मुज़फ़्फ़रनगर डीएम व एसएसपी ने की नरेश टिकैत से मुलाकात
मुज़फ़्फ़रनगर। पिछले एक महीने से दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच जिलाधिकारी और एसएसपी आज अचानक सिसौली पहुंचे और भाकियू सुप्रीमों नरेश टिकैत से खास चर्चा की। माना जा रहा है कि दोनों आला अफसरों ने भाकियू सुप्रीमों को सरकार का खास सन्देश दिया है।
४२ दिन से दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के बीच बुधवार को डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव अचानक भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बालियान खाप के मुखिया चौधरी नरेश टिकैत से मिलने उनके आवास पर सिसौली पहुंचे। जहां उन्होंने किसान आंदोलन पर करीब २५ मिनट तक चर्चा की।
इस दौरान दोनों अधिकारियों ने नरेश टिकैत के आवास पर जलपान किया और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। अधिकारियों ने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के बारे में चौधरी नरेश टिकैत के मन की बात जानने की कोशिश की।
नरेश टिकैत ने अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि वह किसान और सरकार के बीच इस मुद्दे पर फैसला होने के पक्ष में है। उन्होंने बताया कि कई राज्यों के किसान इस आंदोलन से जुड़ चुके हैं। इसके साथ-साथ गन्ना मिलों द्वारा इस पेराई सत्र का भुगतान शुरू नहीं किया गया है और इसके अलावा बामनोली मिल ने पिछले वर्ष का भुगतान भी अभी तक नहीं किया है।
जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने गोवंश व नील गाय द्वारा खेतों में नुकसान करने पर भी बातचीत की।
दिल्ली में किसान आंदोलन के बीच ज़िले के दोनों आला अफसरों का अचानक सिसौली पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है,माना जा रहा है कि दोनों अफसरों ने नरेश टिकैत को सरकार का खास सन्देश दिया है।
जिस तरह से प्रधानमंत्री समेत पूरी पार्टी किसान बिलों को किसान हित में बता रही है ,उससे मानना जा रहा है कि भले ही ८ जनवरी को नौवे दौर की वार्ता होनी हो और किसान बिल वापसी की जिद पर अड़े है
लेकिन बिल वापस नहीं होंगे और किसान आंदोलन सरकार के लिए नई मुसीबत बनने जा रहा है। किसानों के २६ जनवरी को ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में घुसने की घोषणा ने भी सरकार की चिंता बढ़ा रखी है।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत जिस तरह से गाज़ीपुर में धरना देकर तेवर दिखा रहे है उसे देखते हुए भी माना जा रहा है कि अफसरों ने नरेश टिकैत को सरकार का कोई खास सन्देश दिया है।

