Ramayana में छुपे दस रहस्य (hidden facts) , जिनसे हम अपरिचित हैं?
Ramayana का वाचन करने वाले पहले वाचक कोई और नहीं बल्कि स्वयं भगवान श्री राम के पुत्र लव और कुश थे | जिन्होंने रामकथा स्वयं अपने पिता श्री राम के आगे गायी थी |
Read more...Ramayana का वाचन करने वाले पहले वाचक कोई और नहीं बल्कि स्वयं भगवान श्री राम के पुत्र लव और कुश थे | जिन्होंने रामकथा स्वयं अपने पिता श्री राम के आगे गायी थी |
Read more...Chaitra Navratri 2022: नारियल को लाल कपड़े में लपेट कर मौली बांध दें। इस नारियल को कलश पर रखें। नारियल का मुँह आपकी तरफ होना चाहिए। यदि नारियल का मुँह ऊपर की तरफ हो तो उसे रोग बढ़ाने वाला माना जाता है। नीचे की तरफ हो तो शत्रु बढ़ाने वाला मानते है , पूर्व की और हो तो धन को नष्ट करने वाला मानते है।
Read more...Chaitra Navratri वर्ष के चार नवरात्रों (Chaitra Navratri) में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक नौ दिन के होते हैं, परंतु प्रसिद्धि में चैत्र और आश्विन के नवरात्र ही मुख्य माने जाते हैं। इनमें भी देवीभक्त आश्विन के नवरात्र अधिक करते हैं। इनको यथाक्रम वासन्ती और शारदीय नवरात्र भी कहते हैं।
Read more...Astro Care: जातक यदि मंगलवार को कार्यालय आते समय किसी हनुमान जी के मंदिर में दर्शन कर उनके बाएं पैर से सिंदूर लेकर स्वयं के तिलक करे तो अत्यंत लाभदायक होता है। (Tone-Totke) माह में एक सोमवार को तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें कुछ साबुत नमक डालकर रखें तथा अगले दिन मंगलवार को दिन के 2:00 बजे से पहले वह जल व्यवसाय स्थल की दीवारों पर छिड़क दें।
Read more...Kharmas 2022: माना जाता है कि इस माह में सूर्यदेव के रथ को घोड़े नहीं खींचते हैं। संस्कृत में गधे को खर कहा जाता है। अत: इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
Read more...मध्यम Nakshatra के तहत वह नक्षत्र आते हैं जिसमें आम तौर पर कोई विशेष या बड़ा काम करना उचित नहीं, लेकिन सामान्य कामकाज के लिहाज से कोई नुकसान नहीं होता। इनमें जो नक्षत्र आते हैं वो हैं पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा, पूर्वाभाद्रपद, विशाखा, ज्येष्ठा, आर्द्रा, मूला और शतभिषा।
Read more...Vedic astrology: जब परिवार के किसी सदस्य की स्वाभाविक मृत्यु न हो या परिवार का कोई सदस्य कुंवारा रहते हुए ही मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। इस प्रकार के व्यक्ति अतृप्त आत्मा के रूप में विचरते है, और परिवार से अपने लिए हक की मांग करते हैं।
Read more...Astrology: यदि जन्मकुण्डली में सूर्य के दोनों ओर (द्वितीय तथा द्वादश भाव में) चन्द्रमा के अतिरिक्त अन्य ग्रह स्थित हो तो उभयचरी-योग बनता है। शुभग्रह हो तो शक्ति न्याय करने वाला तथा प्रत्येक स्थिति को सहन करने में समर्थ होता है।
Read more...Temple Vastu Tips: Puja Ghar किसी ओर दिशा में हो तो पानी पीते समय मुंह ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें। पूजाघर के ऊपर या नीचे की मंजिल पर शौचालय या रसोईघर नहीं होना चाहिए, न ही इनसेसटा हुआ।
Read more...Garud Puran: उस पिंडदान के प्रतिदिन चार भाग हो जाते हैं। उसमें दो भाग तो पंचमहाभूत देह को पुष्टि देने वाले होते हैं, तीसरा भाग यमदूत का होता है तथा चौथा भाग प्रेत खाता है। नवें दिन पिंडदान करने से प्रेत का शरीर बनता है।
Read more...Shanidev: शनिवार के दिन पीपल की पूजा करने से शनिदेव से जुड़े कष्टों से व्यक्ति को मुक्ति मिलती है. शनिदेव से खुद कहा है कि जो भी व्यक्ति पीपल की पूजा करेगा, पीपल को स्पर्श करेगा, उसके सारे मनोरथ सिद्ध होंगे. उसे कभी शनि से जुड़े कष्ट नहीं झेलने पड़ेंगे.
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