Muzaffarnagar News: बड़ी धूमधाम के साथ बैसाखी का पर्व मनाया
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) श्री गुरु सिंह सभा रजि० मुजफ्फरनगर ने खालसा साजना दिवस बैसाखी का पर्व गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गली नंबर १० गांधी कॉलोनी में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जिसमें परसों रोज से रखे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति की गई
इसके पश्चात गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गांधी कॉलोनी के हजूरी रागी जत्था भाई वीरेंद्र सिंह पंछी जी ने कीर्तन द्वारा संगतो को निहाल करा व ज्ञानी जोगा सिंह व ज्ञानी हरजीत सिंह जी ने भी खालसा साजना दिवस का इतिहास संगतो को बताया की खालसा पंथ की सृजना श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने ३०-०३-१६९९ को बैसाखी वाले दिन की थी
१६९९ को बैसाखी वाले दिन बहुत बड़ा इकठ् करा गया व दीवान की समाप्ति उपरांत नंगी कृपाण हाथ में लेकर एक सीस (सिर) की मांग की गई जिसमें लाहौर के रहने वाले भाई दया राम ,भाई धर्म चंद जी, भाई मोहकम चंद्र जी, भाई हिम्मत जी, भाई साहिब चंद्र जी, ने अपने शीश भेट किए पांचों के सिर शरीर से अलग कर दिए
फिर अमृत पान कराया व नाम के साथ सिंह लगाकर सिख धर्म की स्थापना की इस अवसर पर हमारे पास कविशर जत्था भाई दलजीत सिंह जी खालसा सितारगंज यूके वालों ने भी बहुत अच्छे ढंग से आज के इतिहास के बारे में संगतो को बताया इस कार्यक्रम में हमारे पास विशेष तौर पर मुजफ्फरनगर के सभी मंदिरों के पदाधिकारी विशेष तौर पर पहुंचे
गुरु घर की खुशियां प्राप्त की इस कार्यक्रम के मद्देनजर दिनांक १५ अप्रैल से १८ अप्रैल तक प्रातः ८ः१५ बजे ९ः१५ व रात्रि ८ः१५ से ९ः३० बजे तक गुरुद्वारा गांधी कॉलोनी गली नंबर १० में ज्ञानी हरभजन सिंह खालसा जी आनंदपुर साहिब वाले कथा द्वारा संगत को निहाल करेंगे व दिनांक १७-०४-२०२२ को प्रातः १०ः०० बजे अमृत संचार का कार्यक्रम रखा गया है
कार्यक्रम की समाप्ति पर श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार गुरुचरण सिंह बराड़ व सेक्रेटरी सरदार देवेंद्र सिंह नागपाल ने आई हुई संगतो का धन्यवाद करा व बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दी इसके बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया गया व सभी संगतो ने एक ही पंगत में बैठकर गुरु का लंगर छका
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार गुरचरण सिंह बराड सेक्रेटरी सरदार देवेंद्र सिंह नागपाल व मौजूदा कमेटी के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा जिन्होंने अपना कीमती समय निकालकर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान किया।

