मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का सीएमओ ने किया निरीक्षण, Muzaffarnagar के पांच स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
News-Desk
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कुटेसरा, डॉ सुनील तेवतिया, दूधली, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बलवा खेड़ी, बिरालसी, मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला, मुजफ्फरनगर समाचार, रोहाना, सीएमओ मुजफ्फरनगर, स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य सेवाएंMuzaffarnagar। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक प्रभावी तथा जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला के अंतर्गत रविवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने जनपद के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, दवा उपलब्धता, साफ-सफाई, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का गहनता से मूल्यांकन किया।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनके निकट ही गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। इसी क्रम में सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का किया निरीक्षण
निरीक्षण अभियान के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहाना, कुटेसरा, बिरालसी, बलवा खेड़ी तथा दूधली का भ्रमण किया। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर उन्होंने ओपीडी व्यवस्था, मरीजों की संख्या, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की स्थिति का विस्तार से जायजा लिया।
उन्होंने यह भी देखा कि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो रही हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान उपलब्ध अभिलेखों तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य कर्मियों को दिए बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों से कहा कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखें तथा उपचार संबंधी सभी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित करें। साथ ही दवाओं की उपलब्धता, नियमित जांच सुविधाओं तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
दवा उपलब्धता, स्वच्छता और व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध औषधियों, आवश्यक चिकित्सा सामग्री तथा स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष फोकस किया गया। सीएमओ ने निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर को स्वच्छ बनाए रखा जाए तथा मरीजों और उनके परिजनों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं हमेशा उपलब्ध रहें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण न केवल संक्रमण की संभावना को कम करता है बल्कि मरीजों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास भी बढ़ाता है। इसलिए अस्पतालों की साफ-सफाई और नियमित रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
दूधली स्वास्थ्य केंद्र में किया वृक्षारोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दूधली परिसर में वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में स्वच्छ और हरित वातावरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए और उनकी देखभाल सुनिश्चित की जाए तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना शासन की प्राथमिकता
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस पहल के माध्यम से सामान्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाएं तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करे और आमजन को समय पर प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हों। इसके लिए समय-समय पर निरीक्षण, समीक्षा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे।
नियमित निरीक्षण से बढ़ेगी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नियमित निरीक्षण से स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ती है और आवश्यक कमियों को समय रहते दूर किया जा सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है।
इसी उद्देश्य से भविष्य में भी विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जा सके।

