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Muzaffarnagar: सभासदों के खिलाफ मुकदमा और गिरफ्तारी को लेकर एकजुट हुआ बोर्ड

Muzaffarnagar नगरपालिका परिषद् में बोर्ड मीटिंग के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी के साथ हुई अभद्रता और इसके बाद भाजपा नेता सहित दो सभासदों के खिलाफ एफआईआर तथा एक आरोपी सभासद की गिरफ्तारी के प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस पर बिना जांच पड़ताल और नियम  against कार्रवाई कर सभासद प्रवीण पीटर को जेल भेजने के आरोप लगाते हुए सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि गलत तथ्यों पर आधारित सभासदों के खिलाफ दर्ज केस यदि जिला प्रशासन ने खत्म नहीं किया तो वह अपने पदों से इस्तीफा जिलाधिकारी को सौंप देंगे।

शहर के मेरठ रोड पर एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पालिका बोर्ड में भाजपा सभासद दल के नेता प्रेमी छाबड़ा के नेतृत्व में जुटे सभासदों ने इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही की एक सुर में निंदा की और कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी ने जो आरोप लगाये वह गलत हैं।

पीटर ने उनके साथ केवल धक्का मुक्की की थी और उसके द्वारा चार बार सदन में माफी मांगी गई, जिसके बाद यह मामला वहीं पर निपटा दिया गया था। सभासद प्रेमी छाबड़ा और नामित सभासद इंजी. राजू त्यागी ने कहा कि सभासदों को बोर्ड बैठक में अपनी बात रखने और जनता की समस्याओं को उठाने का पूरा अधिकार होता है। कभी कभी कुछ बातों पर आपस में कहासुनी हो भी जाती है।

01 नवंबर 2021 को बोर्ड बैठक हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से सभी प्रस्ताव पास किये गये थे। सफाई कर्मियों की संख्या को लेकर हुई चर्चा के दौरान आपस में थोड़ी कहासुनी हेा गई थी, जिसमें सभासद प्रवीण पीटर व अन्य सभासदों ने सार्वजनिक तौर पर सभी के बीच सदन में माफी मांग ली थी। परन्तु द्वेषभावना रखते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अतुल कुमार ने गलत तथ्यों के आधार पर थाना कोतवाली नगर में दो सभासदा प्रवीण पीटर और विपुल भटनागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया, जोकि सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी मुकदमों से डरकर सभासद जनहितों की लड़ाई लड़ना बन्द नहीं करेंगे। प्रवीण पीटर और विपुल ने सफाई का मुद्दा ही उठाया था। उनके खिलाफ एससीएसटी एक्ट जैसे गंभीर आरोपी में मुकदमा दर्ज किया गया, जो झूठा और फर्जी है। उन्होंने इस मामले में पुलिस कार्यवाही की निंदा करते हुए कहा कि इसमें पहले नियमानुसार जांच होनी चाहिए थी, क्योंकि विवाद के दौरान की वीडियो भी मौजूद है। प्रवीण पीटर ने जातिसूचक शब्द नहीं कहे और न ही गाली गलौच की।

धक्का मुक्की जरूर की गई थी। विपुल भटनागर ने तो बीच बचाव किया, उनका कसूर इतना था कि वह स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ अपनाये जा रहे आचरण को लेकर सदन में बोले और उनको कार्यमुक्त करने का प्रस्ताव लाये, जिसको 38 सभासदों के समर्थन से पारित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रवीण पीटर के साथ नाइंसाफी हुई, इस लड़ाई में हम सभी एकजुट और साथ खड़े हुए हैं।

सभासद प्रेमी छाबड़ा ने इस प्रकरण में किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव होने से इंकार करते हुए कहा कि द्वेषभावना पर दर्ज यह केस यदि जिला प्रशासन द्वारा खत्म नहीं कराया गया तो हम सभी 54 सभासद एक साथ अपना इस्तीफा जिलाधिकारी को सौंप देंगे। उन्होंने कहा कि सभासद सम्मानित जनप्रतिनिधि है और अपमान बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

यदि सम्मान नहीं दिला सकते तो हमारा इस्तीफा स्वीकार करने को तैयार रहना होगा।प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से सभासद प्रेमी छाबड़ा, इं. राजू त्यागी, अरविन्द धनगर, अब्दुल सत्तार, परवेज आलम, नवनीत कुच्छल, अहमद अली, सरफराज आलम, नदीम खां, सलीम अंसारी, हनी पाल, अमित बॉबी के अलावा सभासद पति नौशाद कुरैशी, मुनीश कुमार, अन्नू कुरैशी, उमर एडवोकेट भी मौजूद रहे।

सीओ मिले ना चेयरमैन, सभासदों के सामने वेट एण्ड वॉच की स्थिति

 दो सभासदों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में एक सभासद की गिरफ्तारी के बाद सभासदों के खेमे में अपने सम्मान बचाने के लिए चिंता बनी हुई है। प्रवीण पीटर को नियमों को भी दरकिनार कर नहीं छोड़ने वाली पुलिस इस मुकदमे के दूसरे आरोपी सभासद विपुल भटनागर को छेड़ने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। इसको लेकर भी लोगों के बीच चर्चा आम है, अब इस मामले में अभी तक खामोश रहने वाले सभासद भी मुखर हो गये हैं।

सोमवार को सभासद प्रेमी छाबड़ा के नेतृत्व में सभी सभासदों ने सीओ सिटी कुलदीप कुमार के कार्यालय पहुंचकर उनसे मुलाकात का प्रयास किया, लेकिन वह कार्यालय से बाहर होने के कारण सभासदों से नहीं मिल पाये। प्रेमी छाबड़ा ने बताया कि इस मुकदमे की विवेचना सीओ सिटी द्वारा ही की जा रही है, आज हम सभी सभासद सीओ को 01 नवंबर की घटना को लेकर दर्ज मुकदमे में अपने बयान देने के लिए पहुंचे थे, ताकि उनको सच्चाई से अवगत कराया जा सके।

इसके साथ ही आज चेयरमैन अंजू अग्रवाल से मिलकर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की भी योजना थी, लेकिन चेरयमैन पारिवारिक कार्यक्रम में जिले से बाहर होने के कारण उनको नहीं मिल पाई। अब हमने प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है, जल्द ही इस मामले में बड़ा आंदोलन किया जायेगा।

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