Muzaffarnagar: निषाद लीला, केवट प्रसंग सुमंत की वापसी
Muzaffarnagar। टाउन हॉल के मैदान में खेली जा रही रामलीला में गत रात्रि श्रवण कुमार लीला, दशरथ मोक्ष के साथ-साथ निषाद लीला, केवट प्रसंग और सुमंत की वापसी के प्रकरणों को बड़े ही जीवंत ढंग से प्रस्तुत किया गया। इससे पूर्व श्री राम श्री लक्ष्मण एवं माता जानकी सुमंत जी के साथ अयोध्या से वन गमन के लिए निकले तो इस अवसर पर उनकी शोभायात्रा दोपहर ३रू०० बजे से नगर के विभिन्न मार्गों पर होती हुई काली नदी के तट पर पहुंची
जहां प्राचीन सिद्ध पीठ देवी मंदिर पर सभी स्वरूपों का स्वागत अभिनंदन एवं उनकी आरती की गई। सिद्ध पीठ वाले गुरु जी पंडित संजय कुमार, पंडित महेश कुमार मिश्रा पंडित शैंकी मिश्रा ने अन्य सहयोगियों के साथ श्री राम जी लक्ष्मण जी और माता जानकी की आरती व स्तुति की तत्पश्चात उन्हें भोग प्रसाद ग्रहण कराया। उसके बाद श्रीराम लक्ष्मण जी एवं माता जानकी नदी पार करने के लिए काली नदी की ओर प्रस्थान कर गए।
काली नदी के तट पर केवट बने मांगेराम ने प्रभु के श्री चरणों में शीश नवाकर उनकी आरती की और उन्हें अपनी नाव से दूसरे तट की ओर पर कराया। इस मौके पर श्री राम और केवट संवाद को सुनकर उपस्थित जनसमुदाय बेहद हर्षित हो चला। इसी के साथ सुमंत जी की भी वापसी हो गई। इससे पूर्व श्रवण लीला और दशरथ मोक्ष का भी मार्मिक प्रसंग बड़ी ही सुंदरता से प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कथा वाचक बृजेश पाठक सुनील जैन योगेश जैन प्रदीप मित्तल उर्फ बिट्टन सर्राफ मुख्य अतिथि के रूप में लीला स्थल पर उपस्थित हुए। नगर पुलिस अधीक्षक की माता श्री भी सह परिवार इस लीला को देखने के लिए टाउन हॉल प्रांगण में पधारी।
जहां रामलीला प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के साथ उनका भी अभिनंदन कर, यथोचित सम्मान किया। रामलीला के इस कार्यक्रम में शिवचरण गर्ग, सतीश गर्ग, दीपक मित्तल, वैभव मित्तल, शोभित, डॉ संजय अग्रवाल, सुभाष चंद्र अग्रवाल दशिक्षा विभाग वाले) शक्ति संगल दकिताबें वाले) नंदकिशोर, रजत शर्मा अंजुल भूषण अनमोल सिंघल मास्टर सुशील गोयल, अनमोल मित्तल, अनिल सोनी, अतुल गर्ग नितिन नामदेव आदि का उल्लेखनीय सहयोग व योगदान मिला।
रामलीला की प्रस्तुति में साधुराम गर्ग अजय गर्ग का निर्देशन सभी कलाकारों के लिए हौसला अफजाई वाला रहा। रामायण वाचन का कार्य रविंद्र गुप्ता द्वारा किया गया। लीला देखने वालों की संख्या में निरंतर वृद्धि होने से कलाकारों के साथ-साथ रामलीला प्रबंध समिति भी हर्षित हो चली है।

