Muzaffarnagar Heat Wave Alert: 38°C पहुंचा तापमान, लू का खतरा बढ़ा—प्रशासन की एडवाइजरी जारी, दोपहर 12 से 3 बजे तक सतर्क रहने की अपील
Dr. S.K. Agarwal
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Muzaffarnagar heat wave alert, गर्मी का कहर यूपी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुजफ्फरनगर मौसम समाचार, लू से बचाव एडवाइजरी, हीट स्ट्रोक सावधानियांMuzaffarnagar में लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जिले में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस माह का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। पिछले पांच दिनों से लगातार तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में गतिविधियां कम होती दिखाई दे रही हैं।
तेज धूप और उमस भरे मौसम के कारण आम लोगों के साथ-साथ खेतों में कार्यरत किसान और मजदूर भी परेशान नजर आ रहे हैं। विशेष रूप से गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग में लगे श्रमिकों के लिए मौसम चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।
दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में दिखा सन्नाटा
तेज धूप और लू जैसे हालात के कारण दोपहर के समय शहर की प्रमुख सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। दुपहिया वाहनों की संख्या में भी स्पष्ट कमी देखी जा रही है।
बाजारों में ग्राहकों की उपस्थिति घटने से स्थानीय व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में कारोबार और प्रभावित हो सकता है।
कृषि कार्यों पर भी पड़ा गर्मी का असर
गर्मी की तीव्रता बढ़ने से खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तेज धूप के कारण कार्य का समय सीमित करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती गर्मी फसलों की गुणवत्ता और श्रमिकों की कार्यक्षमता दोनों को प्रभावित कर सकती है।
सीएमओ ने जारी की स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों से स्वास्थ्य संबंधी विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी कि शरीर को हाइड्रेटेड रखना अत्यंत आवश्यक है और दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने के साथ-साथ खीरा, ककड़ी और तरबूज जैसे मौसमी फलों को भोजन में शामिल करने की भी सलाह दी गई है। साथ ही दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बढ़ते तापमान को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। इसमें विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच खुली धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने बताया कि गर्मी के दौरान लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, इसलिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए अपनाएं जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों के अनुसार हीट वेव की स्थिति शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है और इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अधिक से अधिक पानी पीना, हल्के और ढीले कपड़े पहनना तथा सिर और चेहरे को ढककर बाहर निकलना आवश्यक माना गया है।
यदि किसी व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक पसीना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।
बच्चों और पशुओं को बंद वाहनों में न छोड़ने की चेतावनी
प्रशासन ने विशेष रूप से यह भी अपील की है कि गर्मी के दौरान बच्चों और पशुओं को बंद वाहनों में न छोड़ा जाए, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
इसके अलावा घरों की निचली मंजिल में रहने, तंग कपड़े न पहनने और बासी भोजन से परहेज करने की भी सलाह दी गई है।
पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने की अपील
तेज गर्मी का असर केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी यह मौसम कठिन होता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के बाहर या बालकनी में छायादार स्थान पर पानी के बर्तन रखें, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
समय-समय पर पानी बदलने और नियमित रूप से दाना-पानी उपलब्ध कराने की भी सलाह दी गई है।
आपात स्थिति में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से संपर्क करने की सुविधा
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। जरूरत पड़ने पर नागरिक टोल फ्री नंबर 1077 सहित अन्य हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

