Muzaffarnagar में पुलिस-बदमाश मुठभेड़: वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, गोली लगने के बाद शातिर बदमाश गिरफ्तार, चोरी का सामान बरामद
Muzaffarnagar कोतवाली नगर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। शहर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरे आरोपी को पुलिस ने कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी के मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक पेटीएम मशीन, चोरी की मोटरसाइकिल, अवैध हथियार और वारदात में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद किया गया है। इस कार्रवाई को जिले में वाहन चोरी और मोबाइल चोरी की घटनाओं के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
शाहबुद्दीनपुर रोड पर चेकिंग के दौरान सामने आए संदिग्ध बाइक सवार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जिलेभर में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा तथा कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम शाहबुद्दीनपुर रोड पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी।
चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को दो मोटरसाइकिलें आती दिखाई दीं। पुलिस ने दोनों वाहनों को रुकने का संकेत दिया, लेकिन बाइक सवारों ने रुकने के बजाय तेजी से दिशा बदल ली और मिमलाना की ओर जाने वाले रास्ते पर भागने लगे।
पुलिस को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद पीछा शुरू किया गया।
भागते समय आपस में टकराईं बाइक, फिर शुरू हुआ मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार पीछा किए जाने के दौरान दोनों मोटरसाइकिलें कुछ दूरी पर जाकर अनियंत्रित हो गईं और आपस में टकरा गईं। टक्कर लगने के बाद दोनों बाइक सवार वाहन छोड़कर मौके से भागने लगे।
बताया गया कि भागते समय आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। अचानक हुई फायरिंग से कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने संयम बनाए रखा और आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी।
अधिकारियों के मुताबिक चेतावनी के बावजूद आरोपियों ने फायरिंग बंद नहीं की, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ शातिर बदमाश
पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान एक आरोपी मुकेश ठाकुर घायल हो गया। गोली उसके पैर में लगने के बाद वह आगे भाग नहीं सका और पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
घायल आरोपी को प्राथमिक सुरक्षा प्रदान करते हुए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है।
दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान चलाकर गिरफ्तार कर लिया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने घायल आरोपी की पहचान मुकेश ठाकुर पुत्र लल्लू ठाकुर निवासी गाजीपुर मंडी, पूर्वी दिल्ली के रूप में की है। वहीं दूसरे गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित कश्यप पुत्र उदयवीर कश्यप निवासी खिचड़ीपुर, थाना गाजीपुर मंडी, पूर्वी दिल्ली के रूप में हुई है, जिसका मूल निवास शामली जनपद के गढ़ीपुख्ता क्षेत्र में बताया गया है।
पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों आरोपी चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं।
चोरी के मोबाइल, टैबलेट और पेटीएम मशीन बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। बरामदगी में तीन चोरी के मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक पेटीएम मशीन और एक मोटरसाइकिल शामिल है।
पुलिस का मानना है कि बरामद मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी अथवा आपराधिक गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। इनकी वास्तविक स्वामित्व संबंधी जानकारी जुटाने के लिए विभिन्न थानों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी कई पुराने मामलों के खुलासे में भी मददगार साबित हो सकती है।
चोरी की मोटरसाइकिल और अवैध हथियार भी मिले
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल के अलावा एक अन्य चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इसके साथ ही अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद वाहन किन-किन क्षेत्रों से चोरी किए गए थे और इनका उपयोग किन वारदातों में किया गया था।
पुलिस का मानना है कि आरोपियों का नेटवर्क केवल वाहन चोरी तक सीमित नहीं हो सकता और पूछताछ में अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आ सकती है।
दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सक्रिय नेटवर्क की आशंका
गिरफ्तार आरोपियों के पते और गतिविधियों को देखते हुए पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं यह गिरोह दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है।
अक्सर वाहन चोरी के मामलों में चोरी किए गए वाहनों को दूसरे जिलों या राज्यों में ले जाकर बेचा जाता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभिन्न एजेंसियों से भी संपर्क कर रही है।
जांच में मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी उपयोग किया जा सकता है।
पुलिस टीम की तत्परता से टली बड़ी वारदात
अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते चेकिंग अभियान के दौरान इन संदिग्धों को नहीं रोका जाता तो वे किसी अन्य आपराधिक वारदात को अंजाम दे सकते थे।
पुलिस की सक्रियता और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया बल्कि चोरी के सामान की बरामदगी भी संभव हो सकी। इससे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिली है।
अपराधियों के खिलाफ लगातार जारी है अभियान
मुजफ्फरनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में वाहन चोरी, लूट, छिनैती और संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार चेकिंग और निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें ताकि अपराधियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके।









