Muzaffarnagar: निषाद लीला, केवट प्रसंग सुमंत की वापसी
Muzaffarnagar काली नदी के तट पर केवट बने मांगेराम ने प्रभु के श्री चरणों में शीश नवाकर उनकी आरती की और उन्हें अपनी नाव से दूसरे तट की ओर पर कराया। इस मौके पर श्री राम और केवट संवाद को सुनकर उपस्थित जनसमुदाय बेहद हर्षित हो चला। इसी के साथ सुमंत जी की भी वापसी हो गई। इससे पूर्व श्रवण लीला और दशरथ मोक्ष का भी मार्मिक प्रसंग बड़ी ही सुंदरता से प्रस्तुत किया गया।
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