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें निरंतर प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान तेजी पकड़ रहा है। इस मुहिम में अब दवा कंपनियां और समाजसेवी संस्थाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

इसी कड़ी में इंडोगल्फ फार्मास्युटिकल्स से जुड़े नीलकमल पुरी और व्यापक कृष्णपुरी ने टीबी ग्रस्त मरीजों की मदद के लिए 21 पोषण पोटलियों का वितरण किया। इस पहल का आयोजन जिला चिकित्सालय परिसर स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी भवन में किया गया, जहां सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

टीबी मरीजों को पोषण और सहानुभूति की ज़रूरत

टीबी जैसी घातक बीमारी से लड़ने के लिए केवल दवा ही नहीं, बल्कि मजबूत इम्यूनिटी, अच्छा पोषण और मानसिक हौसला भी जरूरी है। नीलकमल पुरी ने कहा,

“देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए हमें दवाओं के साथ-साथ मरीजों को पोषण और सहयोग देना होगा। हम अगले 6 महीने तक इन मरीजों की मदद करेंगे और जरूरतमंद लोगों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करते रहेंगे।”

उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि वे इस नेक कार्य में आगे आएं और टीबी मरीजों की मदद करें।

सीएमओ ने सराहा फार्मा कंपनी का योगदान

इस कार्यक्रम में सीएमओ (Chief Medical Officer) सुनील तेवतिया भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा,

“100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत हम हर मरीज तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। आज इंडोगल्फ फार्मा द्वारा 21 मरीजों को पोषण पोटलियां दी गईं, यह एक सराहनीय कदम है। इस तरह के प्रयास से हम निश्चित रूप से टीबी को जड़ से खत्म कर सकते हैं।”

सीएमओ ने यह भी बताया कि टीबी मरीजों को केवल दवाओं से ही नहीं, बल्कि बेहतर देखभाल, पोषण और मानसिक सहयोग से भी स्वस्थ किया जा सकता है।

टीबी उन्मूलन में सरकार और समाज का सहयोग जरूरी

सरकार ने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत 100 दिनों का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में समाजसेवियों और निजी संस्थाओं की भागीदारी को भी अहम बताया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. करण सिंह ने कहा कि यदि हर व्यक्ति इस अभियान में अपनी भूमिका निभाए, तो हम जल्द ही इस बीमारी पर नियंत्रण पा सकते हैं।

टीबी उन्मूलन की दिशा में अन्य महत्वपूर्ण प्रयास

सरकार और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए कई अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं:

“निक्षय मित्र योजना” – जिसमें कोई भी व्यक्ति या संस्था टीबी मरीज को गोद लेकर उसकी मदद कर सकती है।
“टीबी मरीजों को मुफ्त पोषण किट” – सरकार द्वारा गरीब मरीजों को जरूरी पोषण सामग्री दी जा रही है।
“टीबी स्क्रीनिंग अभियान” – घर-घर जाकर मरीजों की पहचान और उन्हें दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
“प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी” – फार्मा कंपनियां, NGOs और समाजसेवी इस अभियान से जुड़ रहे हैं।

टीबी क्या है और इससे बचाव कैसे संभव है?

टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium Tuberculosis) नामक बैक्टीरिया से फैलती है। यह बीमारी फेफड़ों को प्रभावित करती है और खांसी, वजन घटने, रात में पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण पैदा करती है।

टीबी से बचने के लिए क्या करें?

🔹 टीबी से ग्रस्त व्यक्ति से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
🔹 टीबी का संदेह हो तो तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं।
🔹 पोषण से भरपूर आहार लें, जिसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल हों।
🔹 नियमित रूप से टीबी की पूरी दवा लें, इलाज बीच में न छोड़ें।
🔹 भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क का उपयोग करें।

“निक्षय मित्र” अभियान में शामिल हों और बनें किसी की जिंदगी का सहारा!

टीबी के मरीजों की मदद के लिए भारत सरकार ने “निक्षय मित्र योजना” शुरू की है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति कम से कम 6 महीने के लिए किसी टीबी मरीज को गोद लेकर उसे आवश्यक पोषण और सहायता प्रदान कर सकता है।

यदि आप भी इस अभियान में जुड़ना चाहते हैं, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

टीबी के खिलाफ जंग में शामिल हुए ये गणमान्य लोग

इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल थे:

📌 सीएमओ डॉक्टर सुनील तेवतिया
📌 एमओ डॉक्टर करण सिंह
📌 सामाजिक कार्यकर्ता विपिन शर्मा, अभिषेक, हेमंत यादव, संजीव कुमार
📌 इंडोगल्फ फार्मा से जुड़े नीलकमल पुरी, व्यापक कृष्णपुरी, नवनीत कुमार, मनोज कुमार, भगत सिंह, सुनील कुमार

आइए, टीबी को हराने की इस जंग में हम सब एक साथ आगे बढ़ें!

भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए सरकार और समाज, दोनों को मिलकर काम करना होगा। यदि हर व्यक्ति एक मरीज की मदद करने की जिम्मेदारी उठाए, तो यह बीमारी जल्द ही इतिहास बन सकती है।

तो क्या आप तैयार हैं इस मुहिम का हिस्सा बनने के लिए?

👉 टीबी मरीजों को पोषण और दवा देने में मदद करें!
👉 “निक्षय मित्र योजना” से जुड़ें और किसी की जिंदगी बचाएं!
👉 टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान दें!

याद रखें, एक छोटी सी मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है! 🚀💪

News-Desk

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