RaeBareli में पागल कुत्ते के काटने से गाय की मौत, दूध पीने वाले 12 लोगों को लगा एंटी रैबीज इंजेक्शन
RaeBareli के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में एक गाय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि गाय को करीब एक सप्ताह पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद परिवार लगातार उसका दूध पीता रहा। कुछ दिनों बाद गाय में रेबीज जैसे लक्षण दिखाई देने लगे और अंततः उसकी मौत हो गई।
गाय की मौत के बाद परिवार और गांव में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर गाय का दूध पीने वाले परिवार के 12 सदस्यों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी रैबीज वैक्सीन लगवानी पड़ी।
पागल कुत्ते के काटने के बाद शुरू हुई थी परेशानी
जानकारी के अनुसार शिवगढ़ थाना क्षेत्र के थरी गांव निवासी प्रेम शंकर की दुधारू गाय को करीब एक सप्ताह पहले एक संदिग्ध पागल कुत्ते ने काट लिया था।
परिवार के लोगों ने शुरुआत में इसे सामान्य घटना समझा और गाय को वेटरिनरी डॉक्टर को दिखाकर घाव पर दवा लगवा दी। इसके बाद भी गाय का दूध घर के लोग पीते रहे।
हालांकि कुछ दिनों बाद गाय के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई देने लगा। परिवार के अनुसार गाय पानी देखकर उग्र हो जाती थी और बेचैनी में इधर-उधर भागने लगती थी। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे लक्षण रेबीज संक्रमण यानी हाइड्रोफोबिया से जुड़े हो सकते हैं।
गाय का वीडियो वायरल, शाम तक हो गई मौत
स्थानीय लोगों के अनुसार गाय के उग्र व्यवहार का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में गाय बेचैन और असामान्य स्थिति में दिखाई दे रही थी।
बताया गया कि मंगलवार शाम तक गाय की हालत और बिगड़ गई और तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोगों में डर का माहौल बन गया।
गांव में भी यह खबर तेजी से फैल गई कि गाय में रेबीज जैसे लक्षण थे और परिवार उसके दूध का सेवन कर रहा था। इससे पूरे इलाके में चिंता बढ़ गई।
डर के बीच परिवार भागकर पहुंचा अस्पताल
गाय की मौत के अगले ही दिन प्रेम शंकर अपने परिवार के सदस्यों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों को पूरी घटना की जानकारी दी।
किसान प्रेम शंकर ने बताया कि गाय की मौत के बाद पूरा परिवार घबरा गया था। डॉक्टरों ने संभावित खतरे को देखते हुए परिवार के 12 सदस्यों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई।
उन्होंने बताया कि परिवार के कुछ सदस्य बाहर भी हैं, जिन्हें सूचना दे दी गई है कि वे भी जल्द से जल्द टीकाकरण करवा लें।
डॉक्टरों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
Prem Sharan, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि गाय को कुत्ते ने काटा था और बाद में उसमें रेबीज संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दिए थे।
उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर पूरे परिवार का टीकाकरण किया गया है। डॉक्टरों ने परिवार को सलाह दी है कि टीकाकरण की पूरी डोज समय पर लें और तब तक चिकित्सकीय निगरानी में रहें।
डॉक्टरों की एक टीम परिवार की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखेगी।
रेबीज संक्रमण को लेकर डॉक्टरों ने दी अहम जानकारी
विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज एक बेहद खतरनाक वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर संक्रमित जानवर के काटने से फैलता है।
डॉक्टरों के अनुसार यदि किसी जानवर में रेबीज के लक्षण दिखाई दें, तो उसके संपर्क में आने वाले लोगों को तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। संक्रमित पशु के दूध के सेवन को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने से संक्रमण के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।
गांव में फैला डर, पशुपालकों में चिंता
घटना के बाद थरी गांव और आसपास के क्षेत्रों में पशुपालकों के बीच डर का माहौल है। कई लोग अब अपने पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच को लेकर सतर्क हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में आवारा और संदिग्ध कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे पशुओं और लोगों दोनों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से की जागरूक रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी पशु को संदिग्ध कुत्ता काट ले, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
विशेषज्ञों ने कहा कि संक्रमित जानवर के व्यवहार में अचानक बदलाव, पानी से डरना और अत्यधिक आक्रामकता जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।

