Muzaffarnagar: बंदियों की जुबान पर अब शिक्षा की अलख…
Muzaffarnagar। क ख ग घ ….. मुजफ्फरनगर जेल में बंदियों की जुबान पर अब शिक्षा का यही अलख जगने जा रहा है, निरक्षर से साक्षर बनने की राह पर चलते हुए जेल में निरूद्ध ऐसे लगभग छ सौ बंदी अब पढाई पर अपना ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं, मुजफ्फरनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में बाकायदा एक टीम जेल में शिक्षा की अलख जगाने जा रही है
यह एक बहुत बड़ा परिवर्तन और सुधार की दिशा में कारगर कदम साबित होगा, जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के अथक प्रयासों के चलते जेल में शिक्षा से वंचित रहे बंदी अब शिक्षित होकर बाहर निकलेंगे तथा मुख्य धारा समाज में अपना महत्वपूर्ण एवं प्रभावी योगदान करेंगे, जेल में बनाई गई चौपाल व्यवस्था का ही एक मुख्य अंग शिक्षा समिति के माध्यम से ऐसे बंदियों को पहचान की गई है जो साक्षर नहीं है तथा बहुत कम पढ़े लिखे हैं
अब ऐसे बंदियों की काऊघ्शंलिंग की जायेगी तथा फिर उनको पढाने समझाने शिक्षा विभाग की टीम खुद सहयोग प्रदान करेगी, इसके लिए सभी बंदियों में बहुत दिलचस्पी भी देखी जा रही है, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर शुभम शुक्ला ने एक टीम तैयार कर जेल में परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस टीम में शिक्षा विभाग के विमल जैन, रामेंद्र मलिक, सुशील कुमार को लगाया गया है
जो जेल में निरूद्ध निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने की मुहिम को परवान चढाने में विशेष एवं उल्लेखनीय योगदान की जबरदस्त तैयारी में हैं!! जेल में बंद बंदियों को पुस्तक एवं सामग्री भी शिक्षा विभाग ही उपलब्ध करा रहा है, कुल मिलाकर जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के प्रयासों के चलते जेल के निरक्षर बंदियों में भविष्य को लेकर एक आशा की किरण और जगी है!!
