Sonbhadra News: जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों का प्रतीकात्मक पुतला दहन करते हुए किसानों को न्याय दिलाने की मांग
Sonbhadra News: पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच और पूर्वांचल नव निर्माण मंच के बैनर तले किसानों ने जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों का प्रतीकात्मक पुतला दहन करते हुए लखीमपुर खीरी कांड के शिकार किसानों को न्याय दिलाने की मांग की। दोषपूर्ण कृषि कानून की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनन गारंटी की मांग करते हुए कृषि कानून वापस लिए जाने तक आवाज उठाते रहने का एलान भी किया गया।
पूर्वांचल नव निर्माण मंच के जिलाध्यक्ष रमाकांत तिवारी और किसान नेता अभय पटेल की अगुवाई में किसानों का जत्था भवानी गांव के पास राबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग से जुड़े चौराहे पर पहुंचा और नारेबाजी करते हुए पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया । किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की मांग जायज तो है ही ।
किसान हित मे जरुरी भी है। बगैर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनन गारंटी सुनिश्चित हुए, किसानों की आय दोगुनी करने की कल्पना बेमानी है । किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के पास किसानों की जायज मांग मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक दोषपूर्ण कृषि कानून के विरोध में स्वर उठते रहेंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि पूर्वांचल नव निर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी तथा गिरीश पाण्डेय को एक दिन पहले ही पुलिस के जरिए नजरबंद करवा दिया गया था।
इस कारण मुख्यालय पर होने वाला पुतला दहन कार्यक्रम स्थगित कर, गांव के चौराहे पर पुतला दहन किया गया। उधर, नजरबंदी के मसले पर पूर्वांचल नव निर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन से भयभीत है।
बल पूर्वक आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। मंच के नेता गिरीश पांडेय ने कहा कि जब तक किसानों की आवाज सुन नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन व प्रदर्शन का क्रम बना रहेगा। ओमप्रकाश देव, कृष्ण कुमार देव, लवकुश पांडेय, घनश्याम देव, सदायतन पाण्डेय, सुभाष चौहान, प्रबल पटेल आदि ने भी कृषि कानून के मसले पर आवाज बुलंद की।

