रामनवमी पर Muzaffarnagar पुलिस लाइन में 151 कन्याओं का पूजन, मिशन शक्ति फेज-5 के तहत महिला सुरक्षा का सशक्त संदेश
जनपद Muzaffarnagar में रामनवमी के पावन अवसर पर मिशन शक्ति फेज-5 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में भव्य कन्या पूजन एवं महिला-बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, सामाजिक जिम्मेदारी और महिला सशक्तिकरण के संदेश से परिपूर्ण इस कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों के बीच सुरक्षा और सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालिकाओं, अभिभावकों, पुलिस अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल धार्मिक परंपरा का सम्मान करना था बल्कि समाज में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना भी था। 🌸
रामनवमी के पावन अवसर पर 151 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन
रामनवमी के शुभ अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कुल 151 कन्याओं और 20 लांगूर का पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजन किया गया। कन्याओं को उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया गया और उन्हें समाज में सम्मानित स्थान देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान कन्याओं के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस आयोजन ने उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान की परंपरा की याद दिलाई।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया विशेष
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma, उनकी धर्मपत्नी डॉ. नीलम राय, नगर पालिका चेयरमैन Meenakshi Swaroop तथा पुलिस अधीक्षक अपराध एवं मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी Indu Siddharth द्वारा मंदिर परिसर में कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया।
अधिकारियों ने इस अवसर पर समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया।
मिशन शक्ति फेज-5 के माध्यम से महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
Muzaffarnagar News के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मिशन शक्ति फेज-5 अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का व्यापक प्रयास है, जिसके माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
‘गुड टच-बैड टच’ पर लघु फिल्म के माध्यम से दी गई जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं और उनके अभिभावकों को “गुड टच-बैड टच” विषय पर विशेष लघु फिल्म दिखाई गई। इस प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण व्यवहारिक पहलुओं के बारे में सरल भाषा में समझाया गया।
अभिभावकों को भी यह संदेश दिया गया कि बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना और उन्हें सुरक्षित-असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान सिखाना अत्यंत आवश्यक है।
बालिकाओं को आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश
अधिकारियों ने उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या असुरक्षा की स्थिति में बिना संकोच पुलिस सहायता लेना चाहिए। पुलिस प्रशासन महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार है और समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही सुरक्षित वातावरण का निर्माण संभव है।
समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला बना आयोजन
कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।
धार्मिक परंपरा और सामाजिक जागरूकता के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी भी महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की रही सक्रिय सहभागिता
इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी जानसठ Roopali Rai Chaudhary तथा प्रतिसार निरीक्षक Udal Singh सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया और महिला सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को मजबूत संदेश दिया।
मिशन शक्ति अभियान से लगातार मजबूत हो रहा सुरक्षा का वातावरण
Muzaffarnagar News के अनुसार जनपद में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे महिलाएं स्वयं को अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस कर सकें।
धार्मिक आस्था और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी संगम बना कार्यक्रम
रामनवमी जैसे पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि नारी सम्मान भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। कन्या पूजन के माध्यम से समाज में बेटियों के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
ऐसे आयोजन सामाजिक चेतना को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

