Jamiat Ulama e Hind के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से शास्त्रार्थ के लिए दारुल उलूम देवबंद को कूच
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) । सोमवार को स्वामी यशवीर महाराज अपने भक्तों के साथ जीआईसी मैदान में एकत्रित हुए और Jamiat Ulama e Hind के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से शास्त्रार्थ के लिए दारुल उलूम देवबंद को कूच किया।
दिल्ली के रामलीला मैदान में Jamiat Ulama e Hind अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कुछ दिन पहले आयोजित कांफ्रेंस में बयान दिया था। जिसे स्वामी यश्वीराश्रम महाराज ने खारिज कर दिया। उन्होंने सोमवार को मौलाना मदनी से शास्त्रार्थ के लिए देवबंद के लिए कूच किया। आरोप लगाया कि मौलाना मदनी का कथन षडयंत्र के तहत दिया गया है। जिसे वह चुनौती देते हैं।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पर टिप्पणी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि मौलाना अरशद मदनी की टिप्पणी सनातन धर्म की मर्यादा के खिलाफ है और पूरी तरह से इतिहास के तथ्यों से विपरीत है। यश्वीर महाराज ने कहा कि पूरा भारत ही नहीं विश्व जानता है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में मौलाना अरशद मदनी ने सनातन धर्म पर आघात किया।
उन्होंने कहा कि वह जिस पद पर मौलाना अरशद मदनी है उस पद पर उन्हें ऐसी बाते नहीं करनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने षडयंत्र के तहत देवी-देवताओं के विरुदघ्ध टिप्पणी की। उसी बात को देखते हुए उन्हें शास्त्रार्थ की चुनौती दी गई। कहा कि उनके साथ वेद शास्त्र और ऋषियों के वचन होंगे। उन्होंने कहा कि मौलाना मदनी से कहेंगे कि जो बातें रामलीला मैदान दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कही हैं उन्हें उनके और अपने धर्म ग्रंथों में दिखाईये। यशवीर महाराज ने कहा कि मौलाना मदनी से यह भी कहेंगे कि बाते कही गई हैं उनके आधार पर देश और विश्व से माफी मांगे।
अरशद मदनी से व्यक्तिगत द्वेष नहीं
उन्होंने कहा कि अरशद मदनी से उनका कोई भी व्यक्तिगत मतभेद नहीं। वैदिक धर्म की विचारधारा के आधार पर उनसे शास्त्रार्थ करना है। उन्होंने कहा कि वह देवबंद दारुल उलूम शांति से जाएंगे और शांति के साथ ही वापस आएंगे।

