Rampur: Azam Khan समेत अन्य, पर गवाहों को धमकाने का केस दर्ज,अब्दुल्ला ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की
Azam Khan के खिलाफ जिला रामपुर के थाना कोतवाली में एक मामला दर्ज किया गया है। इस एफआईआर में सपा विधायक आजम खान के अलावा 5 अज्ञात के नाम दर्ज हैं। सपा नेता पर दर्ज एक मुकदमे में गवाह को धमकाने का आरोप है। आजम खान पर दर्ज एफआईआर में धारा 147,195A, 506 ओर 120B लगाया गया है।
आजम खान के ऊपर पहले भी कई मामले दर्ज हुए थे। कई मामले अभी भी अदालतों में विचाराधीन हैं। इतना ही आजम खान अपने बयानों को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। रामपुर शहर कोतवाली के बेरियान मोहल्ले में नन्हे नाम का शख्स रहता है। नन्हे ने कोतवाली में एक रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट में शिकायतकर्ता ने समाजवादी पार्टी विधायक आजम खान सहित पांच अन्य लोगों पर धमकाने का आरोप लगाया है। दर्ज FIR में कहा गया है, कि वह एक केस में वादी है। उस मामले में आजम खान भी आरोपित हैं। इस मामले में 17 अगस्त यानी आज कोर्ट में सुनवाई होनी है। इससे पूर्व अर्थात बुधवार की सुबह साढ़े 9 बजे के करीब उनके आवास पर 5 अनजान लोग पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘हमें पूर्व मंत्री आजम खान ने भेजा है। तुम्हें कोर्ट में उनके (आजम खान) खिलाफ गवाही नहीं देनी है।
अगर, सही बात कही तो तुम्हारा अंजाम ठीक नहीं होगा’। नन्हे की तरफ से शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर लिया गया है।नन्हे बताते हैं साल 2019 में शहर कोतवाली में एक केस दर्ज कराया था। दरअसल, नन्हे का यतीमखाना में मकान था। प्रदेश में समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान उसे तोड़ दिया गया।
जिसके बाद आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने रामपुर पब्लिक स्कूल का निर्माण शुरू करा दिया। तभी यतीमखाना के 11 लोगों ने केस दर्ज कराया था। जिसमें मकान तोड़ने के साथ-साथ भैंस चोरी और बकरी चोरी के आरोप भी लगे। आपको बता दें कि, बाद में यह मामला मीडिया में सुर्ख़ियों में रहा था।
आजम खान पर दर्ज मुकदमों को लेकर आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम ने रामपुर के एसपी अशोक कुमार से मुलाकात की. अब्दुल्ला ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. एसपी से मुलाकात के बाद आजम खान ने मीडिया से भी बातचीत की.
अब्दुल्ला आजम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी तीन साल पहले एक तमाशा चला था और रामपुर में भैंस चोरी, मुर्गी चोरी, बकरी चोरी के तमाम मुकदमे आजम खान साहब और मेरे परिवार पर दर्ज किए गए थे. उन सभी का ट्रायल रामपुर में चल रहा है
लेकिन अब अचानक खबर आ रही है कि भैंस और बकरी चोरी के एक वादी, उन्होंने यह एफआईआर दर्ज कराई है कि आजम खान साहब चार पांच लोग आए और उन्हें धमकी दी. जो आदमी अभी दस पन्द्रह दिन मेदांता हॉस्पिटल में रहकर आये हों, अभी भी जिन्दगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हों, वो भला किसी को क्या धमकी देंगे? क्या यह मुमकिन है?

