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Muzaffarnagar में व्यापारियों का बड़ा आंदोलनात्मक स्वर: विधायक पंकज मलिक को सौंपा मांगों का ज्ञापन, विभागीय दबाव और नोटिसों के खिलाफ उठी आवाज

Muzaffarnagar traders memorandum के जरिए जनपद के व्यापारियों ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय कार्यप्रणाली के खिलाफ संगठित स्वर में अपनी बात रखी है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (रजि.) से जुड़े व्यापारियों ने चरथवाल विधायक पंकज मलिक को ज्ञापन सौंपते हुए नगर निकाय, जीएसटी, खाद्य विभाग, श्रम विभाग और अन्य सरकारी इकाइयों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। इस पहल का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज कराना नहीं, बल्कि व्यापारियों के लिए भयमुक्त और सम्मानजनक कारोबारी माहौल सुनिश्चित करना बताया गया।


🔴 ज्ञापन सौंपने के पीछे व्यापारियों की पीड़ा और चिंता

व्यापारियों ने बताया कि मौजूदा समय में लगातार मिल रहे विभागीय नोटिस, अचानक होने वाले निरीक्षण और कार्रवाई से व्यापारी वर्ग मानसिक और आर्थिक दबाव में है। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट कारणों के भेजे जा रहे नोटिस और बार-बार की जांच प्रक्रिया से व्यापार संचालन बाधित हो रहा है, जिससे न केवल कारोबार प्रभावित हो रहा है बल्कि कर्मचारियों और परिवारों की आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।

Muzaffarnagar traders memorandum में इस बात पर जोर दिया गया कि व्यापारी समाज प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और यदि यही वर्ग असुरक्षित और भयभीत रहेगा तो विकास की गति धीमी पड़ सकती है।


🔴 प्रदेश स्तर पर उठा व्यापारियों का मुद्दा, लखनऊ बैठक का जिक्र

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 08 जनवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में प्रदेशभर से आए व्यापारियों ने एकमत होकर अपनी समस्याएं साझा की थीं। उस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक व्यापारियों की आवाज पहुंचाई जाएगी, ताकि नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर समाधान सुनिश्चित हो सके।

इस रणनीति के तहत Muzaffarnagar traders memorandum को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय समस्याओं को प्रदेश स्तर पर उठाने की कोशिश की जा रही है।


🔴 मुख्य मांगें: कर प्रणाली से लेकर सुरक्षा तक

व्यापारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कई अहम मांगें शामिल की गईं, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • गृहकर और जलकर से जुड़े अनावश्यक नोटिसों पर तत्काल रोक

  • जीएसटी विभाग द्वारा जारी किए जा रहे अस्पष्ट और भ्रमित करने वाले नोटिसों पर नियंत्रण

  • खाद्य विभाग और माप-तौल विभाग की बिना कारण की जा रही कार्रवाई पर लगाम

  • व्यापारियों की आर्थिक स्थिति के अनुरूप सरल और पारदर्शी कर प्रणाली

  • बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना

  • व्यापार से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध और संवाद आधारित समाधान

Muzaffarnagar traders memorandum में इन सभी बिंदुओं को विस्तार से रखते हुए यह भी कहा गया कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई का तरीका सहयोगात्मक होना चाहिए, न कि दंडात्मक।


🔴 भारतीय नववर्ष कार्यक्रमों और स्वदेशी उत्पादों को लेकर विशेष आग्रह

ज्ञापन में 19 मार्च 2026 को प्रस्तावित भारतीय नववर्ष कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि इन आयोजनों में पूर्ण सहयोग दिया जाए और सरकारी परिसरों में स्वदेशी उत्पादों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्थानीय व्यापार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।

व्यापारियों का कहना है कि ऐसे कदम न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे, बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेंगे।


🔴 नगर प्रभारी अंशुमन अग्रवाल का बयान

इस अवसर पर नगर प्रभारी अंशुमन अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी समाज प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था की धुरी है, लेकिन वर्तमान में विभागीय दबाव और लगातार हो रही कार्रवाई से व्यापारी भय और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि व्यापारियों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण नहीं मिलेगा, तो इसका सीधा असर व्यापार, निवेश और रोजगार पर पड़ेगा।

Muzaffarnagar traders memorandum को उन्होंने व्यापारियों की सामूहिक पीड़ा और उम्मीदों का दस्तावेज बताया, जिसे शासन तक पहुंचाना आवश्यक है।


🔴 विधायक पंकज मलिक का आश्वासन

चरथवाल विधायक पंकज मलिक ने व्यापारियों की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि वे इन मुद्दों को शासन स्तर पर उठाकर समाधान का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का उद्देश्य व्यापारियों के साथ सहयोग और संवाद बनाए रखना है, ताकि विकास और कानून-व्यवस्था दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकें।

व्यापारियों ने विधायक के इस आश्वासन को सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही ठोस परिणाम देखने को मिलेंगे।


🔴 बड़ी संख्या में पदाधिकारी और व्यापारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर प्रभारी अंशुमन अग्रवाल, अध्यक्ष जय पाल शर्मा, महामंत्री नीरज बंसल, कोषाध्यक्ष अमित राय जैन, एडवोकेट विपिन मित्तल, प्रमोद त्यागी, विवेक गर्ग, सुभाष मित्तल, प्रवीण धीमान, डॉ. पुनीत सिंघल, धारा सिंह पाल, अविरल मित्तल, मोहम्मद तारिक, नितिन जैन, सचिन जैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में कहा कि व्यापारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी के माध्यम से वे अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा कर सकते हैं।


🔴 व्यापार, प्रशासन और संवाद की जरूरत

Muzaffarnagar traders memorandum ने यह स्पष्ट कर दिया है कि व्यापारियों और प्रशासन के बीच संवाद की खाई को पाटना समय की मांग है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियमों और प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, तो न केवल विवाद कम होंगे बल्कि राजस्व संग्रह और आर्थिक विकास दोनों में वृद्धि होगी।

व्यापारियों ने यह भी कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और सहयोग के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन बदले में उन्हें भी सम्मान और स्पष्टता चाहिए।


मुजफ्फरनगर में व्यापारियों द्वारा सौंपा गया यह ज्ञापन केवल मांगों की सूची नहीं, बल्कि प्रशासन और व्यापार समाज के बीच बेहतर तालमेल की एक मजबूत अपील है। विधायक पंकज मलिक को दी गई इस आवाज में उम्मीद, आक्रोश और विश्वास—तीनों का संगम दिखाई देता है, जो आने वाले समय में जिले के कारोबारी माहौल को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

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