Agra में बनने जा रहा विशाल आयुष मेडिकल कॉलेज: 400 बेड अस्पताल, योगशाला और मुफ्त इलाज की सुविधा से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था
Dr. S.K. Agarwal
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5.45 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा आधुनिक आयुष कैंपस
जानकारी के अनुसार रुनकता के अकबरा गांव में लगभग 5.45 हेक्टेयर जमीन आयुष मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित की गई है। यह जमीन पहले बंजर श्रेणी में दर्ज थी। प्रशासनिक स्तर पर जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद अब प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि पूर्व जिलाधिकारी Arvind Mallappa Bangari ने इस परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जमीन संबंधी रिपोर्ट पहले ही शासन को भेजी जा चुकी थी, जिसके बाद अब तकनीकी सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता Manish Kumar ने बताया कि टीम ने स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक माप और अन्य तकनीकी बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार की है। अब डीपीआर बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और योग की होगी पढ़ाई
प्रस्तावित आयुष मेडिकल कॉलेज को बहु-विशेषज्ञता संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। यहां विभिन्न पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की पढ़ाई एक ही परिसर में कराई जाएगी।
कॉलेज में निम्नलिखित कोर्स प्रस्तावित हैं:
- बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS)
- बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS)
- बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (BUMS)
- बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (BNYS)
प्रत्येक कोर्स में 100-100 सीटें प्रस्तावित की गई हैं। यानी कुल मिलाकर यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
400 बेड के अस्पताल में मिलेगा मुफ्त इलाज
इस आयुष मेडिकल कॉलेज की सबसे बड़ी खासियत इसका 400 बेड का अस्पताल होगा। यहां मरीजों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा प्रस्तावित है। अस्पताल में आयुष पद्धति के माध्यम से इलाज, सर्जरी और विभिन्न प्रकार की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं के साथ आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और होम्योपैथिक उपचार को एकीकृत तरीके से विकसित करने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि महंगे इलाज के बजाय उन्हें कम खर्च या निशुल्क चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
योगशाला और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भी होंगे आकर्षण का केंद्र
कॉलेज परिसर में एक आधुनिक योगशाला भी बनाई जाएगी, जहां योग प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस सेंटर विकसित करने की भी योजना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में योग और प्राकृतिक चिकित्सा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह संस्थान स्वास्थ्य पर्यटन और वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
आगरा में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा
आयुष मेडिकल कॉलेज बनने से आगरा और आसपास के जिलों के छात्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कई छात्रों को आयुष चिकित्सा की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। नए कॉलेज के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध हो सकेगा।
इसके अलावा बड़ी संख्या में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय व्यापार और बुनियादी ढांचे पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार की आयुष नीति को मिलेगा मजबूती
पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारें आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही हैं। आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ जोड़ने के प्रयास लगातार बढ़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगरा में प्रस्तावित यह मेडिकल कॉलेज सरकार की आयुष नीति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में मदद करेगा। इससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर लोगों का विश्वास और बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों में खुशी, विकास की नई उम्मीद
रुनकता और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस परियोजना को लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज बनने से क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी।
लोगों को उम्मीद है कि बेहतर सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। साथ ही मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा।
डीपीआर तैयार होते ही शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। डीपीआर में भवन निर्माण, अस्पताल, छात्रावास, योगशाला, लैब और अन्य सुविधाओं का विस्तृत खाका शामिल किया जाएगा।
रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

