Muzaffarnagar में आबकारी विभाग का सघन चेकिंग अभियान, शराब की दुकानों पर टेस्ट परचेज; टोल प्लाजा और ढाबों की भी जांच
Muzaffarnagar । जनपद में अवैध मदिरा की बिक्री पर अंकुश लगाने और शराब की दुकानों पर निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आबकारी विभाग ने सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में मदिरा की विभिन्न दुकानों की ऑनलाइन तथा भौतिक जांच की गई। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, बिक्री व्यवस्था, पीओएस मशीन, क्यूआर कोड और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का निरीक्षण किया। इसके अलावा, रात्रिकाल में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के साथ रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी औचक जांच की गई।
अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के निर्देशों तथा जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। आबकारी निरीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने विभिन्न मदिरा दुकानों का औचक निरीक्षण कर बिक्री और स्टॉक से संबंधित व्यवस्थाओं की पड़ताल की।
ई-आबकारी ऐप से दुकानों की ऑनलाइन जांच, पीओएस मशीन से बिक्री के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आबकारी विभाग की टीम ने ई-आबकारी ऐप के माध्यम से दुकानों की ऑनलाइन जांच की। अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्देश दिए कि मदिरा की प्रत्येक बिक्री पीओएस मशीन के माध्यम से ही सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य बिक्री का सही डिजिटल रिकॉर्ड बनाए रखना और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कारोबार संचालित कराना है।
टीम ने दुकानों पर उपलब्ध मदिरा के स्टॉक का मिलान स्टॉक रजिस्टर में दर्ज विवरण से भी किया। भौतिक रूप से उपलब्ध बोतलों और अभिलेखों में दर्ज मात्रा की जांच की गई, ताकि स्टॉक से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता का पता लगाया जा सके। विभाग ने दुकानदारों को रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में समानता बनाए रखने के निर्देश दिए।
निर्धारित कीमत पर शराब की बिक्री जांचने के लिए कराया गया टेस्ट परचेज
अभियान के दौरान यह भी जांचा गया कि मदिरा की बिक्री निर्धारित मूल्य पर की जा रही है या नहीं। इसके लिए दुकानों पर गोपनीय तरीके से टेस्ट परचेज कराया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से अधिकारियों ने यह परखने का प्रयास किया कि ग्राहकों से शराब की बोतलों के लिए निर्धारित मूल्य ही लिया जा रहा है या उससे अधिक वसूली की जा रही है।
टेस्ट परचेज आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे दुकानों पर वास्तविक बिक्री व्यवहार की जानकारी मिल सकती है। विभागीय टीम ने दुकानदारों को निर्धारित मूल्य का पालन करने और बिक्री संबंधी नियमों का उल्लंघन नहीं करने के निर्देश दिए।
बोतलों के QR कोड स्कैन कर जांची गई वैधता, CCTV चालू रखने के निर्देश
शराब की दुकानों पर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्देशित किया कि दुकान परिसर में लगे कैमरे लगातार क्रियाशील रखे जाएं, ताकि बिक्री और अन्य गतिविधियों की निगरानी की जा सके।
इसके साथ ही, दुकानों में उपलब्ध स्टॉक से कुछ बोतलों का चयन कर उन पर लगे क्यूआर कोड को विभागीय ऐप के माध्यम से स्कैन किया गया। इस प्रक्रिया से बोतलों पर दर्ज विवरण और उनकी वैधता की जांच की गई। अधिकारियों ने कहा कि क्यूआर कोड की जांच और डिजिटल निगरानी से मदिरा की आपूर्ति तथा बिक्री व्यवस्था पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है।
रात में मुजेडा टोल प्लाजा और बायवाला चौराहे पर वाहनों की चेकिंग
दुकानों के निरीक्षण के साथ आबकारी विभाग ने विशेष अभियान के तहत रात्रिकालीन चेकिंग भी की। जिला आबकारी अधिकारी के निर्देशन में आबकारी निरीक्षकों की टीम ने मुजेडा टोल प्लाजा और बायवाला चौराहे पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी गई और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल की गई।
रात्रिकालीन चेकिंग का उद्देश्य अवैध मदिरा के परिवहन और इससे जुड़े संभावित कारोबार पर निगरानी रखना है। विभाग की टीम ने प्रमुख मार्गों पर जांच कर अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सतर्कता बरती।
रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी औचक निरीक्षण
आबकारी विभाग की टीम ने क्षेत्र के रेस्टोरेंट और ढाबों का भी औचक निरीक्षण किया। यहां अवैध मदिरा की बिक्री, सेवन और आबकारी नियमों के उल्लंघन से संबंधित पहलुओं की जांच की गई। अधिकारियों ने संबंधित प्रतिष्ठानों में नियमों के पालन की पड़ताल की और आवश्यक निर्देश दिए।
इस अभियान के चलते क्षेत्र में शराब की दुकानों, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के बीच हलचल देखी गई। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि मदिरा की बिक्री और उससे जुड़ी गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित होनी चाहिए।
नियमों के पालन पर आबकारी विभाग की निगरानी जारी
मुजफ्फरनगर में चलाए गए इस अभियान में शराब की दुकानों की डिजिटल निगरानी से लेकर भौतिक स्टॉक सत्यापन और रात्रिकालीन वाहन चेकिंग तक कई स्तरों पर जांच की गई। पीओएस मशीन से बिक्री, निर्धारित मूल्य, क्यूआर कोड की वैधता और सीसीटीवी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
हालांकि, उपलब्ध विभागीय जानकारी में इस अभियान के दौरान किसी दुकान या प्रतिष्ठान के खिलाफ दर्ज मुकदमे, जुर्माने अथवा गिरफ्तारी का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। फिलहाल विभागीय टीम ने निरीक्षण और जांच के माध्यम से आबकारी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया है।
मुजफ्फरनगर में आबकारी विभाग ने शराब की दुकानों पर स्टॉक, बिक्री मूल्य, पीओएस मशीन, क्यूआर कोड और सीसीटीवी की जांच की। इसके साथ ही मुजेडा टोल प्लाजा और बायवाला चौराहे पर रात में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग तथा रेस्टोरेंट और ढाबों का औचक निरीक्षण किया गया। विभाग का उद्देश्य अवैध मदिरा के कारोबार पर रोक लगाना और आबकारी नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है।

