सपा नेता Azam Khan को फिर मिली Y कैटेगरी की सुरक्षा
Azam Khan को दोबारा वाई श्रेणी की सुरक्षा मिल गई है. रामपुर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की सिफारिश पर वाई कैटेगरी की सुरक्षा मुहैया कराई गई. कल उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा विभाग ने आजम खान को झटका देते हुए वाई श्रेणी की सुरक्षा हटा लिया था.
पत्र के मुताबिक आजम खान को वाई श्रेणी की सुरक्षा बनाए रखने का औचित्य नजर नहीं आता है. वीवीआईपी को सुरक्षा दिए जाने के संबंध में बैठक 8 नवंबर 2022 को हुई थी. बैठक में आजम खान की सुरक्षा पर फैसला लिया गया. वाई सुरक्षा कवच के तहत वीवीआईपी को कुल 11 जवान मिलते हैं हैं. सुरक्षा घेरे में दो कमांडो और दो पीएसओ भी होते हैं.
पूर्व मंत्री आजम खान को मिली थी वाई श्रेणी की सुरक्षा
यूपी पुलिस सुरक्षा विभाग की ओर से निर्देश जारी
राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक के बाद एसपी रामपुर को निर्देश#आजमखान की वाई श्रेणी सुरक्षा हटाकर मुख्यालय को अवगत कराने के निर्देश
— News & Features Network (@newsnetmzn) July 14, 2023
लोकसभा चुनावों को देखते हुए आजम खान एक्टिव मोड में आ गए हैं. स्वास्थ्य लाभ के बाद आजम खान पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं. मंगलवार को अखिलेश यादव के ‘माई’ समीकरण को आजम खान धार देते नजर आए थे. उन्होंने लखनऊ में अखिलेश यादव के साथ दो घंटे से ज्यादा समय बिताया. बताया गया कि दोनों नेताओं की मुलाकात सौहाद्रपूर्ण माहौल में हुई. बैठक का प्रमुख एजेंडा संगठन की मजबूती और लोकसभा चुनाव की रणनीति रहा.
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव मलिहाबाद आम की दावत खाने रवाना हो गए. दावत में बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ आजम खान भी नजर आए. रामपुर में आजम खान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर 2024 के आम चुनाव की जमीन तैयार कर रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था की श्रेणियां प्रमुख तौर पर छह तरह की होती हैं. बोलचाल की भाषा में एक्स श्रेणी, वाई और वाई प्लस श्रेणी, जेड श्रेणी और जेड प्लस श्रेणी के तौर पर जाना जाता इसके अलावा एसपीजी की भी सुरक्षा होती है. वाई कैटेगरी की सुरक्षा वापस मिलना आजम खान के लिए राहत की खबर है.
बता दें कि 8 नवंबर 2022 VIP सुरक्षा मुहैया कराए जाने के लिए राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की एक बैठक हुई थी. इस बैठक में यह फैसला लिया गया था कि आजम खान को अब सुरक्षा देने का कोई औचित्य नहीं है. जिसके बाद गृह विभाग की तरफ से रामपुर एसपी को इस बाबत निर्देशित किया गया. जिसके बाद आजम खान की सुरक्षा में तैनात सभी गनर और गार्ड वापस बुला लिए गए हैं.
Azam Khan की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पहले हेट स्पीच केस में सजायाफ्ता होने पर विधायकी गई. उसके बाद अब एक और हेट स्पीच मामले में आरोप तय हो चुके हैं, जबकि बेटे अब्दुल्ला आजम के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में भी सुनवाई आखिरी दौर में हैं. ऐसे में कई कानूनी मसलों में फंसे आजम की राह आसान नहीं दिखती.

