Muzaffarnagar News: शिवालयों की ओर बढे कांवडिये, शिवभक्तों की सेवा लगातार जारी
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)महाशिवरात्रि में अब केवल एक दिन शेष रह गया है इसी केसाथ शिवभक्तों का आगमन भी तेजी के साथ अभी भी बढ रहा है और अब पैदल शिवभक्तों के साथ दुपहिया व चौपहिया वाहनों पर डाक कांवड लाने वालो की संख्या में भी तेजी के साथ इजाफा हो रहा है।
बम बम भेले के जयघोष के साथ वातावरण गुंजायेमान हो रहा है। शिवभक्त कांवडिये हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने शिवालयों की ओर बढ रहे है साथ ही शिवचौक पर भगवान आशुतोष की हर हर महादेव, बम बम भोले, एक दो तीन चार भोले तेरी जय-जयकार इत्या जयघोषों के साथ परिक्रमा कर गंतव्यों की ओर रवाना हा रहे है। ट्रक, ट्रैक्टर ट्राली पर डीजे वाली कावंडे भी लगातार जनपद में प्रवेश कर रही है।
हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर आने कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हजारों कांवड़िये बम भोले-बम भोले व हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए कांधे पर कांवड़ लेकर गुजरे। ग्रामीणों ने शिव भक्तों की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर लगाए हैं। महाशिवरात्रि मंगलवार को होने के चलते हरिद्वार से लक्सर के बाद मजलिसपुर तौफीर के रास्ते से आने वाले कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली, मेरठ, बुलंदशहर व हापुड़ जाने वाले हजारों कांवड़िये बम भोले-बम भोले व हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए कांधे पर कांवड़ लेकर कस्बे से गुजरे। शहर के साथ-साथ देहात में भी शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ रही है।
शिव भक्तों की सेवा के लिए भोकरहेड़ी कस्बे में बस स्टैंड व लक्सर रोड तथा छछरौली, भेड़ाहेड़ी आदि गांवों में कांवड़ सेवा शिविर लगाए हैं, जिन पर ग्रामीण शिव भक्तों की सेवा में जुटे हैं।
वहीं शहरी क्षेत्र में भी कई जगह शिवभक्तों के लिए कांवड सेवा शिविर लगाये गये है। कच्ची सडक पर भी शिविर लगाकर शिवभक्तों की सेवा लगातार जारी है। शिवभक्त सर्दी में भी पूरे जोश व उत्साह के साथ शिवालयों की ओर बढे चले जा रहे है।
कष्टों का महाशिवरात्रि व्रत-पूजन करने से होता निवारणः संजीव शंकर
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि एक मार्च को तड़के ३.१६ बजे से दो मार्च बुधवार को सुबह १० बजे तक रहेगी। एक मार्च को चतुर्दशी तिथि प्रदोष व्यापिनी है। इसी दिन व्रत रख पूजा-अर्चना करना श्रेष्ठ है।
महामृत्युंजय सेवा मिशन अध्यक्ष एवं श्रीखाटू श्याम महाकाल अखाड़ा के महामंडलेश्वर संजीव शंकर ने बताया कि शिवपुराण की विश्वेश्वर संहिता के अनुसार भगवान शिव महाशिवरात्रि को प्रकट हुए थे।
महाशिवरात्रि पर्व आत्म कल्याण का अद्भुत अवसर है। जीवन की किसी भी बाधा का निराकरण एक मात्र शिवरात्रि व्रत-पूजन करने से ही संभव है। जो जितना बड़ा होता है उतना ही सरल होता है। भगवान शिव ऐसे देवता हैं जो एक लौटा साधारण जल्द से प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि शिव पुराण के अनुसार ब्रह्माजी नारद से कहते हैं शिव व्रतों का संकल्प, शिव तीर्थो की यात्रा, शिव मंदिर के दर्शन-पूजन इत्यादि का संकल्प लेने मात्र से व्यक्ति का कल्याण हो जाता है।
सूर्योदय के समय शिवालयों में जाकर इच्छा अनुसार विभिन्न द्रव्यों दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल, गन्ने का रस, फलों का रस से अभिषेक करना उत्तम है। शिवजी को भांग, धतूरा, बेर चंदन, बेल पत्र, फल और फूल आदि जरूर अर्पित करें। माता पार्वती के लिए सुहागन महिलाएं सुहाग की प्रतीक जैसे चूड़ियां, बिदी, सिदूर आदि अर्पित करती हैं। फलाहार कर सकते हैं, नमक का सेवन नहीं करें तो उत्तम है। शिवरात्रि पर चारों पहर का पूजन श्रेष्ठ है।

