गुरु पूर्णिमा पर Muzaffarnagar में 21 जुलाई से शुरू होगी सात दिवसीय श्रीराम कथा, निकलेगी भव्य कलश यात्रा
News-Desk
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Muzaffarnagar News, कलश यात्रा, गुरु पूर्णिमा, धार्मिक आयोजन, मुजफ्फरनगर समाचार, लक्ष्मी नारायण मंदिर, शिवमूर्ति, श्रीराम कथा, सनातन धर्म सभा, हिमेश शास्त्रीShri Ram Katha के आयोजन को लेकर Muzaffarnagar शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल बन गया है। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री जी सेवा समिति के तत्वावधान में सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन 21 जुलाई से 27 जुलाई तक सनातन धर्म सभा भवन में किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और सनातन संस्कृति के संदेशों का श्रद्धालुओं को श्रवण कराया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार कथा के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना, पारिवारिक संस्कार और धर्म के प्रति आस्था को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
भव्य कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार, 21 जुलाई को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। कलश यात्रा प्रातः 9 बजे डाकखाने के पास स्थित हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार कलश यात्रा किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन का शुभारंभ मानी जाती है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण बनाएंगे।
27 जुलाई तक चलेगी श्रीराम कथा
सात दिनों तक चलने वाली Muzaffarnagar Shri Ram Katha का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन, मर्यादा, आदर्श, धर्म, नीति और समाज के प्रति उनके संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का भी माध्यम है।
समापन दिवस पर रहेगा बदला हुआ समय
आयोजन समिति ने बताया कि कथा के अंतिम दिन 27 जुलाई को कार्यक्रम का समय परिवर्तित रहेगा। उस दिन कथा प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की जाएगी।
समापन अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा।
मथुरा के कथा व्यास हिमेश शास्त्री करेंगे श्रीराम कथा का वाचन
सनातन धर्म सभा भवन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कार्यक्रम संयोजक अभिनव अग्रवाल ने बताया कि श्री जी सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कथा में मथुरा के प्रसिद्ध कथा व्यास हिमेश शास्त्री श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान कराएंगे।
उन्होंने कहा कि कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, धर्मपालन, सेवा, त्याग, करुणा और मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा, जिससे सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव भी होगा विशेष आकर्षण
आयोजकों ने जानकारी दी कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन प्रतिदिन शाम 6 बजे किया जाएगा। इस दौरान गुरु परंपरा के महत्व, भारतीय संस्कृति में गुरु के स्थान तथा आध्यात्मिक जीवन में गुरु की भूमिका पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गुरु पूर्णिमा को भारतीय संस्कृति में ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक उन्नति का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु अपने गुरुजनों का सम्मान करते हुए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
कई धार्मिक संस्थाओं का मिल रहा सहयोग
आयोजन को सफल बनाने में शहर की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। आयोजकों के अनुसार इस धार्मिक आयोजन में—
- श्री सनातन धर्म सभा, मुजफ्फरनगर
- शिवमूर्ति संचालक मंडल
- श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, नानूपुरी
का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।
आयोजन समिति का कहना है कि सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रेसवार्ता में मौजूद रहे कई पदाधिकारी
प्रेसवार्ता के दौरान सनातन धर्म सभा एवं आयोजन समिति के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इनमें अध्यक्ष अश्वनी रहेजा, सचिव ईश कौशल, उपाध्यक्ष शोभित गुप्ता (सभासद), कार्तिक अग्रवाल, पीयूष शर्मा, सुभाष चंद सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सभी पदाधिकारियों ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में श्रीराम कथा में पहुंचकर धार्मिक आयोजन का लाभ उठाने और गुरु पूर्णिमा महोत्सव में सहभागिता करने की अपील की।
धार्मिक आयोजनों से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मिलता है बल
धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कार, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना भी होता है। श्रीराम कथा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन के मूल सिद्धांतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम माने जाते हैं।
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने, धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की है।

