Muzaffarnagar News: हिंदी साहित्य की अग्रणी संस्था वाणी की गोष्ठी हुई आयोजित
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। जनपद में हिंदी साहित्य की अग्रणी संस्था वाणी की मासिक गोष्ठी वाणी सदस्य सुनील कुमार शर्मा के निवास संजय मार्ग, पटेल नगर मुजफ्फरनगर पर वाणी अध्यक्ष राकेश कौशिक की अध्यक्षता और सचिव रामकुमार शर्मा रागी के संचालन में आयोजित की गई।
सर्व प्रथम माँ शारदे की वंदना कवियत्री सुशीला शर्मा द्वारा की गई इसके उपरांत रचनाकारों द्वारा विभिन्न विषयों पर सारगर्भित रचनाएं प्रस्तुत की गई। वरिष्ठ कवियत्री ड़ा वीना गर्ग ने सावन के आगमन की आशा का गीत पढ़ते हुए कहा-उमड़ घुमड़ कर छाए बदरा, मन मयूर मतवाला है यूँ लगता है प्यारी सखियों सावन आने वाला है जीवन के यथार्थवाद से जोड़ते हुए रचनाकार ब्रजेश्वर सिंह त्यागी ने कुछ यूँ कहा-आया था मैं तन्हा ,तन्हा ही जा रहा हूँ जीवन क्रम ही ऐसा लोगों को समझा रहा हूँ
सचिव रामकुमार शर्मा रागी ने आपने ख्यालात इस तरह बयां किया-कितनी खुशबू दार मिट्टी गाँव की है कहानी धूल की और पाँव की नवोदित गजलकार सपना अग्रवाल के अशआर ऐसे रहे -तुझे धड़कने अपने दिल की सुना दूँ कोई गीत मैं भी जरा गुनगुना दूँ काव्य गोष्ठी संयोजक सुनील कुमार शर्मा ने अपनी रचना पढ़ते हुए कहा-तप्त मन कभी तृप्त मन बाधाओं से संतप्त मन स्वयं की विरह वेदनाओं से कभी विरक्त कभी मदमस्त मन रचनाकार पूजा गोयल ने आशावादी रचना पढ़ते हुए कहा-राह निहारी जिसकी मैंने वही सामने आया है
सूने- सूने से जीवन में प्यार वो बन के छाया है गीत की मशहूर कवियत्री सुशीला शर्मा के गीत ने सबके मन को भाया- चलों रे लौट चले फिर गाँव, शायद वहाँ छपे मिल जाए, नन्हे- नन्हे पाँव गजलकार संतोष कुमार शर्मा फलक ने अपने जज्बात कुछ यूं बयां किये -सुनकर मेरी वो दास्तां हँसता रहा हँसता रहा, पर नमी सी आ गयी घर के दरों दीवार में कवियत्री लक्ष्मी नितिन डबराल ने नियति को लक्ष्य कर रचना पढ़ी-ओ नियति तुझको बताना चाहती हूँ
ए नियति मुझसे भला क्या होड़ तेरी इसके अतिरिक्त वरिष्ठ साहित्यकार राजकुमार रसिक, ब्रजराज सिंह , राकेश कुमार कौशिक , श्रीमती विजया गुप्ता , श्रीमती मीरा भटनागर , समीर कुलश्रेष्ठ , श्रीमती कमला शर्मा , श्रीमती सुनीता सोलंकी आदि ने भी मनमोहक और र्ह्दयस्पर्शी रचनाओं से श्रोताओं के मन को मोह लिया ।

