फांसी की सजा

Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

27 साल पुराने अपहरण-हत्या केस में बड़ा फैसला! Muzaffarnagar कोर्ट ने शाहनवाज को सुनाई फांसी की सजा, 48 दिन तक बंधक रहा था कारोबारी

Muzaffarnagar के 27 साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-3 का फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का अहम पड़ाव है। अदालत ने आरोपी शाहनवाज को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। मामला 9 दिसंबर 1999 को शुरू हुआ था, जब तमंचों के बल पर हारुन और मुकर्रम का अपहरण किए जाने का आरोप लगा था। मुकर्रम बाद में लौट आया, जबकि हारुन करीब 48 दिन तक बंधक रहा और उसके बदले पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। 19 जनवरी 2000 को फिरौती की व्यवस्था के सिलसिले में गए हारुन के पिता सालिम को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया और 25 जनवरी को उनकी हत्या कर दी गई। करीब तीन दशक बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की भावना जरूर पैदा हुई है, हालांकि मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील के कानूनी रास्ते अभी महत्वपूर्ण रहेंगे।

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वैश्विक

सीरिया में असद परिवार का हिसाब: Bashar Al Assad और माहेर को फांसी की सजा, 53 साल पुराने शासन के अंत के बाद आया बड़ा फैसला

Bashar Al Assad उनके भाई माहेर अल-असद और रिश्तेदार अतीफ नजीब को गृहयुद्ध के दौरान हत्या और अत्याचार से जुड़े मामलों में फांसी की सजा सुनाई है। बशर और माहेर दिसंबर 2024 में सरकार गिरने के बाद रूस चले गए थे, जबकि अतीफ नजीब जनवरी 2025 में गिरफ्तार किए गए और अदालत में पेश हुए। हालांकि बशर और माहेर के खिलाफ सजा सुनाया जाना ऐतिहासिक घटनाक्रम है, लेकिन रूस में उनकी मौजूदगी के कारण फैसले को व्यवहार में लागू करना एक अलग और जटिल सवाल रहेगा। सीरिया के लिए असली चुनौती अब केवल पुराने शासन के कथित अपराधों का हिसाब करना नहीं, बल्कि युद्ध से तबाह देश में कानून का शासन, जवाबदेही, पुनर्निर्माण और राजनीतिक स्थिरता कायम करना भी है।

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