Muzaffarnagar News: एनसीआर के नाम पर फैक्ट्री, कारखाने, उद्यमियों एवं ट्रान्सपोर्टरों का सरकार कर रही उत्पीडन
Muzaffarnagar News:मुजफ्फरनगर। जनाधिकार संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रहमसिह प्रजापति ने बताया कि भाजपा के शासनकाल मे जहां यह कहा जा रहा है कि डबल इंजन की सरकार देश व प्रदेश मे चल रही है। वहीं पर संसद द्वारा पारित कानून को उत्तर प्रदेश मे लागू ना करके इस नीति की बखिया उधेडी जा रही है।
नगर के बालाजी चौक स्थित एक रेस्टोरेन्ट मे पत्रकारों से बातचीत करते हुए ब्रहमसिह प्रजापति ने कहा कि देश-प्रदेश मे एन.सी.आर लागू करके और प्रदूषण के नाम पर लाखो बेरोजगार परिवारो को आर्थिक व मानसिक रूप से बर्बाद कर दिया गया है। इसके साथ ही फैक्ट्री कारखाने उद्यमियों एवं ट्रान्सपोर्टरों का उत्पीडन हो रहा है।
#Muzaffarnagar प्रदेश मे एन.सी.आर लागू करके और प्रदूषण के नाम पर लाखो बेरोजगार परिवारो को आर्थिक व मानसिक रूप से बर्बाद कर दिया गया है। इसके साथ ही फैक्ट्री कारखाने उद्यमियों एवं ट्रान्सपोर्टरों का उत्पीडन हो रहा है: ब्रहमसिह प्रजापति pic.twitter.com/WnR1eoIZr7
— News & Features Network (@mzn_news) October 27, 2021
अतः जनहित,राजस्वहित में लागू प्रतिबन्धो को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होने उदाहरण देते हुए बताया कि एनसीआर कानून के चक्कर मे मवाना मे 68 मे से 4,पुरकाजी मे 42 मे से 6 और घटायन मे कोई भी गाडी रूट पर नही चल रही है। जिसके कारण यात्री बेहद परेशान हैं। उन्होने निजी वाहनो को 20 साल और व्यवसायिक वाहनो को 15 साल की सीमा मे रखने की मांग की।
पत्रकार वार्ता मे राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी और टैम्पू यूनियन के अध्यक्ष चौ.कुशलपाल ने सरकार से मांग की, देखा जाए तो प्रदूषण को केवल गाडी के इंजन ही बढाते हैं। सरकार वाहन निर्माताओं को निर्देश दे कि 10 वर्ष के बाद निर्माता पुराने वाहन का इंजन खरीदकर आवश्यक शुल्क लेकर नया इंजन बदल दे। इससे समस्या काफी हल हो जाएगी
उन्होने कहा कि सरकारी रोडवेज वाहनो मे आज भी बरसो पुरानी गाडियां चलाकर कानून को आइना दिखाया जा रहा है। नकली डीजल पैट्रोल से इंजन जाम हो रहे हैं। इस तरफ सरकार का कोई ध्यान नही है।
उन्होने केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान से भी मांग की कि जनपद को शीघ्र से शीघ्र एनसीआर से बाहर करायें। पत्रकार वार्ता मे मेलाराम,बाबूराम,सुनील कुमार,मुकेश कुमार, विनय पाल,राजबीरसिह सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

