Pakistan-ताज़ा बड़ी खबर: बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर बम धमाका, दहशत में लोग – सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ट्रेन पलटने का वीडियो🔥
Pakistan के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को जाफर एक्सप्रेस पर हुए बम धमाके ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। यह ट्रेन क्वेटा की ओर जा रही थी और जैसे ही यह मस्तुंग जिले के स्पिजेंड इलाके से गुजरी, रेलवे ट्रैक पर लगाए गए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) में विस्फोट हो गया। इस भीषण धमाके में करीब 12 यात्री घायल हो गए और ट्रेन की छह बोगियां पटरी से उतर गईं, जिनमें से एक बोगी पलट भी गई। ट्रेन में कुल 270 यात्री सवार थे।
सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे डिब्बे पटरी से उतरने के बाद तिरछे होकर पलटे पड़े हैं। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन लोगों में डर का माहौल साफ झलक रहा है।
⚡ BREAKING: Six coaches of Jaffar Express derailed after an IED explosion in Dasht area, Mastung, occupied Balochistan, local media reports. More details awaited pic.twitter.com/PcoX5nVLdI
— OSINT Updates (@OsintUpdates) September 23, 2025
दस घंटे में दो धमाके, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है क्योंकि 10 घंटे के भीतर यह दूसरा धमाका था। सुबह भी एक धमाका क्वेटा स्टेशन से निकली जाफर एक्सप्रेस के ट्रैक पर हुआ था, जिसे साफ करने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ने दिया गया था। यह सवाल खड़ा करता है कि सुरक्षा एजेंसियों की जांच-पड़ताल कितनी कारगर है।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि ट्रेन पूरी रफ्तार से चल रही होती तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया और रेलवे ट्रैक को जल्द बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया।
रेलवे ट्रैक पर IED लगाकर किया गया हमला
स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की है कि यह धमाका IED के जरिए किया गया। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि बोगियों के पटरी से उतरने की वजह से कई यात्री हल्के-फुल्के घायल हो गए।
रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। लोगों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि आस-पास के गांवों तक आवाज सुनाई दी।
मार्च में भी जाफर एक्सप्रेस पर हुआ था हमला
याद दिला दें कि यह पहला मौका नहीं है जब जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया। मार्च 2025 में भी इस ट्रेन को बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाकों ने गुडालार और पीरू कुनरी के बीच रोक लिया था।
उस वक्त ट्रेन में 400 से ज्यादा यात्री थे, जिनमें कई सैन्यकर्मी भी शामिल थे। सेना और विद्रोहियों के बीच 40 घंटे तक संघर्ष चला था। सेना ने दावा किया था कि 33 लड़ाकों को मार गिराया गया था, जबकि बलूच लड़ाकों ने कहा था कि उन्होंने 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान की हालत बिगड़ी
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन गया है। 2024 में यह चौथे स्थान पर था।
TTP के हमलों में 90% वृद्धि हुई है।
BLA के हमले 60% बढ़े हैं।
IS-K अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बना रहा है।
सबसे ज्यादा हमले खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हो रहे हैं। रिपोर्ट बताती है कि देशभर में हुए कुल आतंकी हमलों में से 90% इन्हीं इलाकों में होते हैं।
आतंकियों के निशाने पर ट्रेनें क्यों?
विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी संगठन ट्रेन और रेलवे ट्रैक को इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि यह एक आसान टारगेट है और इसका असर सीधे आम जनता पर पड़ता है। यात्रियों में डर फैलाना और देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना ही इसका मुख्य उद्देश्य है।
सरकार और सेना के लिए बड़ी चुनौती
अब सवाल यह है कि पाकिस्तान सरकार और सेना इस बढ़ते आतंकी खतरे से कैसे निपटेगी। बार-बार ट्रेन को निशाना बनाए जाने से यह साफ हो गया है कि सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां हैं।
लोगों में गुस्सा और डर का माहौल
मस्तुंग के स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाके के बाद से इलाके में खौफ का साया है। लोग ट्रेनों में यात्रा करने से डर रहे हैं।
जाफर एक्सप्रेस पर हुआ यह धमाका एक बार फिर इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान में आतंकवाद अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है। सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएंगी या फिर यह सिलसिला आगे भी चलता रहेगा।

