बाबा साहब के नाम पर Jansath में ऐतिहासिक सड़क का लोकार्पण, वकील समुदाय का सम्मान और पत्रिका विमोचन
मुजफ्फरनगर। जानसठ (Jansath) में एक ऐतिहासिक दिन था जब जानसठ बार एसोसिएशन ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के नाम पर एक महत्वपूर्ण सड़क का नामकरण किया। यह कदम बाबा साहब के योगदान और उनकी सामाजिक समरसता की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। साथ ही जानसठ (Jansath) बार एसोसिएशन के 50 वर्षों की उपलब्धियों को उजागर करते हुए एक विशेष पत्रिका का भी प्रकाशन किया गया। इस आयोजन में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और सड़क का लोकार्पण तथा पत्रिका का विमोचन किया।
मंत्री अनिल कुमार का संबोधन इस अवसर पर सुनने योग्य था। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के दिखाए मार्ग पर चलकर ही समाज की असली उन्नति संभव है। उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा, और समाज के लिए समर्पण का आदर्श है। उनका मानना था कि समाज के प्रत्येक वर्ग का उत्थान किया जाए, चाहे वह किसी भी जाति या समुदाय से हो। मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि उनका यह प्रयास है कि वे बाबा साहब के विचारों को समाज में और खासकर वकील समुदाय में फैलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
सड़क का नामकरण और पत्रिका विमोचन: एक ऐतिहासिक पल
इस अवसर पर जानसठ (Jansath) बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत और महासचिव दीपेश गुप्ता ने मंत्री अनिल कुमार का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान और आयोजन केवल जानसठ बार एसोसिएशन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। अजय पंत ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से हम न केवल बाबा साहब के योगदान को सम्मानित कर रहे हैं, बल्कि अपने समाज के समग्र विकास की दिशा में भी एक ठोस कदम उठा रहे हैं।
पत्रिका का विमोचन भी एक अहम घटना थी, जो वकील समुदाय के लिए एक अमूल्य धरोहर साबित होगी। इस पत्रिका में न केवल जानसठ बार एसोसिएशन के इतिहास को समेटा गया है, बल्कि इसके माध्यम से वकीलों के हितों को लेकर विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया है। मंत्री अनिल कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से वकील समुदाय की आवाज़ को और मजबूती मिलेगी और उनके अधिकारों का संरक्षण होगा।
समाजवादी दृष्टिकोण और वकीलों का समर्थन
मंत्री अनिल कुमार ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यह भी कहा कि वकील समाज के सबसे महत्वपूर्ण अंग होते हैं। उनके संघर्षों और उनके योगदान के बिना न्याय प्रणाली का सही तरीके से संचालन असंभव है। मंत्री ने यह भी कहा कि वकील समुदाय के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने जानसठ बार एसोसिएशन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और वादा किया कि वे हमेशा वकील समुदाय के लिए अपना समर्थन प्रदान करेंगे।
इस दौरान मंत्री अनिल कुमार ने यह भी कहा कि उनके पास दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मिलने का कार्यक्रम था, लेकिन राहुल गोयल एडवोकेट की वजह से उन्होंने अपना कार्यक्रम पहले से ही बदल दिया। उन्होंने राहुल गोयल को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस अवसर पर उनके द्वारा निर्धारित कार्यक्रम को स्थगित कर वे इस ऐतिहासिक आयोजन में शिरकत कर पाए।
कार्यक्रम के प्रमुख हस्तियां और समर्पित लोग
जानसठ (Jansath) कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख लोग मौजूद थे जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। जानसठ बार एसोसिएशन के संरक्षक प्रदीप गोयल, पूर्व अध्यक्ष हसीन हैदर, प्रदीप गर्ग, अचल गोयल, अनुज कंसल, अनुज गोयल, योगेश गुर्जर, सुरेंद्र कुमार, लक्ष्मीकांत, आरिफ, मेहंदी, मित्रसेन ठाकुर, अजय पाल और अन्य प्रमुख वकील इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने मंत्री अनिल कुमार का सम्मान किया।
आने वाले दिनों में इस तरह के आयोजनों की उम्मीदें
यह आयोजन न केवल एक ऐतिहासिक घटना थी, बल्कि यह एक संदेश भी था कि समाज और वकील समुदाय के बीच सहयोग और एकता की आवश्यकता है। बाबा साहब के विचारों को हम सभी को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए और उनके दिखाए रास्ते पर चलकर हम अपने समाज को और देश को उन्नति के मार्ग पर ले जा सकते हैं।
जानसठ (Jansath) बार एसोसिएशन ने इस आयोजन के माध्यम से न केवल बाबा साहब को सम्मानित किया, बल्कि वकील समुदाय को भी एक नई दिशा देने की कोशिश की। आने वाले दिनों में ऐसे और आयोजनों की उम्मीदें जताई जा रही हैं, जो समाज में समानता और न्याय के सिद्धांतों को आगे बढ़ाएंगे।
इस आयोजन के माध्यम से यह भी साबित हुआ कि समाज के प्रत्येक वर्ग का उत्थान और वकील समुदाय के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जानसठ बार एसोसिएशन की यह पहल निश्चित रूप से एक प्रेरणा बनकर उभरेगी और अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के आयोजन होने की संभावना बढ़ेगी।

